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भारत में मांस सुरक्षा: स्वच्छता और प्रदूषण को लेकर बढ़ती चिंताएं

नई दिल्ली: भारत में मांस और मांस उत्पादों की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। हाल के वर्षों में, खाद्य प्रदूषण, असुरक्षित प्रसंस्करण और गुणवत्ता मानकों की कमी ने उपभोक्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है। स्वच्छ और सुरक्षित मांस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र कई उपाय कर रहे हैं, लेकिन चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।

मांस सुरक्षा को लेकर प्रमुख चिंताएं

  1. संक्रमण और प्रदूषण
    भारत में मांस उत्पादन और वितरण प्रणाली में कई खामियां देखी गई हैं। अस्वच्छ कसाईखानों, खुले में मांस बिक्री और खराब कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं प्रदूषण और संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। ऐसे में ई. कोलाई, साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया के कारण खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बना रहता है।

  2. अवैध और अनियमित बूचड़खाने
    देश में कई बूचड़खाने बिना किसी सरकारी निगरानी के संचालित हो रहे हैं, जहां मांस की गुणवत्ता, स्वच्छता और पशु कल्याण पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इन अवैध बूचड़खानों से मांस की ट्रेसबिलिटी (खोजने योग्य स्रोत) मुश्किल हो जाती है, जिससे उपभोक्ताओं तक असुरक्षित उत्पाद पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।

  3. खाद्य सुरक्षा मानकों का अभाव
    भारत में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित नियम हैं, लेकिन कई विक्रेता और कसाई इनका पालन नहीं करतेअच्छी प्रैक्टिसेज की कमी, प्रशिक्षित कर्मियों का अभाव और उपभोक्ता जागरूकता की कमी मांस सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

सरकार और उद्योग की पहल

👉 FSSAI और स्थानीय प्रशासन मांस सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू कर रहे हैं। कई राज्यों में अनियमित और अस्वच्छ बूचड़खानों को बंद किया गया है।

👉 “क्लीन, सेफ एंड रेडी” पहल के तहत सरकार स्वच्छ और प्रमाणित मांस बाजारों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

👉 ऑनलाइन मांस बिक्री प्लेटफॉर्म्स जैसे Licious और FreshToHome उपभोक्ताओं को क्वालिटी-अश्वस्त और स्वच्छ मांस उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक अपना रहे हैं।

✔ सर्टिफाइड दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से ही मांस खरीदें।
✔ मांस को सही तापमान पर स्टोर करें और अच्छे से पकाकर खाएं।
✔ खुले बाजारों में मिलने वाले अनियमित मांस से बचें।

भारत में मांस की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बन गया है, लेकिन सरकार, उद्योग और उपभोक्ताओं की सतर्कता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। साफ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला मांस सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन और उपभोक्ताओं की जागरूकता बेहद जरूरी है।

सेंसेक्स 750 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे; गिरावट के 4 बड़े कारण

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 750 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 22,600 के नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, अमेरिका में उपभोक्ता मांग में गिरावट और नए टैरिफ खतरे के कारण भारतीय बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा। सभी प्रमुख सेक्टरों में गिरावट देखी गई।

बाजार में भारी गिरावट

बीएसई सेंसेक्स 764.29 अंक (-1.01%) गिरकर 74,546.77 पर आ गया, जबकि निफ्टी50 227.45 अंक (-1%) टूटकर 22,568.40 पर कारोबार कर रहा था।

शेयर बाजार में गिरावट के 4 प्रमुख कारण:

1. वैश्विक बाजारों में कमजोरी

अमेरिकी शेयर बाजार में हाल ही में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इससे वैश्विक निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी और भारतीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला।

2. अमेरिका में उपभोक्ता मांग में गिरावट

अमेरिका में उपभोक्ता मांग कमजोर होने के संकेत मिले हैं, जिससे निवेशकों को चिंता है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। भारतीय कंपनियों के लिए भी यह एक नकारात्मक संकेत है।

3. टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंता

अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लगाए जाने की आशंका बनी हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखा गया।

4. बैंकिंग और आईटी सेक्टर में बिकवाली

बैंकिंग और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हो गई।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में निकट भविष्य में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं, आगामी महंगाई दर के आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।

📉 बाजार में निवेश से पहले सतर्कता बरतें और लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों में निवेश करें।

परेश रावल ने की पुष्टि – पहले कार्तिक आर्यन को ‘हेरा फेरी 3’ के लिए किया गया था कास्ट, बताया क्या वह अक्षय कुमार को रिप्लेस कर रहे थे?

बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल, जिन्होंने ‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइज़ी में बाबूराव गणपतराव आपटे के किरदार से दर्शकों का दिल जीता, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कार्तिक आर्यन के ‘हेरा फेरी 3’ से बाहर होने और ‘फिर हेरा फेरी’ के परिणाम से अपनी नाराजगी के बारे में खुलकर बात की।

कार्तिक आर्यन अब ‘हेरा फेरी 3’ का हिस्सा नहीं हैं – परेश रावल

इंटरव्यू के दौरान परेश रावल ने सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि कार्तिक आर्यन को शुरुआत में ‘हेरा फेरी 3’ के लिए साइन किया गया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या कार्तिक अक्षय कुमार के ‘राजू’ वाले किरदार को निभाने वाले थे, तो उन्होंने स्पष्ट किया,
“उस समय कहानी कुछ और थी। इसको राजू समझकर पकड़ के लाए थे, लेकिन यह किरदार बिल्कुल अलग था। यह मैं इसलिए कह सकता हूं क्योंकि मैंने भी पूरी स्क्रिप्ट नहीं सुनी थी।”

उन्होंने आगे कहा कि अब फिल्म की कहानी पूरी तरह बदल चुकी है और इसी कारण कार्तिक आर्यन अब फिल्म का हिस्सा नहीं हैं

परेश रावल ने ‘फिर हेरा फेरी’ पर जताई नाराजगी

जब परेश रावल से पूछा गया कि क्या वह ‘फिर हेरा फेरी’ के समय ओवरकॉन्फिडेंट हो गए थे, तो उन्होंने इस बात से इनकार किया। उन्होंने कहा,
“मैं नहीं, बल्कि बाकी सभी लोग खुद को लेकर बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट हो गए थे। इसी वजह से फिल्म की मासूमियत खो गई। माफ कीजिए, लेकिन वो फिल्म ठीक से बनी ही नहीं थी।”

उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने फिल्म के निर्देशक नीरज वोरा को समझाने की कोशिश की थी कि,
“तू इस फिल्म को जरूरत से ज्यादा भर रहा है, यह जरूरी नहीं है। पहली फिल्म की तरह इसे सिंपल ही रखना चाहिए था। अगर ज्यादा चीजें जोड़ोगे तो मामला बिगड़ेगा। लोग हर चीज पर हंसेंगे, लेकिन हमें हर हाल में दर्शकों को हंसाने के लिए अनावश्यक चीजें नहीं डालनी चाहिए। फिल्म में एक संतुलन होना चाहिए।”

बाबूराव के किरदार की जबरदस्त लोकप्रियता

परेश रावल ने अपने बाबूराव के किरदार की शानदार फैन फॉलोइंग और इसकी बाजार में वैल्यू पर भी बात की। उन्होंने कहा कि,
“इस किरदार की लोकप्रियता और इसकी ब्रांड वैल्यू 500 करोड़ रुपये की है। लेकिन केवल पुराने मज़ाक को नए सेटअप में दोहराने का कोई मतलब नहीं है। लोग बाबूराव को एक नई जर्नी में देखना चाहते हैं।”

परेश रावल की आगामी फ़िल्में

परेश रावल के पास आने वाले समय में कई शानदार फिल्में हैं। वह जल्द ही अक्षय कुमार और तब्बू के साथ निर्देशक प्रियदर्शन की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ में नजर आएंगे, जो 2 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

इसके अलावा, वह मल्टी-स्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में भी दिखाई देंगे। इस फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडीज़ और कई बड़े सितारे मुख्य भूमिकाओं में होंगे।

