भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा IndusInd Bank के CEO सुमंत कथपालिया के कार्यकाल को तीन साल की बजाय सिर्फ एक साल के लिए बढ़ाने के फैसले के बाद बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। शुक्रवार को IndusInd Bank के शेयर 5% तक लुढ़क गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
RBI के फैसले का असर
IndusInd Bank के CEO सुमंत कथपालिया का कार्यकाल 23 मार्च 2023 को समाप्त हो रहा था। बैंक ने उनके कार्यकाल को तीन साल के लिए बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन RBI ने केवल एक साल की मंजूरी दी। इस फैसले से बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि CEO का कार्यकाल छोटा करने का निर्णय बैंक की गवर्नेंस या भविष्य की योजनाओं से जुड़ी चिंताओं को दर्शाता है। इससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई, जिसका सीधा असर शेयर बाजार में दिखा।
शेयर बाजार में भारी गिरावट
RBI के इस फैसले के बाद IndusInd Bank के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
- शेयर 5% गिरकर 1,350 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गए।
- दिन की शुरुआत में ही बैंक के स्टॉक्स में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई थी, जो बाद में और गहरी हो गई।
- बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस खबर के कारण बैंक के निवेशकों का भरोसा डगमगा गया।
RBI के फैसले के पीछे की संभावित वजहें
RBI ने CEO का कार्यकाल सिर्फ एक साल के लिए क्यों बढ़ाया, इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं:
- गवर्नेंस को लेकर सवाल: बैंक की गवर्नेंस से जुड़ी कुछ चिंताओं पर RBI की नजर हो सकती है।
- बैंक के प्रदर्शन की समीक्षा: RBI बैंक के प्रदर्शन की पूरी तरह से समीक्षा करने के बाद आगे कोई ठोस फैसला लेना चाहता होगा।
- कर्ज नीतियों पर निगरानी: हाल के वर्षों में IndusInd Bank के बिगड़ते लोन पोर्टफोलियो को लेकर भी कुछ चिंताएं रही हैं।
निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि IndusInd Bank के शेयरों में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बैंक की भविष्य की रणनीति पर नजर रखनी होगी।
- शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए बाजार में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है, जिससे सावधानी बरतनी जरूरी होगी।
IndusInd Bank के CEO सुमंत कथपालिया का कार्यकाल तीन साल की बजाय सिर्फ एक साल बढ़ाने के RBI के फैसले ने बाजार को चौंका दिया। इसके चलते बैंक के शेयरों में 5% की गिरावट आई और निवेशकों की चिंता बढ़ गई। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंक की गवर्नेंस और प्रदर्शन को लेकर RBI आगे क्या निर्णय लेता है और यह फैसले निवेशकों के विश्वास को कैसे प्रभावित करते हैं।



