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माइक्रोसॉफ्ट का नया क्वांटम चिप ‘Majorana 1’: क्या है खास और कैसे बदलेगा भविष्य?

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने नए क्वांटम चिप Majorana 1 की घोषणा की है, जो पहले से ज्यादा स्थिर और स्केलेबल क्यूबिट्स (Qubits) प्रदान करता है। क्यूबिट्स ही क्वांटम कंप्यूटर का आधार होते हैं।

Majorana 1: क्वांटम कंप्यूटिंग में बड़ा कदम

माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि उसने एक पूरी तरह से नया क्वांटम कण (Quantum Particle) तैयार किया है, जिसे “Majorana” कहा जाता है। इस तकनीकी सफलता को क्वांटम कंप्यूटिंग के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह चिप जटिल गणनाओं को हल करने के लिए वर्षों के बजाय केवल कुछ सालों में उपयोगी क्वांटम कंप्यूटर बनाने में मदद करेगी।

कंपनी ने कहा, “जिस तरह से सेमीकंडक्टर्स ने स्मार्टफोन्स, कंप्यूटर्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स को संभव बनाया, वैसे ही टॉपोकंडक्टर्स (Topoconductors) और इनसे बने नए चिप्स भविष्य के क्वांटम सिस्टम को लाखों क्यूबिट्स तक स्केल करने में सक्षम बनाएंगे।”

हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने अभी तक Majorana 1 की परफॉर्मेंस से जुड़ा कोई डेटा साझा नहीं किया है।

Majorana 1 की खासियतें

माइक्रोसॉफ्ट पिछले 20 वर्षों से “टॉपोलॉजिकल क्यूबिट्स” (Topological Qubits) विकसित करने के तरीकों पर शोध कर रहा था। ये क्यूबिट्स पारंपरिक क्यूबिट्स की तुलना में अधिक स्थिर होते हैं और इनकी त्रुटि-सुधार (Error Correction) क्षमता बेहतर होती है।

लेकिन, इस तकनीक को विकसित करना आसान नहीं था। माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, “अब तक इस तकनीक में इस्तेमाल होने वाले कण, जिन्हें ‘Majoranas’ कहा जाता है, कभी देखे या बनाए नहीं गए थे।”

कैसे बना माइक्रोसॉफ्ट का टॉपोकंडक्टर?

Majorana कण बनाने के लिए, माइक्रोसॉफ्ट ने सबसे पहले “टॉपोकंडक्टर्स” (Topoconductors) का निर्माण किया।

  • पारंपरिक सेमीकंडक्टर्स आमतौर पर सिलिकॉन से बनाए जाते हैं, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट का टॉपोकंडक्टर “इंडियम आर्सेनाइड” (Indium Arsenide) से बना है, जो इंफ्रारेड डिटेक्टर्स में भी उपयोग होता है।
  • इस सामग्री को ऐल्युमिनियम (Aluminium) जैसे सुपरकंडक्टर के साथ जोड़ा गया है।
  • जब इसे लगभग शून्य तापमान (Absolute Zero) तक ठंडा किया जाता है और इसे चुंबकीय क्षेत्रों (Magnetic Fields) के साथ ट्यून किया जाता है, तो यह सेमीकंडक्टिव और सुपरकंडक्टिव गुणों को एक साथ धारण कर लेता है।

क्वांटम युग के लिए ट्रांजिस्टर

माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल फेलो चेतन नायक (Chetan Nayak) ने कहा,
“हमने सोचा कि क्वांटम युग के लिए ट्रांजिस्टर कैसा होना चाहिए? उसकी क्या विशेषताएं होनी चाहिए? और यहीं से हमने इस तकनीक पर काम शुरू किया। हमारे नए मैटेरियल स्टैक (Material Stack) के खास गुणों ने एक बिल्कुल नई तरह का क्यूबिट और पूरी तरह से नया आर्किटेक्चर तैयार करने में मदद की है।”

क्या बदल सकता है Majorana 1?

Majorana 1 की सफलता क्वांटम कंप्यूटिंग को नए आयाम तक ले जा सकती है। यह चिप लाखों क्यूबिट्स तक स्केलेबल क्वांटम कंप्यूटर के विकास में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट को अभी अपने इस नए क्वांटम चिप की परफॉर्मेंस से जुड़ी जानकारी साझा करनी होगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में यह कितना प्रभावशाली होगा।

माइक्रोसॉफ्ट की यह नई खोज क्वांटम कंप्यूटिंग के भविष्य को बदलने की क्षमता रखती है। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो यह उद्योग और वैज्ञानिक शोधों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। अब पूरी दुनिया की नजरें Majorana 1 पर टिकी हैं, जो शायद आने वाले वर्षों में हमें क्वांटम कंप्यूटिंग के वास्तविक उपयोगों की ओर ले जाए।

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