चीन की एआई स्टार्टअप कंपनी DeepSeek के कुछ प्रमुख कर्मचारियों को देश से बाहर यात्रा करने से रोका जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के पैरेंट संगठन High-Flyer ने अपने कर्मचारियों के पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं ताकि वे विदेश न जा सकें।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल ही में चीनी सरकार ने एआई शोधकर्ताओं और पेशेवरों को अमेरिका यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया था। सरकार को डर है कि अगर ये पेशेवर विदेश जाते हैं, तो वे व्यापारिक रहस्यों को उजागर कर सकते हैं, जिससे चीन की तकनीकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
सरकार की सख्ती और निगरानी
सूत्रों के अनुसार, चीनी सरकार DeepSeek सहित कई एआई कंपनियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विदेशी निवेशक इन कंपनियों के डेटा और अनुसंधान तक न पहुंच पाएं। DeepSeek के प्रमुख कर्मचारियों को यात्रा करने से रोकना इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।
टेक कंपनियों पर बढ़ती पाबंदियां
चीन ने पहले भी तकनीकी कंपनियों और उनके कर्मचारियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं। 2023 में, बीजिंग ने कुछ साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन कानून लागू किए थे, जिससे विदेशी कंपनियों के साथ डेटा साझा करना कठिन हो गया था। अब, DeepSeek कर्मचारियों पर यात्रा प्रतिबंध यह दर्शाता है कि सरकार एआई तकनीक को लेकर कितनी सतर्क है।
निवेशकों की जांच पड़ताल
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार अब संभावित निवेशकों की कड़ी जांच कर रही है। DeepSeek जैसी कंपनियों में निवेश करने से पहले सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि निवेशक चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा न पैदा करें।
क्या हो सकता है असर?
इस फैसले से चीन की एआई इंडस्ट्री में काम करने वाले पेशेवरों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। कई एआई विशेषज्ञ जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल होना चाहते हैं, वे अब यात्रा प्रतिबंधों के कारण ऐसा नहीं कर पाएंगे।
चीन की यह नीति दर्शाती है कि सरकार तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर बेहद सतर्क है और वह नहीं चाहती कि एआई तकनीक से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी विदेशी कंपनियों या देशों के हाथ लगे।

