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IRFC ने FY25 के लिए ₹0.80 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया

भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) ने सोमवार, 17 मार्च 2025 को वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए ₹0.80 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया। कंपनी ने यह घोषणा एक नियामक फाइलिंग के माध्यम से की, जिसमें बताया गया कि इसके निदेशक मंडल ने इस लाभांश को मंजूरी दी है

रिकॉर्ड तिथि और भुगतान प्रक्रिया

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि लाभांश के लिए पात्र शेयरधारकों की रिकॉर्ड तिथि 21 मार्च 2025 निर्धारित की गई है। इसका मतलब यह है कि जो निवेशक 21 मार्च 2025 तक IRFC के शेयरधारक होंगे, वे इस लाभांश के हकदार होंगे

इसके अलावा, कंपनी ने जानकारी दी कि यह लाभांश घोषणा के 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा, जिससे निवेशकों को समय पर लाभ प्राप्त हो सके।

कंपनी की पिछली घोषणा

IRFC ने 10 मार्च 2025 को एक नियामक फाइलिंग में बताया था कि इसके निदेशक मंडल की बैठक 17 मार्च 2025 को निर्धारित की गई है, जिसमें दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा पर विचार किया जाएगा। अब, इस बैठक में ₹0.80 प्रति शेयर का लाभांश घोषित कर दिया गया है।

IRFC के शेयरों का प्रदर्शन

हालांकि IRFC ने FY25 के लिए निवेशकों को दूसरा अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है, लेकिन इसके शेयरों के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है:
पिछले एक महीने में IRFC के शेयरों में 7% की गिरावट आई है।
साल-दर-साल (YTD) आधार पर शेयर 22% गिर चुका है।
पिछले छह महीनों में IRFC स्टॉक 30% तक गिरा है।
हालांकि, पिछले दो वर्षों में IRFC शेयरों ने 330% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

IRFC क्या करता है?

IRFC भारतीय रेलवे का प्रमुख वित्तीय संगठन है, जो रेलवे परियोजनाओं के लिए धन जुटाने का कार्य करता है। यह नवरत्न (Navratna) PSU का दर्जा प्राप्त सरकारी कंपनी है, और इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है यह लाभांश?

🔹 स्थिर रिटर्न: IRFC निवेशकों को नियमित लाभांश देकर आकर्षक रिटर्न प्रदान करता है।
🔹 शेयरधारकों के लिए लाभ: ₹0.80 प्रति शेयर का लाभांश उन निवेशकों को अतिरिक्त आय प्रदान करेगा, जो 21 मार्च 2025 तक कंपनी के शेयरधारक बने रहेंगे
🔹 बाजार में स्थिरता: IRFC के शेयरों में हाल ही में गिरावट आई है, लेकिन कंपनी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाता है

IRFC ने FY25 के लिए ₹0.80 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया है, जिससे कंपनी के शेयरधारकों को सीधा फायदा होगा। 21 मार्च 2025 को रिकॉर्ड तिथि तय की गई है, और लाभांश का भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। हालांकि, IRFC के शेयरों में हाल के महीनों में गिरावट देखी गई है, लेकिन इसका दीर्घकालिक प्रदर्शन निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।

Netflix की सीरीज़ “Adolescence”: एक सिंगल-शॉट मॉन्स्टर जिसने दिमाग हिला दिया

Netflix की नई लिमिटेड सीरीज़ “Adolescence” ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। चार एपिसोड, चार घंटे और अंत में सिर्फ एक सवाल—“आखिर यह क्या था?” ब्रैड पिट द्वारा सह-निर्मित यह शो, जिसे फिलिप बारंटिनी, स्टीफन ग्राहम और जैक थॉर्न ने बनाया है, एक अलग ही स्तर की सिनेमैटिक कृति है। इस सीरीज़ में न सिर्फ एक 13 साल के लड़के पर लगे मर्डर के आरोप की कहानी है, बल्कि यह उन बच्चों की दुनिया को भी उजागर करती है, जिन्हें हम रोज़ देखते हैं लेकिन कभी ठीक से समझने की कोशिश नहीं करते।

