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अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, 4 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान, मंदी और टैरिफ का खतरा

अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। यह गिरावट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बदलती व्यापार नीतियों, टैरिफ में बढ़ोतरी और संभावित आर्थिक मंदी के कारण आई है।

बाजार में दहशत, निवेशकों को भारी नुकसान

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक और एसएंडपी 500 इंडेक्स में तेज गिरावट आई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों में आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ रही है, जिससे शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई।

डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,200 अंक से अधिक गिर गया, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में क्रमशः 4.5% और 3.8% की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण अमेरिकी शेयर बाजार की कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की हानि हुई।

ट्रंप की व्यापार नीतियों और टैरिफ विवाद का असर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बदलती व्यापार नीतियों और बढ़ते टैरिफ विवाद ने बाजार को अस्थिर कर दिया है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने चीन, यूरोप और अन्य देशों से आयातित उत्पादों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिससे व्यापारिक तनाव और बढ़ गया है।

विश्लेषकों का मानना है कि इन टैरिफ नीतियों के कारण अमेरिकी कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे उनका लाभ कम होगा और बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।

आर्थिक मंदी की आशंका से निवेशक चिंतित

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका भी इस गिरावट का प्रमुख कारण मानी जा रही है। हाल ही में जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन में कमी, उपभोक्ता खर्च में गिरावट और महंगाई दर में वृद्धि जैसी चिंताएं बाजार को प्रभावित कर रही हैं।

फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ती है, तो शेयर बाजार में और भी गिरावट देखी जा सकती है।

आगे क्या?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक व्यापार नीति में स्थिरता नहीं आती और आर्थिक अनिश्चितता दूर नहीं होती, तब तक निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

अमेरिकी सरकार द्वारा व्यापार नीतियों में सुधार और फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों पर बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि आने वाले हफ्तों में कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिलता है, तो निवेशकों को और नुकसान झेलना पड़ सकता है।

एलन मस्क का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ ठप, अमेरिका और यूके में हजारों उपयोगकर्ता प्रभावित

एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को सोमवार सुबह अमेरिका और यूके में बड़े पैमाने पर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे हजारों उपयोगकर्ता प्रभावित हुए।

हजारों उपयोगकर्ताओं ने दर्ज कराई शिकायतें

प्लेटफॉर्म मॉनिटरिंग सेवा Downdetector के अनुसार, अमेरिका में हजारों उपयोगकर्ताओं ने X पर आई समस्याओं की रिपोर्ट की।

यूके में भी दोपहर 2:00 बजे (GMT) से पहले 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं ने आउटेज की शिकायत की, जिससे पता चलता है कि यह समस्या केवल अमेरिका तक सीमित नहीं थी। कई उपयोगकर्ता दोपहर तक भी कनेक्शन समस्याओं का सामना कर रहे थे।

जो उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म तक पहुंचने या ऐप और डेस्कटॉप साइट पर अपनी फ़ीड रिफ्रेश करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें केवल लोडिंग आइकन दिख रहा था।

मस्क ने साइबर अटैक का आरोप लगाया

एलन मस्क ने दावा किया कि X प्लेटफॉर्म पर हुआ यह आउटेज एक “बड़े साइबर हमले” का नतीजा था, जो “यूक्रेन क्षेत्र” से शुरू हुआ था। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया और यह भी स्पष्ट नहीं किया कि इसमें किसी राज्य प्रायोजित साइबर समूह की संलिप्तता थी या नहीं।

उन्होंने X पर पोस्ट किया, “या तो यह एक बड़े, संगठित समूह का हमला है या किसी देश की संलिप्तता है।”

बीबीसी ने इस मामले में वाशिंगटन डीसी स्थित यूक्रेनी दूतावास से प्रतिक्रिया मांगी है।

नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट में साइबर हमले की पुष्टि

नेटब्लॉक्स के निदेशक, अल्प टोकर, जो इंटरनेट सेवाओं की निगरानी करते हैं, ने कहा कि उनके डेटा के अनुसार यह आउटेज साइबर हमले से संबंधित हो सकता है।

उन्होंने कहा, “जो हम देख रहे हैं, वह पिछले डिनायल ऑफ सर्विस (DDoS) हमलों के पैटर्न के अनुरूप है। यह किसी तकनीकी गड़बड़ी के बजाय एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया हमला प्रतीत होता है।”

नेटब्लॉक्स ने बताया कि सोमवार को X पर छह घंटे से अधिक समय तक बड़े पैमाने पर आउटेज देखने को मिले, जिनका प्रभाव वैश्विक स्तर पर पड़ा।

क्या था हमला?

