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पाई का ओपन नेटवर्क 20 फरवरी 2025 को लॉन्च होने के लिए तैयार!

पायनियर्स, पाई नेटवर्क आधिकारिक तौर पर 20 फरवरी 2025 को सुबह 8:00 AM UTC पर अपने मेननेट के ओपन नेटवर्क चरण में प्रवेश करेगा!

पिछले छह वर्षों में पूरी पाई कम्युनिटी की कड़ी मेहनत और समर्पण के कारण, पाई नेटवर्क अब एक बड़े कदम की ओर बढ़ रहा है, जो इसे दुनिया का सबसे समावेशी पीयर-टू-पीयर इकोसिस्टम और ऑनलाइन अनुभव बनाने के करीब लाएगा।

हमारी यात्रा अब तक

पाई नेटवर्क की छह वर्षों की यात्रा पायनियर्स, इकोसिस्टम और कम्युनिटी द्वारा निर्धारित चरणों और माइलस्टोन्स पर आधारित रही है। दिसंबर 2021 में, मेननेट का तीसरा चरण शुरू हुआ, जिसे एनक्लोज्ड नेटवर्क कहा गया, जहां बाहरी कनेक्टिविटी पर रोक थी।

इस चरण में:
✔ पायनियर्स को केवाईसी पूरा करने और मेननेट पर पाई प्राप्त करने का मौका मिला।
✔ डेवलपर्स ने पाई इकोसिस्टम के लिए असली ऐप्स और उपयोगिताएं बनाईं।
✔ कोर टीम ने विभिन्न पाई फीचर्स और उपयोगिताओं को विकसित और सुधार किया।

ओपन नेटवर्क में क्या मिलेगा?

ओपन नेटवर्क का लॉन्च पाई को बाहरी नेटवर्क और सिस्टम से जोड़ने की सुविधा देगा, जिससे पायनियर्स और बिजनेस के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

🔹 बाहरी नेटवर्क से कनेक्टिविटी: पाई अब अन्य ब्लॉकचेन और सिस्टम से जुड़ेगा।
🔹 पायनियर्स और बिजनेस के लिए केवाईसी/केवाईबी अनिवार्य: सुरक्षित और वैध लेन-देन सुनिश्चित करने के लिए, पायनियर्स को केवाईसी और बिजनेस को केवाईबी सत्यापन पूरा करना होगा।
🔹 मेननेट ऐप्स का विस्तार: 100+ ऐप्स तैयार हैं, जिससे पाई नेटवर्क का उपयोग और अधिक उपयोगी होगा।

क्या करें?

🟢 पायनियर्स:

  • पाई माइनिंग जारी रखें।
  • पाई ऐप्स का उपयोग करें और इकोसिस्टम को मजबूत बनाएं।
  • केवाईसी और मेननेट माइग्रेशन पूरा करें।

🟢 डेवलपर्स:

  • अपने मेननेट ऐप्स में सुधार करें और नए ऐप्स विकसित करें।
  • पाई नेटवर्क के लिए समाधान तैयार करें।

20 फरवरी 2025 को, पाई नेटवर्क का ओपन नेटवर्क लॉन्च एक नए युग की शुरुआत करेगा!

क्या 49% गिरावट के बाद AMD स्टॉक खरीदना सही रहेगा? जानिए क्यों यह एक बड़ा मौका हो सकता है!

दुनिया की सबसे बेहतरीन चिप्स बनाने वाली कंपनियों में से एक Advanced Micro Devices (NASDAQ: AMD) के स्टॉक में मार्च 2024 के उच्चतम स्तर से अब तक 49% की गिरावट आ चुकी है। वहीं, इसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी Nvidia ने इसी दौरान 40% की बढ़त दर्ज की है, जिससे उसका दबदबा और मजबूत हो गया है।

लेकिन AMD अब भी इस रेस से बाहर नहीं हुआ है। कंपनी न केवल डेटा सेंटर बिजनेस में Nvidia को टक्कर दे रही है, बल्कि AI सेमीकंडक्टर मार्केट में एक और महत्वपूर्ण सेगमेंट में भी लीड कर रही है। तो क्या यह गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकता है?

