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SBI PO 2025 परीक्षा आज से शुरू: शिफ्ट टाइमिंग, परीक्षा दिशानिर्देश और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

SBI PO परीक्षा 2025 का प्रीलिम्स आज, 8 मार्च 2025 से शुरू हो रहा है। यह परीक्षा तीन अलग-अलग तारीखों – 8, 16 और 24 मार्च 2025 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले एडमिट कार्ड, फोटो आईडी प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लेकर जाना अनिवार्य है। परीक्षा में तीन सेक्शन होंगे – अंग्रेजी भाषा, मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude) और तर्कशक्ति (Reasoning Ability), प्रत्येक सेक्शन के लिए 20 मिनट का समय निर्धारित है।

SBI PO 2025 परीक्षा शेड्यूल और अन्य जानकारी

SBI PO परीक्षा ऑनलाइन (कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट) मोड में आयोजित की जाएगी। कुल 100 अंकों की यह परीक्षा 1 घंटे (60 मिनट) की होगी। सभी उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

SBI PO 2025 परीक्षा – मुख्य जानकारी

📅 परीक्षा तिथियां: 8, 16 और 24 मार्च 2025
💻 परीक्षा मोड: ऑनलाइन (CBT)
परीक्षा अवधि: 60 मिनट
📊 कुल अंक: 100
📚 सेक्शन: अंग्रेजी भाषा, मात्रात्मक योग्यता, तर्कशक्ति

महत्वपूर्ण निर्देश

समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें: उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30-45 मिनट पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है।
जरूरी दस्तावेज साथ रखें: एडमिट कार्ड, वैध फोटो आईडी (आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी आदि) और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाएं।
परीक्षा के नियमों का पालन करें: परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना सख्त मना है।

SBI PO 2025 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं! परीक्षा से संबंधित अधिक अपडेट और विस्तृत जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। 🚀

जी. वी. प्रकाश की ‘किंग्सटन’ – एक कमजोर प्रयास

फिल्म का नाम: किंग्सटन
रिलीज़ डेट: 7 मार्च 2025
रेटिंग: 2.5/5
कलाकार: जी. वी. प्रकाश कुमार, दिव्यभारती, चेतन, अज़गम पेरुमाल, इलंगो कुमारवेल, सबुमोन अब्दुसमद, एंटनी, अरुणाचलेश्वरन, राजेश बालाचंद्रन।
निर्देशक: कमल प्रकाश
निर्माता: जी. वी. प्रकाश कुमार और उमेश के. आर. बंसल
संगीत निर्देशक: जी. वी. प्रकाश कुमार
छायाकार: गोकुल बेनोय
संपादक: सान लोकेश
सम्बंधित लिंक: ट्रेलर

फिल्म समीक्षा:

तमिल फिल्म ‘किंग्सटन’ में संगीतकार और अभिनेता जी. वी. प्रकाश कुमार मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इसे भारत की पहली समुद्री एडवेंचर फिल्म बताया जा रहा है और इसे तमिल के साथ-साथ तेलुगु में भी रिलीज़ किया गया है। यह फिल्म आज सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई। आइए जानते हैं कि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है या नहीं।

कहानी:

1982 में, तमिलनाडु के तटवर्ती गांव थूवथुर पर एक रहस्यमयी शाप का साया मंडराने लगता है, जिससे गांववाले मछली पकड़ने का काम छोड़ देते हैं। वर्तमान समय में, किंग्सटन उर्फ किंग (जी. वी. प्रकाश कुमार) एक लालची व्यक्ति है, जो थूथुकुडी में थॉमस (सबुमोन अब्दुसमद) के नेतृत्व वाले तस्कर गिरोह के लिए काम करता है। कुछ खतरनाक रहस्यों का पता चलने के बाद, किंग इस गिरोह से अलग होने का फैसला करता है और अपने गांव के लोगों की आजीविका पुनर्जीवित करने के लिए समुद्र की यात्रा पर निकलता है। लेकिन समुद्र का खतरनाक शाप उसके रास्ते में आ जाता है। क्या किंग इस शाप को तोड़ पाएगा, या वह भी इसका शिकार बन जाएगा? यही फिल्म की मुख्य कहानी है।

सकारात्मक पक्ष:

फिल्म की दूसरी छमाही में समुद्री एडवेंचर से जुड़े कुछ दृश्य प्रभावशाली हैं, जो रोमांच और रहस्य बनाए रखते हैं। खुले समुद्र में फिल्माए गए सीक्वेंस अच्छे से फिल्माए गए हैं, जो दर्शकों को कुछ हद तक बांधे रखते हैं।

जी. वी. प्रकाश कुमार ने अपने किरदार को अच्छे से निभाने की कोशिश की है। कुछ रोमांचक दृश्य, खासकर फिल्म के अंतिम हिस्से में, दर्शकों को उत्साहित करते हैं और उन्हें यह जानने के लिए प्रेरित करते हैं कि आगे क्या होगा।

नकारात्मक पक्ष:

भारत की पहली समुद्री एडवेंचर फिल्म के रूप में प्रचारित की गई ‘किंग्सटन’ कमजोर पटकथा और असमान निर्देशन के कारण प्रभाव नहीं छोड़ पाती। फिल्म की कहानी में गहराई और कसावट की जरूरत थी, लेकिन यह बार-बार दोहराए जाने वाले और अनावश्यक फ्लैशबैक के कारण कमजोर हो जाती है।

