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वोकल सिम्फनी: एआई, वॉयस, और कम्युनिकेशन – असिस्टिव टेक्नोलॉजी के भविष्य की संगीतमय कहानी।

15 फरवरी, 2024: कल्पना कीजिए, एक ऐसी दुनिया जहाँ हर आवाज सुनी जाती है, हर विचार व्यक्त होता है, और कोई भी बाधा संवाद की राह में नहीं आती। यह वोकल सिम्फनी का सपना है – एआई, वॉयस, और कम्युनिकेशन का एक अद्भुत संगम, जो असिस्टिव टेक्नोलॉजी के भविष्य को रच रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानव आवाज, संचार, और असिस्टिव टेक्नोलॉजी कैसे मिलते हैं,

भाषा पहचान और पाठ-से-वाणी: एआई-संचालित भाषा पहचान सॉफ़्टवेयर बोले शब्दों को पाठ में रूपांतरित कर सकता है, जिससे सुनने में कमी वाले लोगों के लिए संचार अधिक पहुंचनीय बन जाता है, या जिन्हें आसानी से टाइप नहीं कर सकते। दूसरी ओर, पाठ से वाणी सॉफ़्टवेयर लिखित पाठ को ऑडियोबल वाणी में रूपांतरित कर सकता है, जिससे दृष्टिबाधा या पठन कठिनाई से ग्रस्त लोग सूचना तक पहुंच सकते हैं।

Image of Speech recognition and texttospeech

Speech recognition and text to speech

वृद्धिकारी और वैकल्पिक संचार (एएसी) उपकरण: ये उपकरण विविध संचार आवश्यकताओं वाले लोगों को खुद को व्यक्त करने में मदद के लिए एआई का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ एएसी उपकरण आई-ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग करते हैं ताकि उपयोगकर्ता स्क्रीन पर शब्दों और वाक्यों का चयन कर सकें। दूसरे उपकरण उपकरण संश्लेषण सॉफ़्टवेयर का उपयोग करते हैं ताकि सिंथेटिक वाणी बनाई जा सके।

Image of Augmentative and alternative communication (AAC) devices

वर्चुअल सहायक: वर्चुअल सहायक जैसे सिरी, एलेक्सा, और गूगल असिस्टेंट बोले आदेशों को समझने और प्रतिक्रिया देने के लिए एआई का उपयोग करते हैं। यह वे लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिनकी गतिशीलता में कमी है या जो पारंपरिक कंप्यूटर इंटरफेस को नियंत्रित करने में कठिनाई महसूस करते हैं।

Image of Virtual assistants

Virtual assistants

भाषा अनुवाद: एआई-संचालित भाषा अनुवाद उपकरण भाषा के प्रतिबंधों को तोड़ सकते हैं और विभिन्न भाषा बोलने वाले लोगों के बीच संचार को सुगम बना सकते हैं। यह यात्रियों, व्यापारियों, और उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो अलग-अलग भाषा में बोलने वाले किसी से संवाद करने की आवश्यकता है।

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Language translation

सामाजिक सहायक रोबोट: ये रोबोट लोगों के साथ सामाजिक और सहायक तरीके से बातचीत करने के लिए एआई का उपयोग करते हैं। वे साथ देने, शिक्षा, और थेरेपी प्रदान करने के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं।

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Social assistive robots

आरबीआई ने वीजा और मास्टरकार्ड को निर्देश दिया: इन उपयोगकर्ताओं द्वारा कार्ड आधारित भुगतान बंद करें

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वीजा और मास्टरकार्ड को निर्देश दिया है कि वे उन उपयोगकर्ताओं द्वारा कार्ड आधारित भुगतान बंद कर दें जिन्होंने अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक नहीं किया है। यह निर्देश 30 जून, 2023 से लागू होगा।

आरबीआई ने यह निर्देश डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए जारी किया है। बैंक का मानना ​​है कि कार्ड को बैंक खाते से लिंक करने से लेनदेन की पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी।

किन उपयोगकर्ताओं पर होगा असर?

यह निर्देश उन सभी उपयोगकर्ताओं पर लागू होगा जिन्होंने अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक नहीं किया है। इसमें डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड दोनों शामिल हैं।

क्या होगा अगर उपयोगकर्ता अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक नहीं करते हैं?

30 जून, 2023 के बाद, जिन उपयोगकर्ताओं ने अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक नहीं किया है, वे कार्ड का उपयोग करके भुगतान नहीं कर पाएंगे। वे एटीएम से पैसे नहीं निकाल पाएंगे।

कैसे करें अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक?

उपयोगकर्ता बैंक की वेबसाइट या मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक कर सकते हैं। वे बैंक शाखा में जाकर भी ऐसा कर सकते हैं।

आरबीआई के निर्देश का स्वागत

बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने आरबीआई के निर्देश का स्वागत किया है। उनका मानना ​​है कि यह निर्देश डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।

उपयोगकर्ताओं को सलाह

आरबीआई ने सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि वे 30 जून, 2023 से पहले अपने कार्ड को बैंक खाते से लिंक कर लें।

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