शुरुआत से ही जबरदस्त सस्पेंस

शो की शुरुआत ही इतनी धमाकेदार है कि दर्शक स्क्रीन से चिपक जाते हैं। जेमी मिलर (ओवेन कूपर) नाम का एक दुबला-पतला बच्चा, जिसकी आंखों में खो जाने की उदासी झलकती है, अचानक पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया जाता है। आरोप? अपने ही सहपाठी को चाकू घोंपना। उसके पिता एडी (स्टीफन ग्राहम) घबरा जाते हैं, मां मांडा (क्रिस्टीन ट्रेमार्को) चीखने लगती हैं, और बहन लीसा (अमेलिया पैसे) हैरानी से सब कुछ देखती रहती है।

इस सीरीज़ की सबसे खास बात है सिंगल-शॉट फिल्मांकन—कैमरा बिना कट के पूरी कहानी को दिखाता है, जिससे हर सीन और ज़्यादा इंटेंस और रियलिस्टिक लगने लगता है। कैमरा एक शिकारी की तरह इन किरदारों के पीछे चलता है, उनकी भावनाओं को कैद करता है और दर्शकों को सांस तक लेने नहीं देता।

हर एपिसोड, एक अलग अनुभव

पहला एपिसोड पुलिस कार्रवाई को दिखाता है, जहां ल्यूक बैस्कॉम्ब (एशले वॉल्टर्स) नाम का जासूस इस केस को संभाल रहा है। उसकी आवाज़ में संयम है, लेकिन अंदर से वह भी टूटा हुआ है। अपने बेटे से दूरियां, पिता बनने की जिम्मेदारी से घबराहट—यह सब उसे इंसानी बनाते हैं। जब वह जेमी से पूछताछ करता है, तो हर एक सवाल दर्शकों के दिल में गूंजता है।

ब्रिटिश पुलिस और भारतीय कानून व्यवस्था का अंतर

सीरीज़ यह भी दिखाती है कि ब्रिटिश पुलिस कितनी संवेदनशील और प्रोफेशनल होती है। वहाँ पर आरोपी से बातचीत, बिना हिंसा के जांच और कानून का पालन देखने को मिलता है। वहीं, भारतीय पुलिस व्यवस्था में अक्सर गरीबों के साथ मारपीट और बदसलूकी आम बात होती है। यह तुलना दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है कि न्याय की परिभाषा अलग-अलग देशों में कितनी भिन्न हो सकती है।

“Adolescence” क्यों देखें?

  • सिंगल-शॉट फिल्मांकन: बिना कट के शूट किए गए लंबे सीन, जो वास्तविकता का एहसास कराते हैं।
  • शानदार अभिनय: हर किरदार की परफॉर्मेंस आपको अंदर तक झकझोर देगी।
  • थीम और संदेश: किशोर अपराध, पारिवारिक तनाव और सामाजिक मुद्दों पर गहरी चर्चा।

Netflix की यह सीरीज़ सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो देखने वालों को लंबे समय तक सोचने पर मजबूर कर देगा।

IRFC शेयर प्राइस: नवरत्न पीएसयू आज घोषित करेगा दूसरा अंतरिम डिविडेंड

भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के शेयरों पर आज निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया जाएगा। IRFC, जो कि एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, पिछले दो वर्षों में निवेशकों को 330% का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है, लेकिन हाल के महीनों में इसके शेयरों में गिरावट देखी गई है।

IRFC शेयरों में गिरावट

पिछले एक महीने में IRFC के शेयरों में 7% की गिरावट आई है, जबकि इस साल की शुरुआत से अब तक यह 22% नीचे आ चुका है। यदि पिछले छह महीनों की बात करें तो शेयर की कीमत में 30% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों को इस शेयर ने शानदार रिटर्न दिया है।

IRFC बोर्ड बैठक और डिविडेंड घोषणा

IRFC ने 10 मार्च को एक नियामकीय फाइलिंग में बताया कि कंपनी का निदेशक मंडल 17 मार्च 2025 को बैठक करेगा, जिसमें दूसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा पर विचार किया जाएगा।

