नई दिल्ली, 28 फरवरी 2025 – अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। शुक्रवार के एशियाई ट्रेडिंग सत्र में XAU/USD $2,900 से नीचे दो सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह लगातार आठ सप्ताह की बढ़त को तोड़ने के संकेत दे रहा है। अमेरिका में PCE मुद्रास्फीति डेटा और वैश्विक आर्थिक हालात इस गिरावट के पीछे प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव
✅ डॉलर की मजबूती:
- अमेरिकी डॉलर (USD) फिर से मजबूती पकड़ रहा है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए 25% आयात शुल्क लगाने की धमकी से बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
- Nvidia और अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के चलते निवेशक जोखिम से बचने के लिए डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं।
✅ PCE मुद्रास्फीति डेटा का प्रभाव:
- अमेरिकी कोर पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़े आज जारी होंगे।
- जनवरी के लिए PCE मुद्रास्फीति दर 2.6% रहने का अनुमान है, जबकि दिसंबर में यह 2.8% थी।
- यदि आंकड़े अपेक्षा से अधिक आते हैं, तो फेडरल रिजर्व (Fed) ब्याज दरों में कटौती को टाल सकता है, जिससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने की कीमत और गिर सकती है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और सोने का भविष्य
✅ बॉन्ड यील्ड में गिरावट:
- 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 4.20% तक गिर चुका है, जो 11 सप्ताह का निचला स्तर है।
- ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बॉन्ड यील्ड कम हो रही है, जिससे सोने की गिरावट कुछ हद तक सीमित रह सकती है।
✅ ट्रंप की नीतियों का असर:
- ट्रंप ने पुष्टि की है कि 4 मार्च से मेक्सिको और कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 25% और चीन पर 10% शुल्क लगेगा।
- इन नीतियों से अमेरिकी बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे निवेशक सोने की ओर लौट सकते हैं।
क्या सोना फिर से $3,000 के स्तर को छू सकता है?
📉 निवेशकों की चिंताएं:
- डॉलर की मजबूती के कारण फिलहाल सोने में $2,800 तक गिरावट संभव है।
- लेकिन, अगर फेड ब्याज दरों में कटौती का संकेत देता है, तो सोना फिर से $3,000 के ऊपर जा सकता है।
📈 मांग बढ़ने की संभावना:
- वैश्विक अनिश्चितताओं और मंदी की चिंताओं के चलते सोने की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में मांग बढ़ सकती है।
- चीन और भारत में बढ़ती खुदरा मांग भी सोने की कीमतों को सपोर्ट कर सकती है।
निष्कर्ष:
अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति डेटा और ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियां सोने की कीमतों की दिशा तय करेंगी। फिलहाल, $2,890 से नीचे स्थिरता नकारात्मक संकेत है, लेकिन यदि डॉलर में कमजोरी आती है तो सोना फिर से ऊपर जा सकता है। निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव पर नज़र रखते हुए समझदारी से निवेश करने की सलाह दी जाती है।