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अगर आपको Bobby Deol की ‘Ek Badnaam Aashram Season 3’ पसंद आई, तो देखें ये 5 जबरदस्त फिल्में OTT पर!

MX Player पर रिलीज़ हुई ‘Ek Badnaam Aashram Season 3 Part 2’ को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। बॉबी देओल ने इसमें बाबा निराला का किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। खासकर ‘Animal’ में उनकी दमदार एक्टिंग के बाद फैंस उनके नए प्रोजेक्ट्स को लेकर और भी उत्साहित हैं। अगर आपको यह वेब सीरीज पसंद आई है, तो यहां 5 बेहतरीन फिल्में हैं, जिन्हें आप Netflix, MX Player और अन्य OTT प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं।

1. सत्या (Satya) – Netflix

राम गोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित यह फिल्म अंडरवर्ल्ड और अपराध की दुनिया पर आधारित है। 1998 में आई यह फिल्म आज भी क्राइम-थ्रिलर जॉनर की बेस्ट फिल्मों में गिनी जाती है। मनोज बाजपेयी, जेडी चक्रवर्ती और उर्मिला मातोंडकर की दमदार परफॉर्मेंस इसे मस्ट-वॉच फिल्म बनाती है।

2. गंगाजल (Gangaajal) – Amazon Prime Video

अजय देवगन की यह फिल्म सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और अपराध पर आधारित है। प्रकाश झा द्वारा निर्देशित यह फिल्म पुलिस अधिकारियों के संघर्ष को दिखाती है और ‘Ek Badnaam Aashram’ की तरह इसमें भी अपराध, राजनीति और सिस्टम का कच्चा सच दिखाया गया है।

3. रक्तचरित्र (Rakta Charitra) – MX Player

यह फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित एक राजनीतिक क्राइम-थ्रिलर है, जिसमें विवेक ओबेरॉय ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म अपराध, बदला और सत्ता के खेल को बेहतरीन ढंग से दिखाती है। यदि आपको बाबा निराला की कहानी पसंद आई, तो यह फिल्म भी आपको जरूर पसंद आएगी।

4. आश्रम (Aashram) – MX Player

यदि आपने ‘Ek Badnaam Aashram Season 3’ देखी है, तो आपको इसके पहले दो सीजन भी जरूर देखने चाहिए। यह सीरीज धर्म, राजनीति और पाखंड के काले खेल को उजागर करती है और बाबा निराला के किरदार को विस्तार से दिखाती है।

5. तांडव (Tandav) – Amazon Prime Video

सैफ अली खान स्टारर यह वेब सीरीज राजनीतिक साज़िश और सत्ता की लड़ाई पर आधारित है। यदि आपको ‘Ek Badnaam Aashram’ में राजनीति और भ्रष्टाचार का तड़का पसंद आया, तो ‘तांडव’ भी आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है

निष्कर्ष

अगर आपको ‘Ek Badnaam Aashram Season 3’ पसंद आई है, तो ये 5 फिल्में और वेब सीरीज भी आपको रोमांचित करेंगी। राजनीति, अपराध और साज़िश की इन बेहतरीन कहानियों को OTT प्लेटफॉर्म्स पर देखना न भूलें!

ऑस्कर विजेता अभिनेता Gene Hackman और उनकी पत्नी Betsy Arakawa अपने घर में मृत पाए गए

ऑस्कर विजेता और हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जीन हैकमैन (Gene Hackman) और उनकी पत्नी बेट्सी अरकावा (Betsy Arakawa) अपने घर में मृत पाए गए हैं। न्यू मैक्सिको के सांता फे में स्थित उनके आवास से पुलिस ने उनकी और उनके पालतू कुत्ते की लाश बरामद की है।

