DHAN-VYAPAR

भारत ने बिटकॉइन लहर को किया मिस, नए कॉइन्स की सीमित आपूर्ति बनी चुनौती

21 मिलियन बिटकॉइन (BTC) में से 19 मिलियन पहले ही माइन हो चुके हैं, जिससे भारत के लिए इस क्रिप्टोकरेंसी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करना मुश्किल हो गया है। वर्तमान में, अमेरिका के पास 198,109 BTC (करीब $20.67 बिलियन मूल्य) हैं, भूटान के पास 11,055 BTC ($1.15 बिलियन) हैं, जबकि भारत की एकमात्र सार्वजनिक बिटकॉइन होल्डिंग कंपनी Jetking के पास केवल 12 BTC ($1.2 मिलियन) हैं।

अब जब केवल 2 मिलियन BTC ही माइनिंग के लिए शेष हैं, भारतीय संस्थाओं के लिए बिटकॉइन रश में जगह बनाना एक कठिन चुनौती बन गया है।

भारत की बिटकॉइन स्थिति पर विशेषज्ञों की राय

भारत में क्रिप्टो एक्सचेंजों द्वारा बनाए गए डाटा के अनुसार, CoinDCX पर 24 घंटे में बिटकॉइन का INR में ट्रेडिंग वॉल्यूम ₹8.57 करोड़ था, जबकि USDT में यह $2 बिलियन था (19 जनवरी, दोपहर 2 बजे तक)।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा भारत की वास्तविक बिटकॉइन होल्डिंग को सही ढंग से नहीं दर्शाता है।

क्रेबाको के फाउंडर और ब्लू एस्टर कैपिटल के सीईओ सिधार्थ सोगानी जैन का कहना है,
“भारत में बिटकॉइन होल्डिंग का सटीक डेटा प्राप्त करना कठिन है, क्योंकि अधिकतर उपयोगकर्ताओं की होल्डिंग केवल अनुमान पर आधारित होती है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि,
“जो भी व्यक्ति या कंपनी बिटकॉइन खरीदती है, वे असल में उसे खुद नहीं रखते। क्रिप्टो एक्सचेंज ही इसके मालिक होते हैं, क्योंकि भारत में कोई प्रमाणित कस्टोडियन नहीं है।”

CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता ने भी स्वीकार किया कि भारत बिटकॉइन के मामले में शीर्ष देशों में नहीं आता। उन्होंने बताया कि,
“भूटान, अबू धाबी, जापान, यूके और अमेरिका ने अपने अनूठे आर्थिक और भौगोलिक लाभों का उपयोग करके महत्वपूर्ण बिटकॉइन रिज़र्व बनाए हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि,
“भूटान ने अपने जलविद्युत संसाधनों से बिटकॉइन माइन किया, जबकि अबू धाबी की सस्ती बिजली लागत ने उसे बिटकॉइन माइनिंग का प्रमुख केंद्र बना दिया। भारत में महंगी बिजली और गर्म जलवायु के कारण बड़े पैमाने पर माइनिंग करना आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं है।”

हालांकि, भारत की रिटेल क्रिप्टो एडॉप्शन रेट दुनिया में सबसे अधिक है, लेकिन स्पष्ट विनियमन (रेगुलेशन) की कमी इसे अधिक निवेश से रोक रही है।

क्या भारत बिटकॉइन अंतर को पाट सकता है?

Foundership के हेड ऑफ इन्वेस्टर्स प्रणव अग्रवाल का मानना है कि भारत अभी पूरी तरह से क्रिप्टो ट्रेंड से बाहर नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि,
“अमेरिका और यूके में अधिकतर बिटकॉइन अवैध गतिविधियों से जब्त किए गए या चोरी हुए थे। वहीं, भूटान और अल सल्वाडोर ने अपनी राष्ट्रीय संपत्ति से बिटकॉइन खरीदे हैं। इस लिहाज से, भारत के लिए अभी भी अवसर हैं।”

उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को सरकार के बैलेंस शीट पर बिटकॉइन खरीदना चाहिए और कंपनियों एवं व्यक्तियों को इसे खरीदने की अनुमति देने के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाना चाहिए।

क्या भारत में बिटकॉइन कॉमर्स संभव है?