“यह सूचित किया जाता है कि कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक सोमवार, 17 मार्च 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए शेयरधारकों को दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित करने पर विचार किया जाएगा।”

इस घोषणा के बाद IRFC के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है और निवेशक डिविडेंड से जुड़ी जानकारी पर विशेष ध्यान देंगे।

IRFC डिविडेंड रिकॉर्ड डेट

IRFC ने 21 मार्च 2025 को डिविडेंड के भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट के रूप में तय किया है।

“SEBI (लिस्टिंग दायित्व एवं प्रकटीकरण आवश्यकताएँ) विनियम, 2015 के नियमन 42 के अनुसार, शेयरधारकों के लिए इस दूसरे अंतरिम डिविडेंड के भुगतान की पात्रता निर्धारित करने हेतु रिकॉर्ड तिथि शुक्रवार, 21 मार्च 2025 तय की गई है, जो निदेशक मंडल की मंजूरी के अधीन है।”

डिविडेंड रिकॉर्ड डेट वह तिथि होती है जब कंपनी यह तय करती है कि किन निवेशकों को डिविडेंड का लाभ मिलेगा। T+1 सेटलमेंट साइकल के अनुसार, डिविडेंड जैसे कॉर्पोरेट एक्शन के लिए एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट एक ही दिन होते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

  • यदि IRFC एक आकर्षक डिविडेंड घोषित करता है, तो शेयर की मांग बढ़ सकती है।
  • रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदने वाले निवेशकों को डिविडेंड का लाभ मिलेगा।
  • हालिया गिरावट के बावजूद, दीर्घकालिक निवेशकों को IRFC से अच्छे रिटर्न की उम्मीद बनी हुई है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड की बैठक के बाद IRFC के शेयरों में क्या बदलाव देखने को मिलता है और निवेशकों के लिए डिविडेंड कितना फायदेमंद साबित होता है।

चीन में DeepSeek कर्मचारियों पर यात्रा प्रतिबंध

चीन की एआई स्टार्टअप कंपनी DeepSeek के कुछ प्रमुख कर्मचारियों को देश से बाहर यात्रा करने से रोका जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के पैरेंट संगठन High-Flyer ने अपने कर्मचारियों के पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं ताकि वे विदेश न जा सकें।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल ही में चीनी सरकार ने एआई शोधकर्ताओं और पेशेवरों को अमेरिका यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया था। सरकार को डर है कि अगर ये पेशेवर विदेश जाते हैं, तो वे व्यापारिक रहस्यों को उजागर कर सकते हैं, जिससे चीन की तकनीकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

सरकार की सख्ती और निगरानी

सूत्रों के अनुसार, चीनी सरकार DeepSeek सहित कई एआई कंपनियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विदेशी निवेशक इन कंपनियों के डेटा और अनुसंधान तक न पहुंच पाएं। DeepSeek के प्रमुख कर्मचारियों को यात्रा करने से रोकना इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।

टेक कंपनियों पर बढ़ती पाबंदियां

चीन ने पहले भी तकनीकी कंपनियों और उनके कर्मचारियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं। 2023 में, बीजिंग ने कुछ साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन कानून लागू किए थे, जिससे विदेशी कंपनियों के साथ डेटा साझा करना कठिन हो गया था। अब, DeepSeek कर्मचारियों पर यात्रा प्रतिबंध यह दर्शाता है कि सरकार एआई तकनीक को लेकर कितनी सतर्क है।

निवेशकों की जांच पड़ताल

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार अब संभावित निवेशकों की कड़ी जांच कर रही है। DeepSeek जैसी कंपनियों में निवेश करने से पहले सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि निवेशक चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा न पैदा करें।

क्या हो सकता है असर?

इस फैसले से चीन की एआई इंडस्ट्री में काम करने वाले पेशेवरों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। कई एआई विशेषज्ञ जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल होना चाहते हैं, वे अब यात्रा प्रतिबंधों के कारण ऐसा नहीं कर पाएंगे।

चीन की यह नीति दर्शाती है कि सरकार तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर बेहद सतर्क है और वह नहीं चाहती कि एआई तकनीक से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी विदेशी कंपनियों या देशों के हाथ लगे।