भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करने का फैसला किया है, जिससे यह 6.5% से घटकर 6.25% हो गई है। यह जानकारी RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी।
आर्थिक वृद्धि और महंगाई पर प्रभाव
RBI गवर्नर के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (मार्च 2025 तक) के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.4% रहने का अनुमान है। वहीं, अगले वित्त वर्ष में GDP वृद्धि दर पहली तिमाही में 6.7%, दूसरी तिमाही में 7%, तीसरी तिमाही में 6.5% और चौथी तिमाही में 6.5% रहने की उम्मीद है।
खुदरा महंगाई दर मौजूदा वित्त वर्ष में 4.8% रहने का अनुमान है, जबकि अंतिम तिमाही में यह 4.4% तक घट सकती है। कोर महंगाई दर में हल्की वृद्धि हो सकती है, लेकिन यह नियंत्रित दायरे में रहेगी। गवर्नर मल्होत्रा ने उम्मीद जताई कि खाद्य महंगाई में भी नरमी आएगी।
बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति
RBI गवर्नर ने कहा कि बैंकों की लिक्विडिटी की स्थिति मजबूत बनी हुई है और RBI आवश्यकतानुसार तरलता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों की संपत्ति पर प्रतिफल (Return on Assets) और इक्विटी पर प्रतिफल (Return on Equity) मजबूत बने हुए हैं।
डिजिटल धोखाधड़ी पर चिंता
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने बैंकों से साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनी सुरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और निगरानी के मजबूत उपाय अपनाने की अपील की।