AI ग्रोथ सिर्फ GPU तक सीमित नहीं: AMD की रणनीति

AI क्रांति केवल GPU तक सीमित नहीं है, और यही वह क्षेत्र है जहाँ AMD अपनी पकड़ बना रहा है।

2023 के अंत में, AMD ने अपना MI300X डेटा सेंटर GPU लॉन्च किया, जिसे Nvidia के H100 को टक्कर देने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह लॉन्च बेहद सफल रहा और Meta Platforms और Microsoft जैसी दिग्गज कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा।

इसके बाद AMD ने MI325X पेश किया, जो Nvidia के H200 से मुकाबला करता है और AMD के अनुसार, कई ग्राहकों को बेहतर परफॉर्मेंस और कम लागत में मदद कर रहा है।

अब अगला कदम है MI350X, जो AMD का अब तक का सबसे पावरफुल GPU होगा। यह नई Compute DNA (CDNA) 4 आर्किटेक्चर पर आधारित होगा और पिछले मॉडल की तुलना में 35 गुना अधिक प्रदर्शन देगा। इसे 2025 के अंत में लॉन्च किया जाना था, लेकिन AMD ने इसकी डिलीवरी पहले शुरू करने की योजना बनाई है। ग्राहक इस तिमाही में सैंपल प्राप्त कर सकते हैं, और मिड-2025 तक इसका प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।

डेटा सेंटर के बाहर भी बढ़ रहा है AI, AMD को होगा फायदा

जहाँ Nvidia फिलहाल AI डेटा सेंटर स्पेस में राज कर रहा है, वहीं भविष्य में AI केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं रहेगा।

DeepSeek जैसी कंपनियाँ दिखा रही हैं कि AI मॉडल को चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत नहीं है। भविष्य में, स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य डिवाइस AI को सीधे लोकल लेवल पर रन कर पाएंगे, जिससे बड़े डेटा सेंटर्स पर निर्भरता घटेगी।

यहीं पर AMD को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।

AMD के Ryzen AI 300 Series चिप्स, जो ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग के लिए बनाए गए हैं, फिलहाल इस मार्केट में सबसे पावरफुल और सबसे ज्यादा बिकने वाले चिप्स हैं। AMD को उम्मीद है कि Microsoft, HP, Lenovo और Asus जैसी कंपनियाँ 2025 में 100 से अधिक नए PC मॉडल लॉन्च करेंगी, जिनमें इसके Ryzen AI चिप्स का इस्तेमाल होगा।

क्या अभी AMD स्टॉक खरीदना सही रहेगा?

49% की गिरावट के बाद, AMD का स्टॉक बड़े डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है, जबकि कंपनी के पास AI और डेटा सेंटर दोनों में मजबूत ग्रोथ की संभावनाएँ हैं। Nvidia अभी भी मार्केट में लीड कर रहा है, लेकिन AMD की कम कीमत में ज्यादा परफॉर्मेंस देने की क्षमता इसे तेजी से Nvidia के करीब ला सकती है।

अगर आप मानते हैं कि भविष्य में AI केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं रहेगा, तो AMD के स्टॉक में यह गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक शानदार मौका हो सकती है।

इम्पीरियल कॉलेज लंदन में अफ्रीकन फ्यूचर लीडर स्कॉलरशिप 2025/2026: आवेदन कैसे करें!

अफ्रीकी छात्रों के लिए इम्पीरियल कॉलेज लंदन द्वारा प्रस्तुत अफ्रीकन फ्यूचर लीडर स्कॉलरशिप 2025/2026 एक शानदार अवसर है। यह स्कॉलरशिप £20,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जो छात्रों को फुल-टाइम MBA प्रोग्राम में प्रवेश के लिए मदद करेगी। इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति का उद्देश्य अफ्रीका के असाधारण नेतृत्व क्षमता वाले छात्रों का समर्थन करना है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने देश के विकास में योगदान दे सकें।

स्कॉलरशिप की मुख्य विशेषताएं

  • संस्थान: इम्पीरियल कॉलेज बिजनेस स्कूल, लंदन
  • कार्यक्रम: फुल-टाइम MBA
  • स्कॉलरशिप राशि: £20,000
  • लक्ष्य छात्र: अफ्रीका के नेतृत्व क्षमता वाले प्रतिभाशाली छात्र

योग्यता मानदंड (Eligibility Criteria)

  1. अफ्रीकी नागरिकता: यह स्कॉलरशिप केवल अफ्रीका के छात्रों के लिए उपलब्ध है।
  2. नेतृत्व क्षमता: आवेदकों को अपने क्षेत्र या समुदाय में नेतृत्व कौशल प्रदर्शित करना होगा।
  3. शैक्षिक योग्यता: MBA प्रोग्राम के लिए आवश्यक सभी शैक्षणिक मानकों को पूरा करना अनिवार्य है।
  4. प्रभावशाली करियर लक्ष्य: आवेदकों को यह दिखाना होगा कि वे भविष्य में अफ्रीका के विकास में कैसे योगदान देंगे।

आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

  1. इम्पीरियल कॉलेज बिजनेस स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. फुल-टाइम MBA प्रोग्राम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
  3. आवेदन पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यताएं, पेशेवर अनुभव, और नेतृत्व कौशल को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
  4. स्कॉलरशिप निबंध (Scholarship Essay) जमा करें, जिसमें आप अपने नेतृत्व के अनुभव और भविष्य की योजनाओं को दर्शाएं।
  5. अंतिम तिथि से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें।

कैसे बढ़ाएं अपने चयन की संभावना?

