सुर्खियां:
- ओला इलेक्ट्रिक ने भारतीय शेयर बाजार में धूम मचा दी है! देश की पहली इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी के रूप में ओला ने अपने आईपीओ के लिए बाजार नियामक सेबी के पास दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
- यह कदम कंपनी के लिए और पूंजी जुटाने का महत्वपूर्ण कदम है और भारतीय ईवी इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर है।
- ओला कुल मिलाकर 7,250 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 5,500 करोड़ रुपये नए शेयरों की बिक्री (फ्रेश इश्यू) और 1,750 करोड़ रुपये मौजूदा शेयरधारकों के शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) से आएंगे।
पहला भारतीय ईवी आईपीओ:
ओला इलेक्ट्रिक का आईपीओ भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह पहली बार है कि कोई भारतीय ईवी कंपनी सार्वजनिक रूप से शेयर बाजार में प्रवेश करने की कोशिश कर रही है। यह न केवल ओला के लिए, बल्कि पूरे भारतीय ईवी उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
जुटाए गए धन का उपयोग:
ओला इलेक्ट्रिक इस पूंजी का उपयोग दो मुख्य कार्यों के लिए करेगी:
- ईवी कारोबार का विस्तार: ओला अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत देश भर में ई-स्कूटर और ई-बाइक का उत्पादन और बिक्री बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
- लिथियम-आयन सेल निर्माण इकाई स्थापना: ओला भविष्य में बड़ी मात्रा में बैटरी बनाने के लिए अपनी खुद की लिथियम-आयन सेल निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी को विदेशी निर्भरता कम करने और लागत कम करने में मदद करेगा।
आईपीओ के बारे में और जानें:
- लक्ष्य मूल्यांकन: सूत्रों का कहना है कि ओला का लक्ष्य मूल्यांकन लगभग 7.5 बिलियन डॉलर है।
- आईपीओ में भाग लेने वाले बैंक: कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, गोल्डमैन सैक्स, बीओएफए सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, एसबीआई कैपिटल और बॉब कैपिटल जैसे प्रमुख निवेश बैंक इस आईपीओ में भाग ले रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं:
ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ की सफलता भारतीय ईवी उद्योग के विकास को गति दे सकती है। अन्य कंपनियों को भी ओला के नक्शेकदम पर चलने के लिए प्रेरित कर सकती है और भारतीय ईवी बाजार को और मजबूत बना सकती है। हालांकि, सफलता के लिए ओला को न केवल बाजार का विश्वास जीतना होगा, बल्कि भविष्य में लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन भी दिखाना होगा।