प्रणव अग्रवाल ने बताया कि भारत में वर्तमान पूंजी नियंत्रण नीति (Capital Control Policy) अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए स्वतंत्र पूंजी प्रवाह की अनुमति नहीं देती, जिससे बिटकॉइन कॉमर्स संभव नहीं हो पाता। हालांकि, उन्होंने कहा कि केवाईसी मानकों और ट्रांजेक्शन लिमिट्स के तहत छोटे लेन-देन किए जा सकते हैं।

Coinswitch के सह-संस्थापक आशीष सिंघल ने भी कहा कि,
“भारत में बिटकॉइन को एक निवेश संपत्ति के रूप में देखा जाता है, न कि एक भुगतान माध्यम के रूप में। हमारा मजबूत वित्तीय ढांचा पहले से मौजूद है, इसलिए एक दूसरी वित्तीय प्रणाली की जरूरत नहीं है।”

भारत की बिटकॉइन हिस्सेदारी वर्तमान में बहुत कम है और विनियमन की कमी इसे और सीमित कर रही है। हालांकि, यदि सरकार जल्द ही एक मजबूत क्रिप्टो रेगुलेशन लागू करती है, तो भारत वेब3 सुपरपावर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। आने वाले वर्षों में, कई देश अपनी बिटकॉइन रणनीति और रिज़र्व का खुलासा करेंगे, और भारत को इस प्रवृत्ति से जुड़ने के लिए अपनी नीतियों में बदलाव करने की जरूरत होगी।

नए बॉलीवुड कपल: कौन हैं प्रिय बनर्जी, ‘धूम धाम’ एक्टर प्रतीक बब्बर की पत्नी?

बॉलीवुड एक्टर प्रतीक बब्बर ने वेलेंटाइन डे, 14 फरवरी को एक निजी समारोह में प्रिय बनर्जी संग शादी रचा ली।

प्रतीक, जो दिग्गज अभिनेता राज बब्बर और दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल के बेटे हैं, ने यह खुशखबरी अपने इंस्टाग्राम पर शादी की तस्वीरों के साथ साझा की।

उन्होंने पोस्ट में लिखा, “हर जन्म में तुमसे शादी करूंगा  #priyaKAprateik”। प्रिय बनर्जी ने भी यही पोस्ट अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की।

प्रतीक बब्बर की दूसरी शादी

यह प्रतीक बब्बर की दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में प्रोड्यूसर-अभिनेत्री संया सागर से शादी की थी, लेकिन एक साल बाद दोनों अलग हो गए। 2023 में उनका आधिकारिक तलाक हो गया।

संयोग से, प्रतीक ने शादी उसी दिन की जब उनकी नेटफ्लिक्स फिल्म ‘धूम धाम’ रिलीज़ हुई, जिसमें यामी गौतम और प्रतीक गांधी भी हैं।

कौन हैं प्रिय बनर्जी?

प्रिय बनर्जी मिस वर्ल्ड कनाडा की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं और बाद में उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाया।

  • 2013 में तेलुगु फिल्म ‘Kiss’ से किया डेब्यू, जिसमें वे अदिवि सेश के साथ नजर आईं।
  • हिंदी और तमिल फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।
  • 2015 में अजय देवगन और इरफान खान की फिल्म ‘जज़्बा’ से बॉलीवुड डेब्यू किया
  • नेटफ्लिक्स सीरीज़ ‘राणा नायडू’, अमेज़न प्राइम वीडियो की ‘अधूरा’, और नेटफ्लिक्स की ‘मिसमैच्ड सीज़न 2’ में भी काम कर चुकी हैं।
  • 2020 में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया मोस्ट डिज़ायरेबल वुमन’ लिस्ट में 22वें स्थान पर रहीं।

प्रिय और प्रतीक ने पिछले साल वेलेंटाइन डे पर इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने रिश्ते को आधिकारिक किया था। अब, एक साल बाद, दोनों ने शादी कर ली।

HyperOS 2.0 ग्लोबल Xiaomi यूज़र्स के लिए नए AI फीचर्स लेकर आया

Xiaomi ने अपने ग्लोबल यूज़र्स के लिए HyperOS 2.0 को पेश किया है, जिसमें स्मार्ट AI फीचर्स जोड़े गए हैं। ये नए टूल्स डिवाइस के हर सेक्शन को और बेहतर बनाएंगे, जैसे कैमरा, UI, कॉल्स और अन्य फ़ीचर्स। Xiaomi का लक्ष्य है कि यूज़र्स को पहले से ज्यादा स्मार्ट और आसान डिवाइस एक्सपीरियंस मिले।