फिल्म की धीमी गति इसे उबाऊ बना देती है। महत्वपूर्ण मोड़ों पर भी कहानी बार-बार फ्लैशबैक में चली जाती है, जो कथा प्रवाह को बाधित करता है। इसके अलावा, फिल्म ‘केजीएफ’ से काफी प्रेरित लगती है, जिसमें स्टाइलिश फ्लैशकार्ड्स और जबरन हाइप बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन यह कहानी में कोई ठोस प्रभाव नहीं छोड़ती।

निष्कर्ष:

‘किंग्सटन’ एक अच्छे विचार पर बनी फिल्म थी, लेकिन कमजोर पटकथा और धीमी गति के कारण दर्शकों को बांधने में असफल रहती है। हालांकि कुछ समुद्री दृश्य और रोमांचक क्षण फिल्म को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह एक औसत दर्जे का अनुभव ही प्रदान करती है। यदि आप रोमांचक समुद्री एडवेंचर की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको थोड़ा निराश कर सकती है।

जामिया मिलिया इस्लामिया में एडमिशन प्रक्रिया शुरू, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली – जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रवेश का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 14 नए कोर्स शुरू करने के साथ ही एडमिशन प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। यदि आप इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की योजना बना रहे हैं, तो जल्द से जल्द आवेदन करने का सही समय आ गया है।

जामिया मिलिया इस्लामिया: भारत की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल

जामिया मिलिया इस्लामिया भारत की सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक है, जहां हर साल हजारों छात्र प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। इस वर्ष, विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रमों में विस्तार करते हुए 14 नए कोर्स जोड़े हैं, जिससे छात्रों को और अधिक विविध शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।

किन छात्रों के लिए है खास मौका?

इस साल की प्रवेश प्रक्रिया में भारतीय छात्रों के साथ-साथ दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के छात्रों के लिए भी विशेष लाभ दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सार्क देशों से आने वाले छात्रों की ट्यूशन फीस में कटौती करने का निर्णय लिया है, जिससे वे कम खर्च में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

कैसे करें आवेदन?

यदि आप जामिया मिलिया इस्लामिया में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो निम्नलिखित प्रक्रिया को अपनाएं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले, जामिया मिलिया इस्लामिया की आधिकारिक वेबसाइट (www.jmi.ac.in) पर जाएं।
  2. रजिस्ट्रेशन करें: नए उपयोगकर्ता के रूप में रजिस्ट्रेशन करें और आवश्यक जानकारी भरें।
  3. आवेदन पत्र भरें: अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
  4. फीस जमा करें: ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  5. फॉर्म सबमिट करें: सभी जानकारी की पुष्टि करने के बाद आवेदन पत्र जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंटआउट लें।

प्रवेश परीक्षा और चयन प्रक्रिया

कुछ कोर्सेज के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि अन्य कोर्सेज में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित पाठ्यक्रम की प्रवेश आवश्यकताओं को ध्यान से पढ़ें और तदनुसार तैयारी करें।

कब तक कर सकते हैं आवेदन?

आवेदन की अंतिम तिथि जल्द ही विश्वविद्यालय द्वारा घोषित की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को समय पर आवेदन करने की सलाह दी जाती है ताकि वे अंतिम समय की परेशानियों से बच सकें।

निष्कर्ष

जामिया मिलिया इस्लामिया में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और यह छात्रों के लिए एक शानदार अवसर है। 14 नए कोर्सेज और सार्क देशों के छात्रों के लिए शुल्क में छूट के साथ, यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन गया है। यदि आप भी जामिया में पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, तो जल्दी से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद: रणवीर अल्लाहबादिया और अपूर्वा मुखिजा ने NCW से मांगी माफी

नई दिल्ली – लोकप्रिय यूट्यूबर्स रणवीर अल्लाहबादिया और अपूर्वा मुखिजा ने “इंडियाज गॉट लेटेंट” शो में किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) से माफी मांग ली है। शुक्रवार, 7 मार्च 2025 को NCW ने पुष्टि की कि दोनों कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने बयान के लिए लिखित रूप में माफी पत्र सौंपा है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में यूट्यूब शो “इंडियाज गॉट लेटेंट” का एक एपिसोड सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें रणवीर अल्लाहबादिया और अपूर्वा मुखिजा द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक मानी गईं। इन बयानों को लेकर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की और सोशल मीडिया पर इन दोनों यूट्यूबर्स की कड़ी आलोचना हुई।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए दोनों को नोटिस भेजा था और उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। इसके जवाब में, रणवीर और अपूर्वा ने आयोग के समक्ष अपनी गलती स्वीकारते हुए औपचारिक रूप से माफी मांग ली।

NCW ने क्या कहा?

NCW की अध्यक्ष ने कहा, “हमने रणवीर अल्लाहबादिया और अपूर्वा मुखिजा से उनकी टिप्पणियों को लेकर जवाब मांगा था। उन्होंने अब लिखित में माफी मांग ली है और आश्वासन दिया है कि भविष्य में वे इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करेंगे।”

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

यह विवाद सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इन यूट्यूबर्स की माफी को स्वीकार किया, जबकि कुछ ने इसे पब्लिक प्रेशर में लिया गया कदम बताया। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #IndiasGotLatentRow ट्रेंड करने लगा, जहां लोगों ने अपनी राय व्यक्त की।

भविष्य में क्या होगा?

NCW ने यह भी कहा कि वे डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स पर नजर रखेंगे ताकि इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, रणवीर और अपूर्वा ने अपने दर्शकों को यह आश्वासन दिया है कि वे आगे से अपने कंटेंट में अधिक संवेदनशीलता बरतेंगे और ध्यान देंगे कि उनके बयान किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।

यह घटना एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। सोशल मीडिया की ताकत को समझते हुए, सार्वजनिक हस्तियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी कही गई बातें समाज पर गलत प्रभाव न डालें।