पुलिस की पुष्टि और जांच जारी

सांता फे शेरिफ विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकारियों को एक गेटेड समुदाय “ओल्ड सनसेट ट्रेल” में स्थित हैकमैन के घर पर बुलाया गया था। पुलिस ने बताया कि घर के अंदर एक 90 साल के बुजुर्ग पुरुष और 60 साल की महिला के शव पाए गए। हालांकि, मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है और इस मामले की जांच जारी है।

सांता फे शेरिफ मेंडोज़ा ने कहा कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि (फाउल प्ले) के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों ने यह भी नहीं बताया कि यह घटना कब घटी और किस कारण से हुई।

हैकमैन और अरकावा का जीवन

जीन हैकमैन, जिन्होंने द फ्रेंच कनेक्शन, द कन्वर्सेशन, सुपरमैन और द पोसाइडन एडवेंचर जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय किया, हॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने अपने करियर में दो ऑस्कर अवॉर्ड जीते और 2004 में फिल्मों से संन्यास ले लिया।

बेट्सी अरकावा एक प्रसिद्ध क्लासिकल पियानिस्ट थीं। दोनों की मुलाकात 1980 के दशक में हुई थी और उन्होंने 1991 में शादी कर ली

अचानक मौत से सदमे में फैंस

हैकमैन और अरकावा की अचानक मृत्यु की खबर से हॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। कई प्रशंसकों और हस्तियों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

हालांकि, उनकी मौत के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की रिपोर्ट आने तक अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी।

Polycab, KEI, Havells के शेयर में तेज गिरावट: क्या ये Birla का अगला पेंट-स्टाइल व्यवधान है?

Aditya Birla Group की कंपनी UltraTech Cement ने अचानक से ₹80,000 करोड़ के वायर और केबल (W&C) सेक्टर में प्रवेश किया है, जिसने पूरे उद्योग में हलचल मचा दी है। इस कदम ने निवेशकों के बीच चिंता की लहर दौड़ा दी है कि UltraTech का ₹1,800 करोड़ का कैपेक्स खर्च मौजूदा खिलाड़ियों पर दबाव डाल सकता है और उनके मार्जिन को कम कर सकता है।

Polycab, KEI Industries और Havells जैसे प्रमुख वायर और केबल निर्माता अपने शेयरों में लगभग 20% तक की गिरावट देख रहे हैं। निवेशक इस बात से चिंतित हैं कि UltraTech के इस कदम से बाजार में मूल्यांकन में गिरावट आ सकती है और कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इस संदर्भ में ध्यान देने वाली बात यह है कि Aditya Birla Group की मातृ कंपनी Grasim Industries ने पहले ही पेंट सेक्टर में Birla Opus के जरिए एक बड़ा व्यवधान पैदा किया था। इस बार UltraTech Cement का W&C सेक्टर में प्रवेश उसी तरह का डिसरप्शन साबित हो सकता है, जिससे पारंपरिक और स्थापित कंपनियों को अपनी रणनीतियों में बदलाव लाना पड़ेगा।

वायर और केबल सेक्टर में UltraTech के प्रवेश से न केवल प्रतिस्पर्धा में तेज वृद्धि होगी, बल्कि इससे प्रौद्योगिकी, वितरण नेटवर्क और लागत संरचना पर भी प्रभाव पड़ेगा। निवेशकों का मानना है कि अगर UltraTech अपनी योजनाओं के अनुसार कार्यान्वयन कर लेता है, तो मौजूदा कंपनियों को बाजार में अपनी जगह मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सकारात्मक भी हो सकता है, क्योंकि इससे पूरे सेक्टर में नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक सुधार की संभावना बढ़ सकती है। परंतु, वर्तमान में बाजार में अस्थिरता और निवेशकों की चिंताओं के मद्देनजर, Polycab, KEI और Havells के शेयर में तेज गिरावट देखी जा रही है।

