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वीकेंड बिंज: पसंद आई Dabba Cartel? तो ये महिला-केंद्रित फ़िल्में ज़रूर देखें!

नई दिल्ली:
Netflix की बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज़ Dabba Cartel आखिरकार रिलीज़ हो गई है। यह क्राइम थ्रिलर पांच साधारण मध्यमवर्गीय महिलाओं की कहानी दिखाती है, जिनका डब्बा बिजनेस अचानक खतरनाक ड्रग कार्टेल की दुनिया में कदम रखता है। इस सीरीज़ में शबाना आज़मी, गजराज राव, ज्योतिका, निमिषा सजयन, शालिनी पांडे और अंजलि आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं।

अगर Dabba Cartel देखने के बाद आप और दमदार महिला-केंद्रित कहानियों की तलाश कर रहे हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं। आपके वीकेंड को शानदार बनाने के लिए ये टॉप फ़िल्में आपकी वॉचलिस्ट में होनी चाहिए:

1. मदर इंडिया – प्राइम वीडियो

1957 में आई यह क्लासिक फ़िल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महान फ़िल्मों में गिनी जाती है। मेहबूब खान के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में नरगिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राज कुमार ने दमदार अभिनय किया है। अगर Gen Z ने इसे अभी तक नहीं देखा, तो अब देखने का सही समय है!

2. इंग्लिश विंग्लिश – जियोसिनेमा/डिज़्नी+ हॉटस्टार

श्रीदेवी की ये बेहतरीन फ़िल्म उनकी विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 2012 में टोरंटो इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के दौरान इसे 5 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। फ़िल्म एक मराठी गृहिणी की कहानी है, जो इंग्लिश सीखने की यात्रा पर निकलती है और आत्मनिर्भर बनती है।

3. क्वीन – नेटफ्लिक्स

कंगना रनौत की यह फ़िल्म एक साधारण लड़की रानी मेहरा की कहानी है, जो अपनी शादी टूटने के बाद अकेले ही हनीमून पर पेरिस और एम्स्टर्डम घूमने निकल पड़ती है। यह फ़िल्म न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि इसमें कई यादगार डायलॉग भी हैं, जैसे— “मेरा तो इतना लाइफ खराब हो गया!

4. गंगूबाई काठियावाड़ी – नेटफ्लिक्स

संजय लीला भंसाली की इस भव्य फ़िल्म में आलिया भट्ट ने कमाठीपुरा की एक सेक्स वर्कर से नेता बनी गंगूबाई का किरदार निभाया है। इस फ़िल्म के संवाद और गाने, खासतौर पर मेरी जान, बेहद लोकप्रिय हुए। आलिया का दमदार डायलॉग— “जब शक्ति, संपत्ति और सद्बुद्धि तीनों ही औरतें हैं, तो इन मर्दों को किस बात का गुरूर?“—आज भी चर्चा में रहता है।

5. पिंक – प्राइम वीडियो

अगर किसी फ़िल्म ने ना का मतलब ना की अहमियत समझाई, तो वो पिंक है। तापसी पन्नू और अमिताभ बच्चन अभिनीत यह कोर्टरूम ड्रामा महिलाओं की सहमति और समाज की सोच पर गहरी चोट करता है। अमिताभ बच्चन का डायलॉग— “No means no!“—आज भी याद किया जाता है।

आपकी पसंदीदा फ़िल्म कौन-सी है?

इनमें से कौन-सी फ़िल्म आपके दिल के सबसे करीब है? हमें कमेंट में ज़रूर बताएं!

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