चीनी स्मार्टफोन निर्माता ने अब HyperOS 2.0 को ग्लोबल लेवल पर Android 15-आधारित अपडेट के रूप में जारी करना शुरू कर दिया है। यह नया वर्जन यूज़र्स को कई उन्नत AI क्षमताएँ प्रदान करता है, जिससे उनका स्मार्टफोन और भी उपयोगी बन जाता है।

HyperOS 2.0 के AI फीचर्स पर एक नज़र

कम्युनिकेशन
  • AI इंटरप्रेटर: फ़ेस-टू-फ़ेस कॉल्स में रियल-टाइम ट्रांसलेशन सपोर्ट करता है।
  • इंटरप्रेट कॉल ऑडियो: कॉल्स या ऑनलाइन मीटिंग के दौरान रियल-टाइम अनुवाद के लिए साइड टूलबॉक्स।
  • सर्कल टू सर्च: स्क्रीन पर किसी टेक्स्ट या इमेज को सर्कल करके तुरंत गूगल सर्च शुरू करें।
  • AI ट्रांसलेट: ऑडियो को द्विभाषी सबटाइटल्स में बदलता है और इसे Notes में सेव करता है।
वर्क और प्रोडक्टिविटी
  • स्पीकर रिकग्निशन: रिकॉर्ड की गई बातचीत में विभिन्न स्पीकर्स को स्वचालित रूप से पहचानता है
  • AI समरी: लंबी रिकॉर्डिंग्स या आर्टिकल्स को शॉर्ट पॉइंट्स में संक्षिप्त करता है
  • AI प्रूफरीडिंग: टाइपिंग गलतियों और व्याकरण संबंधी त्रुटियों को एक क्लिक में सुधारता है।
  • AI लेआउट: बिखरे हुए नोट्स को साफ़ और व्यवस्थित तरीके से दिखाता है।
कैमरा
  • AI इमेज एक्सपेंशन: इमेज का बैकग्राउंड डिटेक्ट करके उसे प्राकृतिक रूप से एक्सपैंड करता है।
  • AI इरेज़ प्रो: तस्वीरों से अनावश्यक ऑब्जेक्ट्स या लोगों को हटाने की सुविधा देता है।
  • AI मूवी: आपकी तस्वीरों को शॉर्ट फ़िल्मों या व्लॉग्स में बदल देता है।

Xiaomi ने HyperOS 2.0 में ग्लोबल यूज़र्स के लिए AI-समर्थित टूल्स को अपग्रेड किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी HyperOS 2.1 और कौन-से नए फ़ीचर्स लेकर आएगा।

Bharat Tex 2025: 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी, 5000 से अधिक प्रदर्शक शामिल

नई दिल्ली: Bharat Tex 2025 को लेकर इस साल वैश्विक स्तर पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 5,000 से अधिक प्रदर्शकों और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी के साथ यह आयोजन वैश्विक वस्त्र उद्योग में भारत की मजबूत उपस्थिति को दर्शा रहा है।

इस बार का आयोजन “मजबूत वैश्विक मूल्य श्रृंखला” (Resilient Global Value Chains) और “वस्त्र उद्योग में स्थिरता” (Textile Sustainability) जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित होगा। कपड़ा मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी।

प्रमुख ब्रांडों की भागीदारी

Bharat Tex 2025 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की Apparel Group, रूस की Melon Fashion Group, और अमेरिका की One Brand जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भाग ले रही हैं। इन ब्रांडों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारत का वस्त्र उद्योग वैश्विक मंच पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

क्या होगा खास?

✅ 5000+ प्रदर्शकों की भागीदारी
✅ 120+ देशों की मौजूदगी
✅ वस्त्र उद्योग में स्थिरता पर फोकस
✅ वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा

भारत का टेक्सटाइल सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और Bharat Tex 2025 जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन से नए व्यापारिक अवसर और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन से भारत को वैश्विक वस्त्र उद्योग में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

क्या भारत का टेक्सटाइल उद्योग नई ऊंचाइयों को छू पाएगा? अपनी राय कमेंट में साझा करें!