निष्कर्ष
UltraTech Cement का यह आश्चर्यचकित करने वाला कदम स्पष्ट रूप से एक डिसरप्टिव स्ट्रेटेजी है। यह देखने योग्य होगा कि क्या Birla समूह इस बार वायर और केबल सेक्टर में भी वही क्रांति ला पाएगा, जैसा कि उसने पेंट सेक्टर में Birla Opus के साथ किया था। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजरें अब इस नए बदलाव पर टिकी हुई हैं, और अगले कुछ महीनों में इस कदम के दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट हो जाएंगे।

Samsung One UI 7 अपडेट की रिलीज़ डेट फिर लीक: जानें कब मिलेगा आपके Galaxy डिवाइस को नया अपडेट

Samsung के Android 15-आधारित One UI 7 अपडेट का इंतजार अभी भी पुराने Galaxy S सीरीज स्मार्टफोन्स जैसे Galaxy S24, S23, S22 और S21 के यूजर्स को है। हाल ही में, लीकस्टर्स ने संभावित रिलीज़ डेट साझा की है, जिससे पता चलता है कि Samsung अपने विभिन्न S और Z सीरीज डिवाइस के लिए One UI 7 कब जारी करेगा।

One UI 7 अपडेट की संभावित रिलीज़ डेट

लीकस्टर BuligaDavidCri1 के अनुसार, One UI 7 अपडेट का रोलआउट अप्रैल 2025 से शुरू होगा। नीचे दी गई संभावित टाइमलाइन के अनुसार, अलग-अलग Galaxy स्मार्टफोन को अपडेट मिलने की उम्मीद है:

Galaxy S सीरीज

  • S24 Series और S24 FE18 अप्रैल 2025
  • S23 Series25 अप्रैल 2025
  • S23 FE और S22 Series16 मई 2025
  • S21 Series23 मई 2025

Galaxy Z Fold और Flip सीरीज

  • Galaxy Z Fold 6 और Flip 618 अप्रैल 2025
  • Galaxy Z Fold 5 और Flip 525 अप्रैल 2025
  • Galaxy Z Fold 4 और Flip 416 मई 2025
  • Galaxy Z Fold 3 और Flip 323 मई 2025

Galaxy A सीरीज

  • Galaxy A5425 अप्रैल 2025
  • Galaxy A34, A53 और A3316 मई 2025

Samsung कर रहा है अपडेट को फाइनल ट्यून

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Samsung अपने One UI 7 अपडेट को पूरी तरह से फाइनल ट्यून कर रहा है, ताकि बग-फ्री और स्थिर वर्जन जारी किया जा सके। इसके लिए दो और बीटा वर्जन आने की उम्मीद है, जिसके बाद जनता के लिए अंतिम रिलीज़ होगी।

क्या मिलेगा नए अपडेट में?

Samsung One UI 7 अपडेट में कई नए फीचर्स और बदलाव शामिल होंगे, जिनमें शामिल हैं:
✔️ नया डिज़ाइन और बेहतर यूज़र एक्सपीरियंस
✔️ Galaxy AI फीचर्स में सुधार
✔️ बेहतर बैटरी परफॉर्मेंस और सुरक्षा अपडेट्स
✔️ नए विजेट्स और कस्टमाइजेशन विकल्प

Samsung ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की

हालांकि, यह लीक रिपोर्ट्स के आधार पर संभावित रिलीज़ डेट है। Samsung ने अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन अगर ये डेट्स सही साबित होती हैं, तो Galaxy S24 और S23 यूज़र्स को One UI 7 पाने के लिए लगभग दो महीने और इंतजार करना पड़ सकता है।

📢 क्या आप One UI 7 अपडेट का इंतजार कर रहे हैं? हमें कमेंट में बताएं!

