अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd.) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कच्छ कॉपर लिमिटेड (Kutch Copper Limited – KCL) ने प्रणीता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (Praneetha Ventures Private Limited) के साथ एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture – JV) स्थापित किया है। इस नई कंपनी का नाम प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड (Praneetha Ecocables Limited – PEL) रखा गया है।
संयुक्त उद्यम की स्थापना और पूंजी संरचना
यह संयुक्त उद्यम 19 मार्च 2025 को औपचारिक रूप से गठित किया गया, जिसमें कच्छ कॉपर लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की 50% हिस्सेदारी होगी। प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड मुख्य रूप से मेटल प्रोडक्ट्स, वायर और केबल के निर्माण, विपणन और वितरण में कार्य करेगा।
संयुक्त उद्यम की अधिकृत और चुकता पूंजी ₹10 लाख रखी गई है, जिसे ₹10 प्रति शेयर की दर से 1,00,000 इक्विटी शेयरों में विभाजित किया गया है। कच्छ कॉपर लिमिटेड ने इस नई कंपनी को अहमदाबाद के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (Registrar of Companies – ROC) में पंजीकृत कराया है।
अडानी एंटरप्राइजेज के वित्तीय प्रदर्शन पर प्रभाव
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की दिसंबर तिमाही (Q3 FY25) की वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की राजस्व आय में 8.8% की गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर 2023 में यह ₹25,050 करोड़ थी, जो दिसंबर 2024 में घटकर ₹22,848 करोड़ रह गई।
- EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) में 4.8% की गिरावट आई और यह ₹3,069.4 करोड़ रहा।
- EBITDA मार्जिन 12.9% से बढ़कर 13.4% हो गया, जो संचालन में कुछ सुधार को दर्शाता है।
- वित्तीय लागत (Finance Cost) ₹596.6 करोड़ से बढ़कर ₹2,141.3 करोड़ हो गई, जिससे वित्तीय दबाव स्पष्ट होता है।
- मूल्यह्रास लागत (Depreciation Cost) ₹760 करोड़ से बढ़कर ₹1,005.6 करोड़ हो गई, जो अधिक परिसंपत्तियों से जुड़े खर्चों का परिणाम है।
फॉरेक्स और कर व्यय में वृद्धि
- कंपनी ने इस तिमाही में ₹296 करोड़ का फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) नुकसान दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹101 करोड़ का फॉरेक्स लाभ हुआ था। यह मुद्रा लेनदेन में अस्थिरता को दर्शाता है।
- कर व्यय (Tax Expenses) ₹443 करोड़ से बढ़कर ₹588 करोड़ हो गया, जो वित्तीय दबाव को और बढ़ा सकता है।
अडानी एंटरप्राइजेज की रणनीतिक योजना
प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड की स्थापना कच्छ कॉपर लिमिटेड की मेटल और केबल सेक्टर में उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। अडानी एंटरप्राइजेज इस नए कदम के माध्यम से अपने विविधीकरण (Diversification) और विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।
हालांकि, कंपनी को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी यह नई परियोजनाओं और संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से अपनी बाजार स्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)