ईटन ने Elecrama 2025 में उन्नत स्मार्ट पावर प्रबंधन समाधान पेश किए

ग्रेटर नोएडा – उन्नत पावर प्रबंधन कंपनी ईटन (Eaton) ने Elecrama 2025 में अपने नवीनतम इनोवेशन पेश किए, जो सतत, कुशल और ग्राहक-केंद्रित पावर सॉल्यूशंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देते हुए, ईटन ने अत्याधुनिक उत्पादों का अनावरण किया, जो डेटा सेंटर, अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और औद्योगिक बिजली वितरण (इंडस्ट्रियल पावर डिस्ट्रीब्यूशन) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विश्वसनीयता और प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

9395 XR UPS और रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस की लॉन्चिंग

इस इवेंट में ईटन ने 9395 XR अनइंटरप्टिबल पावर सप्लाई (UPS) सिस्टम पेश किया, जो ऊर्जा दक्षता (एनर्जी एफिशिएंसी) को अधिकतम करने, सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाने और मिशन-क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज के लिए निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इसके अलावा, ईटन ने निम्न-वोल्टेज (LV) से मध्यम-वोल्टेज (MV) तक के स्विचगियर समाधान भी लॉन्च किए हैं, जो सौर (सोलर) और पवन ऊर्जा (विंड एनर्जी) उद्योगों के लिए विशेष रूप से विकसित किए गए हैं। इस रेंज में एयर सर्किट ब्रेकर (ACB) और मोल्डेड केस सर्किट ब्रेकर (MCCB) शामिल हैं, जो रूफटॉप सोलर, वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) और औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) इंस्टॉलेशंस के लिए उपयुक्त हैं।

‘मेक इन इंडिया’ के प्रति ईटन की प्रतिबद्धता

ईटन इंडिया के इलेक्ट्रिकल सेक्टर के मैनेजिंग डायरेक्टर सैयद सज्जाद अली ने कहा,
“Elecrama 2025 में हमारी भागीदारी यह दर्शाती है कि हम ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हम भारत में ही उच्च-प्रदर्शन, सतत और विश्वसनीय पावर सॉल्यूशंस का निर्माण कर रहे हैं। हमारे नवीनतम उत्पाद लॉन्च के साथ, हम उद्योग में नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं और नवाचार, दक्षता और स्थिरता को आगे बढ़ा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि,
“हमने हाल ही में पांडिचेरी प्लांट का विस्तार किया है, जिससे हम स्मार्ट और स्थानीय रूप से निर्मित समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहे हैं। ईटन का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों की वृद्धि को सक्षम बनाना और एक सतत भविष्य (सस्टेनेबल फ्यूचर) को आगे बढ़ाना है।”

स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट में निवेश

ईटन ने अपने RVAC रिंग मेन यूनिट्स (RMUs) के उत्पादन को भी बढ़ाया है, जिसमें डिजिटल इंटरफेस जोड़े गए हैं, ताकि बिजली वितरण को अधिक स्मार्ट और कनेक्टेड बनाया जा सके। ये इनोवेशन ईटन की स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट समाधानों में निरंतर निवेश को दर्शाते हैं, जिससे अक्षय ऊर्जा और कुशल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाने की गति तेज हो रही है।

ईटन – एक सतत और उन्नत पावर मैनेजमेंट कंपनी

ईटन एक बुद्धिमान पावर प्रबंधन (इंटेलिजेंट पावर मैनेजमेंट) कंपनी है, जो पर्यावरण की रक्षा और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए समर्पित है। कंपनी डेटा सेंटर, यूटिलिटी, इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल, मशीन बिल्डिंग, रेसिडेंशियल, एयरोस्पेस और मोबिलिटी बाजारों के लिए उत्पाद विकसित करती है।

1911 में स्थापित ईटन, 160+ देशों में ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है और 2024 में $25 बिलियन का राजस्व अर्जित किया। अधिक जानकारी के लिए, www.eaton.com पर जाएं और LinkedIn पर हमें फॉलो करें।