भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 750 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 22,600 के नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, अमेरिका में उपभोक्ता मांग में गिरावट और नए टैरिफ खतरे के कारण भारतीय बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा। सभी प्रमुख सेक्टरों में गिरावट देखी गई।
बाजार में भारी गिरावट
बीएसई सेंसेक्स 764.29 अंक (-1.01%) गिरकर 74,546.77 पर आ गया, जबकि निफ्टी50 227.45 अंक (-1%) टूटकर 22,568.40 पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार में गिरावट के 4 प्रमुख कारण:
1. वैश्विक बाजारों में कमजोरी
अमेरिकी शेयर बाजार में हाल ही में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इससे वैश्विक निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी और भारतीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला।
2. अमेरिका में उपभोक्ता मांग में गिरावट
अमेरिका में उपभोक्ता मांग कमजोर होने के संकेत मिले हैं, जिससे निवेशकों को चिंता है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। भारतीय कंपनियों के लिए भी यह एक नकारात्मक संकेत है।
3. टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंता
अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लगाए जाने की आशंका बनी हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखा गया।
4. बैंकिंग और आईटी सेक्टर में बिकवाली
बैंकिंग और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हो गई।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में निकट भविष्य में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं, आगामी महंगाई दर के आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
📉 बाजार में निवेश से पहले सतर्कता बरतें और लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों में निवेश करें।