JP Morgan के CEO Jamie Dimon ने रिटर्न-टू-ऑफिस नीति पर विवादित बयान पर दी सफाई – कहा, ‘मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था…’

JP Morgan के CEO Jamie Dimon हाल ही में एक टाउन हॉल मीटिंग के दौरान कर्मचारियों से रिटर्न-टू-ऑफिस (RTO) नीति को लेकर विवादित टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आ गए। इस बैठक के दौरान उन्होंने कर्मचारियों को अपशब्द कहे और कंपनी की इन-पर्सन वर्क पॉलिसी के खिलाफ की गई एक याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अब CNBC को दिए एक इंटरव्यू में Dimon ने इस घटना पर सफाई दी, साथ ही यह भी कहा कि उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए था

“मुझे गुस्सा नहीं होना चाहिए था” – Dimon

Miami में ग्लोबल लीवरेज्ड फाइनेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान Dimon ने स्वीकार किया कि उन्हें कभी भी गुस्से में आकर अपशब्द नहीं कहने चाहिए

“मैं दुनिया भर में टाउन हॉल करता हूं और कभी-कभी निराश भी हो जाता हूं। लेकिन मुझे कभी भी अपशब्द नहीं कहने चाहिए, कभी भी।”

उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते थे कि कर्मचारी को विस्तृत जवाब मिले, क्योंकि उन्होंने कभी किसी को सिर्फ सवाल पूछने की वजह से नौकरी से नहीं निकाला

“मुझे गुस्सा नहीं करना चाहिए था, लेकिन कर्मचारी ने एक लंबा सवाल किया और मैंने उसे पूरी जानकारी देने की कोशिश की।”

क्या हुआ था टाउन हॉल में?

इससे पहले हुए एक टाउन हॉल इवेंट में, जब एक कर्मचारी ने इन-पर्सन वर्क पॉलिसी के खिलाफ दायर याचिका पर सवाल किया, तो Dimon ने गुस्से में कहा:

“इस पर समय बर्बाद मत करो। मुझे परवाह नहीं कि इस ******* याचिका पर कितने लोग साइन करते हैं।”

यह घटना तब चर्चा में आई जब इस मीटिंग की ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

Dimon का स्पष्ट रुख – ‘ऑफिस नहीं आना तो कहीं और काम करो’

Dimon ने इस विवाद के बावजूद अपनी रिटर्न-टू-ऑफिस नीति का बचाव किया। उन्होंने दोहराया कि अगर कर्मचारियों को दफ्तर नहीं आना है, तो वे किसी और कंपनी में नौकरी ढूंढ सकते हैं

“मैं निर्दयी नहीं हूं, लेकिन यह मेरा अधिकार है।”

Dimon ने कहा कि वह उन कर्मचारियों की इच्छाओं का सम्मान करते हैं, जो हफ्ते में पांच दिन ऑफिस नहीं आना चाहते। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि कंपनी को वही फैसला लेने का अधिकार है जो उसके ग्राहकों और व्यापार के लिए सही हो

“व्यक्तिगत पसंद से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि कंपनी क्या चाहती है।”

Dimon ने यह भी कहा कि वह पूरी तरह से वर्क फ्रॉम होम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जहां यह मॉडल काम नहीं करता, वहां वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते।

निष्कर्ष

JP Morgan के CEO Jamie Dimon के टाउन हॉल विवाद ने कॉर्पोरेट वर्क कल्चर और रिटर्न-टू-ऑफिस नीतियों पर बहस को तेज कर दिया है। एक तरफ, वर्क-फ्रॉम-होम के समर्थक कर्मचारियों को अधिक लचीलापन देने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ Dimon जैसे CEO मानते हैं कि दफ्तर में आकर काम करना व्यापार के लिए जरूरी है। अब देखना यह होगा कि कर्मचारियों और कंपनी के बीच यह बहस किस दिशा में जाती है

Capgemini के CEO का वर्कवीक पर नया नजरिया: न 90, न 70, यहां तक कि 50 घंटे भी नहीं!

