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भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र को वित्त वर्ष 2026 में 4-6% राजस्व वृद्धि की उम्मीद: ICRA रिपोर्ट

नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, अमेरिकी व्यापार शुल्क और अमेरिका तथा यूरोप में मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियों के कारण भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र की वृद्धि पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। आईसीआरए (ICRA) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के लिए भारतीय आईटी सेवा उद्योग की राजस्व वृद्धि 4-6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

यह अनुमान वित्त वर्ष 2025 के लिए अनुमानित 3-5 प्रतिशत वृद्धि से थोड़ा बेहतर है। आईसीआरए ने कहा कि भारतीय आईटी सेवा कंपनियों के एक नमूने पर आधारित विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि यह क्षेत्र मध्यम दर्जे की वृद्धि दर्ज करेगा। आईसीआरए के इस नमूने में उन कंपनियों को शामिल किया गया है जो इस उद्योग की कुल राजस्व का लगभग 60 प्रतिशत योगदान देती हैं।

आईसीआरए रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:

आईसीआरए के उपाध्यक्ष और सेक्टर प्रमुख, दीपक जोटवानी ने कहा, “आईसीआरए वित्त वर्ष 2026 में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 4-6 प्रतिशत की मध्यम वृद्धि का अनुमान लगा रहा है, जो वित्त वर्ष 2025 के अनुमानित 3-5 प्रतिशत वृद्धि से थोड़ी बेहतर होगी। अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय आईटी सेवा कंपनियों के लिए प्रमुख क्षेत्रों में की गई नीतिगत परिवर्तन और ब्याज दरों की भविष्य की दिशा इस उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पहलू बने रहेंगे।”

आईटी सेक्टर के सामने प्रमुख चुनौतियाँ

भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र के सामने कुछ बड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अमेरिका और यूरोप में मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं के चलते कई कंपनियाँ अपने आईटी खर्च को नियंत्रित कर रही हैं। साथ ही, अमेरिका में नई नीतियों और व्यापार शुल्कों के कारण भारतीय आईटी कंपनियों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, भारतीय आईटी कंपनियों ने डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों में निवेश बढ़ाकर अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखी है।

भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र को निकट भविष्य में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ICRA की रिपोर्ट संकेत देती है कि वित्त वर्ष 2026 में उद्योग की वृद्धि 4-6 प्रतिशत तक हो सकती है। यह वृद्धि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नई तकनीकों और वैश्विक बाजार में अनुकूल परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

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