नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2025 – प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुधीर मिश्रा ने नेटफ्लिक्स पर रिकॉर्ड-तोड़ सफलता हासिल करने वाले शो Adolescence को भारतीय सिनेमा के लिए “सालों में आई सबसे अच्छी खबर” बताया है। यह शो पारंपरिक पटकथा लेखन की शैली का पालन नहीं करता, फिर भी इसे भारतीय दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।
Adolescence: भारतीय दर्शकों के लिए नई शैली
सुधीर मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “Adolescence भारत में नेटफ्लिक्स का नंबर 1 शो कैसे बन गया? सभी पारंपरिक समझ इसके खिलाफ थी। भारतीय दर्शक कथित रूप से धीमी गति की कहानियों को पसंद नहीं करते। यह हर उस नियम का उल्लंघन करता है जो खराब पटकथा लेखन स्कूलों में सिखाया जाता है। यह ऊपर उठने के बजाय एक गहरे स्तर पर उतरता है। यह सालों में आई सबसे अच्छी खबर है।”
🔹 शो की सफलता: नेटफ्लिक्स इंडिया पर No.1 स्थान पर 🔹 स्टाइल: पारंपरिक नायक-खलनायक संघर्ष से हटकर एक नई तरह की पटकथा 🔹 प्रतिक्रिया: दर्शकों और समीक्षकों से भारी प्रशंसा
नेटफ्लिक्स पर Adolescence देखें
भारतीय फिल्म उद्योग के लिए क्या संदेश?
इस शो की सफलता ने भारतीय फिल्म उद्योग में पटकथा लेखन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। पारंपरिक धारणा के विपरीत, यह शो धीमी गति से आगे बढ़ता है, गहराई में जाता है, और आम हिंदी सिनेमा की संरचना से अलग है।
📢 फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा का कहना है: “Adolescence इस बात का उदाहरण है कि भारतीय दर्शक अब जटिल और प्रयोगात्मक कहानियों को अपनाने के लिए तैयार हैं।”
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Adolescence की पटकथा शैली
✅ धीमा और विचारशील नैरेटिव – तेज़ घटनाक्रम के बजाय गहराई से चरित्र निर्माण ✅ परंपरागत प्लॉट संरचना का उल्लंघन – कोई विशिष्ट क्लाइमेक्स या नाटकीय मोड़ नहीं ✅ भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक गहराई – मुख्य रूप से चरित्रों की आंतरिक यात्रा पर केंद्रित
📌 फिल्मकार हंसल मेहता कहते हैं: “यह शो भारतीय पटकथा लेखन के लिए एक नया द्वार खोल सकता है।”
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क्या यह हिंदी सिनेमा की दिशा बदल सकता है?
Adolescence की सफलता ने हिंदी सिनेमा में कंटेंट-ड्रिवन कहानियों के लिए एक नई राह बनाई है। यह संकेत देता है कि भारतीय दर्शक पारंपरिक फार्मूले से हटकर भी बेहतरीन कहानियों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
📢 सुधीर मिश्रा का निष्कर्ष: “यह शो साबित करता है कि अच्छी कहानियों के लिए कोई तयशुदा नियम नहीं होते।”
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