  • शक्तिशाली नेतृत्व कहानी बताएं: अपने पिछले अनुभवों और उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करें।
  • अफ्रीका के विकास में योगदान की योजना: बताएं कि आपकी शिक्षा और अनुभव अफ्रीका को कैसे लाभान्वित करेंगे।
  • अकादमिक और प्रोफेशनल रिकॉर्ड मजबूत बनाएं: उच्च GPA और प्रासंगिक कार्य अनुभव होने से चयन की संभावना बढ़ती है।

निष्कर्ष

अफ्रीकन फ्यूचर लीडर स्कॉलरशिप 2025/2026 एक असाधारण अवसर है, जो अफ्रीकी छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने और भविष्य में अपने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर देता है। यदि आप एक महत्वाकांक्षी छात्र हैं और इम्पीरियल कॉलेज लंदन में पढ़ने का सपना देखते हैं, तो इस अवसर को न गंवाएं। अभी आवेदन करें और अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं!

SBI क्लर्क प्रीलिम्स एडमिट कार्ड 2025 जारी, यहां से करें डाउनलोड

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने क्लर्क (जूनियर एसोसिएट – कस्टमर सपोर्ट और सेल्स) प्रीलिम्स परीक्षा 2025 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

परीक्षा तिथियां और एडमिट कार्ड जारी होने की जानकारी

SBI क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा 2025 का आयोजन 22, 27 और 28 फरवरी तथा 1 मार्च को किया जाएगा। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है कि परीक्षा के लिए कॉल लेटर (एडमिट कार्ड) 10 फरवरी 2025 तक जारी कर दिए जाएंगे।

वेबसाइट पर प्रकाशित नोटिफिकेशन के अनुसार,
“टेंटेटिव तिथियों के अनुसार प्रीलिम्स परीक्षा 22, 27, 28 फरवरी और 1 मार्च 2025 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के एडमिट कार्ड 10 फरवरी 2025 तक बैंक की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने की पूरी तैयारी रखने की सलाह दी जाती है।”

कैसे डाउनलोड करें SBI क्लर्क प्रीलिम्स एडमिट कार्ड 2025?

उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं।
  2. “Careers” सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. “SBI Clerk Prelims Admit Card 2025” के लिंक पर जाएं।
  4. अपनी रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्मतिथि दर्ज करें।
  5. कैप्चा कोड भरें और “Submit” पर क्लिक करें।
  6. एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा, इसे डाउनलोड करें और प्रिंट आउट निकाल लें।

एडमिट कार्ड में दी गई जानकारी

एडमिट कार्ड में उम्मीदवार के नाम, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र का पता, परीक्षा की तारीख और समय जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई होगी। परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि) ले जाना अनिवार्य होगा।

SBI क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा का पैटर्न

  • परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी।
  • कुल 100 प्रश्न होंगे।
  • परीक्षा एक घंटे की होगी।
  • तीन सेक्शन होंगे:
    • अंग्रेजी भाषा (30 प्रश्न) – 30 अंक
    • न्यूमेरिकल एबिलिटी (35 प्रश्न) – 35 अंक
    • रीजनिंग एबिलिटी (35 प्रश्न) – 35 अंक
  • नेगेटिव मार्किंग भी होगी, प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाएंगे।

Samsung यूज़र्स के लिए बुरी खबर: Galaxy S24, S23 और S22 के लिए बड़ी चेतावनी

अगर आप Samsung Galaxy S24, S23 या S22 सीरीज के स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हाल ही में, Samsung डिवाइसेज़ को लेकर एक नई चेतावनी जारी की गई है, जो सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस से जुड़ी हुई है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Galaxy S24, S23 और S22 सीरीज के कुछ यूज़र्स अपने डिवाइस में परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इनमें बैटरी ड्रेन, ओवरहीटिंग और अचानक फोन स्लो होने जैसी दिक्कतें शामिल हैं। कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन फोरम्स पर शिकायत की है कि उनके फोन की बैटरी पहले से ज्यादा तेजी से खत्म हो रही है और फोन ज़्यादा गर्म हो रहा है।

सिक्योरिटी रिस्क भी बना चिंता का कारण

Samsung स्मार्टफोन्स को लेकर एक और चिंता की बात यह है कि कुछ पुराने मॉडल्स में सिक्योरिटी वल्नरेबिलिटी पाई गई है, जो साइबर हमलों का खतरा बढ़ा सकती है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी को जल्द से जल्द एक नया अपडेट जारी करना चाहिए, ताकि यूज़र्स के डेटा को सुरक्षित रखा जा सके।

Samsung का क्या कहना है?