भारत में वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। जहां कई उद्योग जगत के दिग्गज लंबे वर्किंग ऑवर्स की वकालत कर रहे हैं, वहीं Capgemini India के CEO अश्विन यार्डी ने इस विषय पर एक अलग दृष्टिकोण पेश किया है।

Infosys के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और L&T के चेयरमैन एस.एन. सुब्रह्मण्यम जैसे बड़े बिजनेस लीडर्स ने लंबी कार्य अवधि को भारत के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक बताया है। मूर्ति ने जहां 70 घंटे की वर्कवीक का सुझाव दिया, वहीं सुब्रह्मण्यम ने इसे 90 घंटे तक बढ़ाने की बात कही। लेकिन अश्विन यार्डी ने एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।

47.5 घंटे की वर्कवीक को बताया आदर्श

Nasscom टेक्नोलॉजी एंड लीडरशिप फोरम (NTLF) में मंगलवार को यार्डी ने कहा कि उनके अनुसार आदर्श वर्कवीक 47.5 घंटे की होनी चाहिए

“सप्ताह में 47.5 घंटे। हम रोजाना नौ घंटे काम करते हैं और सप्ताह में पांच दिन।”

यह सुझाव 70 और 90 घंटे के वर्कवीक से काफी कम है और एक बेहतर कार्य-जीवन संतुलन को दर्शाता है।

वीकेंड में ईमेल भेजने के सख्त खिलाफ

यार्डी ने इस बात पर भी जोर दिया कि वीकेंड पर अनावश्यक ईमेल नहीं भेजे जाने चाहिए। उनका मानना है कि यदि कोई समस्या तुरंत हल नहीं हो सकती, तो उसे वीकेंड पर उठाने की जरूरत नहीं है।

“मेरी पिछले चार सालों की गाइडलाइन यह है कि वीकेंड पर कोई ईमेल न भेजा जाए, जब तक कि आप इसे उसी समय हल नहीं कर सकते।”

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह कभी-कभी वीकेंड पर खुद काम करते हैं, लेकिन अपने कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालने से बचते हैं।

युवा कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं पर ध्यान

यार्डी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी की वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर अलग उम्मीदें हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए Capgemini ने कई बदलाव किए हैं:

तिमाही प्रमोशन सिस्टम – जिससे कर्मचारियों को जल्दी करियर ग्रोथ मिल सके।
छह सप्ताह में एक बार सर्वे – जिससे कर्मचारियों की चिंताओं और अपेक्षाओं को समझा जा सके।
संरचित करियर पाथ – जिससे कर्मचारियों को अपना प्रोफेशनल फ्यूचर प्लान करने में मदद मिले।

अन्य लीडर्स की प्रतिक्रिया

इस कार्यक्रम में मौजूद Nasscom की चेयरपर्सन सिंधु गंगाधरन और Marico के CEO सौगत गुप्ता ने भी अपने विचार साझा किए।

सिंधु गंगाधरन ने कहा कि परिणाम ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, न कि काम के घंटे
सौगत गुप्ता ने भी सहमति जताई, लेकिन स्वीकार किया कि वे रात 11 बजे भी ईमेल भेजते हैं, जिससे यह पता चलता है कि हर लीडर की अपनी कार्यशैली होती है

निष्कर्ष

जहां कुछ लीडर्स मानते हैं कि लंबे वर्किंग ऑवर्स भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी हैं, वहीं Capgemini के अश्विन यार्डी का मानना है कि संतुलन बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। उनका दृष्टिकोण न केवल युवा कर्मचारियों की मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि एक स्मार्ट वर्क कल्चर को भी प्रमोट करता है।

अब देखना यह होगा कि भारतीय कॉर्पोरेट जगत इस बहस में किस ओर झुकता है – लंबे घंटों की वकालत या बैलेंस्ड वर्क-लाइफ का समर्थन?

