नई दिल्ली: एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने इतिहास रच दिया है। वह हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 में टॉप 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में शामिल होने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 3.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जिससे वह दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला बन गई हैं।
पिता शिव नादर से मिला 47% स्टेक
इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण उनके पिता और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शिव नादर द्वारा उन्हें 47% हिस्सेदारी ट्रांसफर करना है। इस ट्रांसफर के बाद, वह वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट्स (Vama Delhi) और एचसीएल कॉर्प की नियंत्रणकर्ता बन गई हैं, जो कि एचसीएल टेक्नोलॉजीज की प्रमोटर कंपनियां हैं।
अब, रोशनी नादर मल्होत्रा ही 12 बिलियन डॉलर की इस टेक्नोलॉजी कंपनी के सभी रणनीतिक निर्णयों की देखरेख करेंगी।
एचसीएल में हिस्सेदारी का विवरण
इस हिस्सेदारी ट्रांसफर के बाद, रोशनी नादर मल्होत्रा के पास अब:
- वामा दिल्ली की 44.17% हिस्सेदारी और एचसीएल कॉर्प की 0.17% हिस्सेदारी के वोटिंग अधिकार हैं।
- वामा दिल्ली की 12.94% हिस्सेदारी और एचसीएल कॉर्प की 49.94% हिस्सेदारी पर भी उनका पूरा नियंत्रण रहेगा।
पहले शिव नादर के पास थी प्रमुख हिस्सेदारी
इससे पहले, शिव नादर के पास वामा दिल्ली और एचसीएल कॉर्प में 51% हिस्सेदारी थी, जबकि रोशनी नादर मल्होत्रा के पास दोनों कंपनियों में केवल 10.33% हिस्सेदारी थी।
रोशनी नादर का करियर और एचसीएल की सफलता
रोशनी नादर मल्होत्रा को 2009 में एचसीएल टेक्नोलॉजीज में शामिल किया गया था और 2020 में उन्होंने चेयरपर्सन का पद संभाला। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई ऊंचाइयां छुईं।
अन्य प्रमुख लिंक
यह भारतीय महिलाओं के लिए गर्व की बात है कि पहली बार किसी भारतीय महिला ने वैश्विक अमीरों की सूची में शीर्ष 10 में स्थान पाया है। यह उपलब्धि देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

