माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की है कि वह मई 2025 से अपने लोकप्रिय वीडियो कॉलिंग सेवा, स्काइप, को बंद कर देगा। यह निर्णय कंपनी के संचार प्लेटफ़ॉर्म, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
स्काइप का इतिहास:
स्काइप की स्थापना 2003 में एस्टोनिया के इंजीनियरों द्वारा की गई थी। यह सेवा इंटरनेट के माध्यम से ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा प्रदान करती थी, जिसने वैश्विक संचार में क्रांति ला दी थी। 2005 में, ईबे ने इसे खरीदा, और 2011 में माइक्रोसॉफ्ट ने इसे $8.5 बिलियन में अधिग्रहित किया।
स्काइप का पतन:
हाल के वर्षों में, स्काइप की लोकप्रियता में गिरावट आई है, विशेष रूप से ज़ूम और स्लैक जैसी नई सेवाओं के उदय के साथ। कोविड-19 महामारी के दौरान, जब अन्य वीडियो प्लेटफ़ॉर्म की मांग बढ़ी, स्काइप उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ सका।
माइक्रोसॉफ्ट टीम्स का उदय:
2017 में, माइक्रोसॉफ्ट ने टीम्स को लॉन्च किया, जो एक व्यापक संचार और सहयोग प्लेटफ़ॉर्म है। टीम्स ने तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की है, विशेष रूप से व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के बीच, और अब यह माइक्रोसॉफ्ट का प्रमुख संचार उपकरण बन गया है।
उपयोगकर्ताओं के लिए संक्रमण:
मौजूदा स्काइप उपयोगकर्ता अपनी वर्तमान साख का उपयोग करके माइक्रोसॉफ्ट टीम्स में लॉग इन कर सकते हैं। उनके संपर्क और चैट इतिहास स्वचालित रूप से टीम्स में स्थानांतरित हो जाएंगे, जिससे संक्रमण सुगम होगा।
भविष्य की दिशा:
माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम संचार सेवाओं को एकीकृत करने और उपयोगकर्ताओं को एक समेकित प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करने की दिशा में है। टीम्स के साथ, उपयोगकर्ता न केवल कॉल और मैसेजिंग कर सकते हैं, बल्कि मीटिंग्स होस्ट करना, कैलेंडर प्रबंधन और समुदाय बनाना जैसी सुविधाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।
स्काइप का बंद होना एक युग के अंत का संकेत है, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के साथ, उपयोगकर्ताओं के पास एक आधुनिक और व्यापक संचार समाधान उपलब्ध होगा।