Reliance Jio E-Cycle: मात्र ₹900 में 100 KM की रेंज और स्मार्ट टेक्नोलॉजी – जानिए पूरी डिटेल

भारत की टेलीकॉम दिग्गज कंपनी Reliance Jio अब इलेक्ट्रिक साइकिल (E-Cycle) के बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी की नई Jio E-Cycle को लेकर खबरें सामने आई हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इसकी कीमत मात्र ₹900 होगी और यह 100 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम होगी। इस स्मार्ट E-Cycle में कई शानदार फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे भारतीय बाजार के लिए एक बजट-फ्रेंडली और ईको-फ्रेंडली विकल्प बनाते हैं।

Jio E-Cycle की खासियतें

Jio E-Cycle को लेकर अब तक जो जानकारियां सामने आई हैं, उनके अनुसार इसमें स्मार्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। आइए जानते हैं इसके मुख्य फीचर्स:

🔹 अल्ट्रा-लॉन्ग बैटरी लाइफ – Jio E-Cycle सिंगल चार्ज में 100 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।
🔹 स्मार्ट कनेक्टिविटी – इसे Jio ऐप के जरिए स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जा सकता है, जिससे बैटरी स्टेटस, रेंज और राइड हिस्ट्री जैसी जानकारियां मिलेंगी।
🔹 लाइटवेट और स्टाइलिश डिजाइन – साइकिल को आधुनिक और आकर्षक डिजाइन में पेश किया जाएगा, जिससे यह युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए परफेक्ट विकल्प बनेगी।
🔹 इको-फ्रेंडली और किफायती – पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में यह ज्यादा सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प होगा।
🔹 स्पीड मोड्स – इसमें पेडल असिस्ट और फुल इलेक्ट्रिक मोड जैसे विकल्प दिए जाएंगे, जिससे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से इसका उपयोग कर सके।

क्या वाकई ₹900 में मिलेगी यह E-Cycle?

Jio E-Cycle की ₹900 की कीमत को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यह एक इंट्रोडक्टरी ऑफर या सब्सिडी योजना हो सकती है, जिसमें Jio ग्राहकों को विशेष छूट मिल सकती है।

भारत में इलेक्ट्रिक साइकिल का भविष्य

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए Jio E-Cycle भारतीय बाजार में क्रांति ला सकती है। अगर यह सही कीमत पर लॉन्च होती है, तो यह छात्रों, ऑफिस जाने वालों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है।

लॉन्च डेट और उपलब्धता

Jio E-Cycle की लॉन्च डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह 2025 की शुरुआत में बाजार में आ सकती है

अब देखना यह होगा कि Jio अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और क्या सच में यह ₹900 में एक हाई-टेक E-Cycle उपलब्ध करवा सकता है?

iQOO Neo 10R: 11 मार्च को होगा लॉन्च, जानें कीमत, प्रोसेसर, बैटरी और खास फीचर्स

iQOO ने अपने आगामी स्मार्टफोन iQOO Neo 10R 5G की लॉन्च डेट की घोषणा कर दी है। यह फोन 11 मार्च 2025 को भारत में लॉन्च होगा। खास बात यह है कि यह गेमिंग प्रेमियों के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है और कंपनी का दावा है कि यह 5 घंटे तक 90fps गेमिंग का स्थिर अनुभव देगा। इस फोन को भारत में एक स्पेशल एक्सक्लूसिव कलर “Raging Blue” में लॉन्च किया जाएगा।

iQOO Neo 10R: संभावित कीमत

iQOO ने अभी फोन की आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन ₹30,000 से कम की कीमत में लॉन्च हो सकता है

iQOO Neo 10R: दमदार परफॉर्मेंस और बैटरी

iQOO Neo 10R 5G को Qualcomm Snapdragon 8s Gen 3 प्रोसेसर के साथ पेश किया जाएगा, जिससे यह शानदार परफॉर्मेंस और तेज गेमिंग अनुभव देने में सक्षम होगा।