DDoS (डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस) एक प्रकार का साइबर हमला होता है, जिसमें किसी वेबसाइट या प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से ठप करने के लिए भारी मात्रा में इंटरनेट ट्रैफिक भेजा जाता है।

मस्क ने पहले भी X पर DDoS हमलों का दावा किया था, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यूक्रेन पर मस्क की तीखी टिप्पणी

सोमवार को मस्क ने अमेरिकी सीनेटर मार्क केली पर भी निशाना साधा। उन्होंने यूक्रेन दौरे पर गए डेमोक्रेट सीनेटर को “देशद्रोही” करार दिया। इस पर केली ने जवाब देते हुए लिखा, “एलन, अगर आपको यह समझ नहीं आता कि स्वतंत्रता की रक्षा करना अमेरिका की बुनियादी पहचान का हिस्सा है, तो इसे हम पर ही छोड़ दें।”

‘Dune: Part Two’ फिर से भारत में होगी रिलीज़, 14 मार्च से देखें ज़ेंडाया-टिमोथी चालमेट की महाकाव्यिक कहानी

साइंस-फिक्शन प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! ‘Dune: Part Two’ एक बार फिर भारतीय सिनेमाघरों में वापसी कर रही है। वॉर्नर ब्रदर्स इंडिया ने सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की, जिससे फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म 14 मार्च 2025 से दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी, जिससे दर्शकों को इसे बड़े पर्दे पर फिर से देखने का सुनहरा मौका मिलेगा।

महाकाव्यिक सीक्वल की वापसी

‘Dune: Part Two’ पहली बार 2024 में रिलीज़ हुई थी और इसे दुनियाभर में जबरदस्त सफलता मिली थी। डेनिस विलेन्यूव द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, बल्कि दर्शकों और समीक्षकों से भी बेहतरीन प्रतिक्रियाएँ प्राप्त कीं। ज़ेंडाया और टिमोथी चालमेट की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म 1965 में फ्रैंक हर्बर्ट द्वारा लिखे गए प्रतिष्ठित उपन्यास ‘Dune’ पर आधारित है।

फिर से बड़े पर्दे पर जादू बिखेरने को तैयार

‘Dune: Part Two’ की कहानी पॉल एट्रेइड्स (टिमोथी चालमेट) और चानी (ज़ेंडाया) के संघर्ष और रोमांच से भरपूर यात्रा को दर्शाती है। इस फिल्म में भव्य विज़ुअल्स, शानदार सिनेमैटोग्राफी और दमदार अभिनय का संगम देखने को मिलता है, जिसे बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव बेहद खास होता है।

फिल्म की वापसी की घोषणा के बाद से सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त हलचल है। फैंस ज़ेंडाया और टिमोथी चालमेट की केमिस्ट्री को दोबारा देखने के लिए उत्साहित हैं। साथ ही, जिन दर्शकों ने इसे पहली बार सिनेमाघरों में मिस कर दिया था, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है।

बॉक्स ऑफिस पर फिर मचाएगी धमाल?

पहली रिलीज़ के दौरान ‘Dune: Part Two’ ने भारत समेत दुनियाभर में शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने अपने विज़ुअल इफेक्ट्स, निर्देशन और स्टोरीटेलिंग के लिए कई पुरस्कार भी जीते। अब जब यह दोबारा सिनेमाघरों में आ रही है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इसे कितना पसंद करते हैं और यह फिर से बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है।

क्या आप तैयार हैं?

अगर आप एक बेहतरीन साइंस-फिक्शन फिल्म का अनुभव बड़े पर्दे पर करना चाहते हैं, तो 14 मार्च को अपने नजदीकी सिनेमाघर में ‘Dune: Part Two’ देखने का मौका न चूकें। ज़ेंडाया और टिमोथी चालमेट की इस अद्भुत फिल्म को देखने के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि यह फिल्म आपको एक बार फिर एक अद्वितीय सिनेमा अनुभव देने के लिए वापस आ रही है।