बच्चों की छात्रवृत्ति कोष को न्यू हैम्पशायर में शामिल करना होगा – नए विधेयक के तहत प्रस्ताव

कॉनकॉर्ड: यदि Children’s Scholarship Fund – NH (बच्चों की छात्रवृत्ति कोष – एनएच), जो दो राज्य छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का प्रबंधन करता है, न्यू हैम्पशायर में पंजीकृत एक गैर-लाभकारी संगठन बन जाए, तो विधायकों के लिए यह ट्रैक करना आसान होगा कि करदाताओं के पैसे का उपयोग कैसे किया जा रहा है। यह बात बुधवार को एक हाउस कमेटी को बताई गई।

विधेयक का उद्देश्य और प्रावधान

हाउस बिल 483 के तहत, Education Tax Credit और Education Freedom Account कार्यक्रमों के प्रशासक को न्यू हैम्पशायर में पंजीकृत (incorporated) होना आवश्यक होगा।

फिलहाल, Children’s Scholarship Fund – NH न्यूयॉर्क सिटी स्थित मुख्यालय के तहत पंजीकृत है, जिसके कारण न्यू हैम्पशायर ऑपरेशन के लिए अलग से IRS 990 फाइलिंग नहीं होती, बल्कि केवल राष्ट्रीय संगठन के लिए होती है।

IRS 990 फाइलिंग में शामिल विवरण:
✔ कार्यकारी और स्टाफ वेतन
✔ धन आवंटन का ब्योरा
✔ प्रशासनिक खर्चों की जानकारी

विधेयक के मुख्य प्रवर्तक प्रतिनिधि डेविड लूनो (D-Hopkinton) ने तर्क दिया कि यदि कंपनी न्यू हैम्पशायर में पंजीकृत होती, तो यह सुनिश्चित किया जा सकता कि न्यू हैम्पशायर की धनराशि वास्तव में राज्य कार्यक्रमों के लिए ही इस्तेमाल हो रही है न कि अन्य राज्यों में भेजी जा रही है।

विधेयक का विरोध और तर्क

इस विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि यह बिजनेस टैक्स और EFA कार्यक्रमों को बंद करने का एक गुप्त प्रयास है।

पूर्व विधायक पैकी कैंपबेल (R-Farmington) ने कहा कि यह विधेयक संविधान के वाणिज्य खंड (Commerce Clause) का उल्लंघन करेगा, जो किसी राज्य को किसी बाहरी व्यवसाय के संचालन को रोकने से मना करता है।

उन्होंने इसे खराब सार्वजनिक नीति करार दिया और कहा कि इससे दोनों कार्यक्रम प्रभावी रूप से समाप्त हो जाएंगे

कैंपबेल ने कहा कि यह कहना गलत है कि इन कार्यक्रमों में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फंडिंग का विवरण पहले से ही उपलब्ध है और धन के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम हैं।

🗣 “यह एक ट्रोजन हॉर्स है, इस कार्यक्रम को नष्ट करने का एक छुपा हुआ तरीका है। यदि आप इस कार्यक्रम को खत्म करना चाहते हैं, तो सीधे इसे रद्द करने का विधेयक लाएं, न कि चालाकी करें,” – कैंपबेल।

समर्थकों का रुख

लूनो ने इस आरोप को खारिज किया कि यह विधेयक कार्यक्रम को खत्म करने के लिए लाया गया है।

उन्होंने कहा कि अन्य 20 राज्यों में यह संगठन स्थानीय स्तर पर पंजीकृत है, लेकिन केवल न्यू हैम्पशायर में ही यह मुख्यालय के तहत काम कर रहा है।

✅ “यदि कंपनी न्यू हैम्पशायर में पंजीकृत होती, तो हमें पारदर्शिता और दृश्यता मिलती, जैसे अन्य 20 राज्यों में है,” – लूनो।

वर्तमान स्थिति

👉 कमेटी ने इस विधेयक पर तत्काल कोई सिफारिश नहीं दी है।
👉 पिछले वर्ष इसी तरह के एक विधेयक को खारिज कर दिया गया था।

क्या यह विधेयक पारदर्शिता बढ़ाएगा या छात्रवृत्ति कार्यक्रम के लिए खतरा बनेगा? अपनी राय कमेंट करें!