इसमें 6400mAh की दमदार बैटरी होगी, जो 80W फ्लैशचार्ज टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करेगी। iQOO का दावा है कि यह अपने सेगमेंट की सबसे पतली 6400mAh बैटरी होगी

iQOO Neo 10R: डिस्प्ले और गेमिंग फीचर्स

इस फोन में 1.5K Eye Care AMOLED डिस्प्ले दिया जाएगा, जो 3840Hz PWM डिमिंग और 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करेगा। इसके अलावा, गेमिंग को और बेहतर बनाने के लिए इसमें 2000Hz का टच रिस्पॉन्स रेट दिया गया है।

iQOO Neo 10R में यूजर्स को मल्टीपल गेमिंग मोड्स का सपोर्ट मिलेगा, जिससे वे अपनी जरूरत के हिसाब से सेटिंग्स को एडजस्ट कर सकते हैं।

iQOO Neo 10R: कैमरा डिटेल्स

कंपनी ने अभी तक कैमरा स्पेसिफिकेशन की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, लॉन्च इवेंट के दौरान इसके कैमरा सेटअप का खुलासा किया जाएगा।

iQOO Neo 10R 5G गेमिंग और परफॉर्मेंस के लिहाज से एक दमदार स्मार्टफोन साबित हो सकता है। इसका पावरफुल प्रोसेसर, लंबी बैटरी लाइफ, हाई-रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और एडवांस गेमिंग फीचर्स इसे इस सेगमेंट के अन्य स्मार्टफोन्स से अलग बनाते हैं।

अगर आप एक गेमिंग स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो 11 मार्च 2025 को iQOO Neo 10R 5G की लॉन्चिंग पर नजर बनाए रखें!

Avengers: Doomsday और Avengers: Secret Wars की शूटिंग होगी बैक-टू-बैक, रूसो ब्रदर्स ने किया खुलासा

मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के सबसे सफल निर्देशकों में से एक रूसो ब्रदर्स ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने पुष्टि की है कि आगामी दो एवेंजर्स फिल्में – “Avengers: Doomsday” और “Avengers: Secret Wars” – को बैक-टू-बैक शूट किया जाएगा। यह कदम दर्शकों को एक भव्य और जुड़ी हुई कहानी देने के लिए उठाया गया है, जिससे MCU के फैंस को जबरदस्त अनुभव मिलेगा।

बड़े स्तर पर फिल्माने की तैयारी

रूसो ब्रदर्स ने बताया कि इन दोनों फिल्मों की शूटिंग लंदन में होगी और यह उनके लिए अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

जो रूसो ने डेडलाइन को बताया,
“सारी शूटिंग लंदन में हो रही है। हम इन्हें बैक-टू-बैक शूट कर रहे हैं, यह काफी मेहनत का काम है। हम शायद इस प्रक्रिया से बचकर निकलें या नहीं, यह देखना होगा। लेकिन हम इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं। हमने कहानी में एक ऐसा एंगल ढूंढा है जो दर्शकों के लिए चौंकाने वाला होगा और हमारे लिए इसे पर्दे पर उतारना चुनौतीपूर्ण होगा। लेकिन यही हमें हर सुबह उठकर काम करने की प्रेरणा देता है।”

रूसो ब्रदर्स की MCU में शानदार विरासत

रूसो ब्रदर्स इससे पहले MCU की कई सफल फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। इनमें शामिल हैं:

  • Captain America: The Winter Soldier (2014)
  • Captain America: Civil War (2016)
  • Avengers: Infinity War (2018)
  • Avengers: Endgame (2019)

इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े और फैंस के दिलों में खास जगह बनाई। खासकर “Avengers: Endgame” ने दुनिया भर में जबरदस्त कमाई की और MCU की अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बनी।

क्या होगा इन फिल्मों में खास?

“Avengers: Doomsday” और “Avengers: Secret Wars” को लेकर जबरदस्त चर्चा है। माना जा रहा है कि ये फिल्में मार्वल के मल्टीवर्स सागा का सबसे बड़ा धमाका साबित हो सकती हैं। रूसो ब्रदर्स ने इशारा किया है कि इन फिल्मों की कहानी दर्शकों को चौंका देगी और कुछ ऐसा दिखाएगी जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा।

बैक-टू-बैक शूटिंग से होगा फायदा?

बैक-टू-बैक शूटिंग का मकसद है कहानी की निरंतरता को बनाए रखना और एक विशाल, जुड़ी हुई गाथा पेश करना। इससे फैंस को एक जबरदस्त सिनेमैटिक अनुभव मिलेगा और दोनों फिल्मों के बीच कोई असंगति नहीं होगी।

रूसो ब्रदर्स का यह ऐलान मार्वल फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं। उनकी पिछली फिल्मों ने जिस तरह से सुपरहीरो जॉनर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, उससे उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि Avengers: Doomsday और Avengers: Secret Wars क्या नया धमाका लेकर आएंगी!

क्या नास्त्रेदमस ने भविष्यवाणी की थी पोप की मृत्यु और वेटिकन के पतन की?

नई दिल्ली:
वेटिकन द्वारा पोप फ्रांसिस की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की घोषणा के बाद, 16वीं सदी के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों को फिर से चर्चा में लाया जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नास्त्रेदमस ने पोप फ्रांसिस की मृत्यु और उनके उत्तराधिकारी से जुड़ी भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी।

कौन थे नास्त्रेदमस?

नास्त्रेदमस (Michel de Nostredame) एक फ्रांसीसी ज्योतिषी और भविष्यवक्ता थे, जिन्होंने 1555 में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक Les Propheties में कई भविष्यवाणियां की थीं। उन्हें “प्रॉफेट ऑफ डूम” (विनाश का भविष्यवक्ता) भी कहा जाता है, क्योंकि उनकी भविष्यवाणियां अक्सर युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, राजनीतिक उथल-पुथल और हत्याओं से जुड़ी होती थीं।

क्या कहा नास्त्रेदमस ने?

नास्त्रेदमस की एक भविष्यवाणी के अनुसार, एक बुजुर्ग पोप की मृत्यु के बाद वेटिकन में बड़ा संकट आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भविष्यवाणी वर्तमान पोप फ्रांसिस से संबंधित हो सकती है, जो 87 वर्ष के हैं और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।

NY Post की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोग नास्त्रेदमस की लिखी एक गूढ़ पंक्ति को उद्धृत कर रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि “एक वृद्ध पोप की मृत्यु के बाद चर्च में बड़ी उथल-पुथल होगी, और वेटिकन में एक नया युग आएगा।”

क्या नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां सच होती हैं?

नास्त्रेदमस के समर्थकों का मानना है कि उन्होंने लंदन की महान आग (1666), एडॉल्फ हिटलर का उदय, 9/11 आतंकी हमला, कोविड-19 महामारी और जापान में आए भूकंप जैसी बड़ी घटनाओं की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। हालांकि, उनकी भविष्यवाणियां अक्सर रहस्यमयी भाषा में लिखी गई हैं, जिनकी कई व्याख्याएं की जा सकती हैं।

वेटिकन पर मंडराता संकट?

पोप फ्रांसिस की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को जोड़कर कई लोग वेटिकन के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यदि पोप की मृत्यु होती है, तो वेटिकन में नया नेतृत्व कौन संभालेगा, यह एक बड़ा सवाल बना रहेगा।

क्या सच में वेटिकन गिरेगा?

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वेटिकन का पतन होगा या नहीं, लेकिन पोप फ्रांसिस की स्थिति को देखते हुए चर्च में उथल-पुथल की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई बड़ा बदलाव होता है, तो यह दुनिया भर के कैथोलिक समुदाय को प्रभावित कर सकता है।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां हमेशा रहस्यमयी रही हैं, और समय के साथ उनकी व्याख्या बदलती रहती है। लेकिन पोप फ्रांसिस की बिगड़ती सेहत के बीच उनकी भविष्यवाणियों को लेकर नई अटकलें जोर पकड़ रही हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनकी भविष्यवाणी इस बार सच साबित होती है या यह महज एक संयोग है।