Samsung ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और कहा है कि वे इन समस्याओं पर काम कर रहे हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि वे आने वाले दिनों में एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट रोलआउट करेंगे, जो इन बग्स को फिक्स करेगा।

यूज़र्स को क्या करना चाहिए?

अगर आप Galaxy S24, S23 या S22 सीरीज का फोन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:

  1. सॉफ़्टवेयर अपडेट करें: हमेशा अपने फोन को लेटेस्ट अपडेट पर रखें, ताकि सिक्योरिटी से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।
  2. बैटरी सेविंग मोड ऑन करें: बैटरी जल्दी खत्म होने से बचने के लिए बैटरी सेविंग मोड का उपयोग करें।
  3. गर्म होने पर फोन का इस्तेमाल कम करें: अगर आपका फोन ज्यादा गर्म हो रहा है, तो उसे ठंडी जगह पर रखें और भारी ऐप्स का इस्तेमाल कम करें।
  4. संदिग्ध ऐप्स डाउनलोड न करें: प्ले स्टोर के अलावा किसी और सोर्स से ऐप्स डाउनलोड न करें, ताकि आपका डिवाइस किसी साइबर अटैक का शिकार न हो।

Samsung यूज़र्स के लिए यह चेतावनी महत्वपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपने फोन को लंबे समय तक सुरक्षित और सुचारू रूप से चलाना चाहते हैं। उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही इस समस्या का हल निकाल लेगी और नए अपडेट से यूज़र्स को राहत मिलेगी।

OTT पर धमाका: ‘मार्को’ से ‘बेबी जॉन’ और ‘गेम चेंजर’ तक, देखें इस हफ्ते रिलीज़ हुई ये शानदार फिल्में

नई दिल्ली: इस हफ्ते ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर धमाकेदार फिल्मों की भरमार है। नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, डिज्नी+ हॉटस्टार, ज़ी5 और सोनीलिव जैसी स्ट्रीमिंग सेवाओं पर हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम सिनेमा की नई रिलीज़ दर्शकों के लिए उपलब्ध हैं। एक्शन, ड्रामा और थ्रिलर से भरपूर ये फिल्में इस वीकेंड आपकी एंटरटेनमेंट लिस्ट में शामिल हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस हफ्ते रिलीज़ हुई कुछ खास फिल्मों के बारे में।

‘बेबी जॉन’ (Baby John) – एक दमदार एक्शन-थ्रिलर

वरुण धवन की बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘बेबी जॉन’ ओटीटी पर आ चुकी है। इस फिल्म में कीर्ति सुरेश, जैकी श्रॉफ और वामीका गब्बी भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह कहानी एक पुलिस अधिकारी की है, जो अपने अतीत के अंधकार से निकलकर अपने परिवार के लिए न्याय की तलाश में है। ‘बेबी जॉन’ ने 25 दिसंबर 2024 को थिएटर में दस्तक दी थी और अब यह अमेज़न प्राइम वीडियो पर रेंटल पर उपलब्ध है। जल्द ही यह सभी दर्शकों के लिए स्ट्रीमिंग के लिए खुली होगी।

‘मार्को’ (Marco) – क्राइम थ्रिलर का मजा

तेलुगु सिनेमा के प्रशंसकों के लिए ‘मार्को’ एक शानदार क्राइम थ्रिलर है। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेने के लिए हर हद पार कर जाता है। यह फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन और दमदार स्टोरीलाइन के साथ दर्शकों को बांधे रखेगी।

‘गेम चेंजर’ (Game Changer) – बड़े पर्दे से ओटीटी पर

साउथ सुपरस्टार राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘गेम चेंजर’ अब ओटीटी पर रिलीज़ के लिए तैयार है। राजनीतिक थ्रिलर के रूप में प्रस्तुत की गई इस फिल्म में शक्ति से भरपूर एक कहानी है, जो राजनीति और सामाजिक मुद्दों को उजागर करती है। इस फिल्म में कियारा आडवाणी मुख्य भूमिका में हैं और इसे देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

ओटीटी पर एंटरटेनमेंट का जबरदस्त डोज़

अगर आप इस हफ्ते कुछ नया और रोमांचक देखना चाहते हैं, तो ये नई फिल्में आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती हैं। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक से बढ़कर एक कंटेंट मौजूद हैं, जो दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और थ्रिलर का जबरदस्त अनुभव देने के लिए तैयार हैं। तो इस वीकेंड पॉपकॉर्न तैयार रखें और अपने पसंदीदा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन शानदार फिल्मों का मजा लें!

साप्ताहिक गोल्ड रेट अपडेट: जानें 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है, जिससे निवेशक और खरीदार दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। इस सप्ताह 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में क्या बदलाव हुए हैं, आइए जानते हैं।

सप्ताह की शुरुआत:

सोमवार को, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹57,000 थी। यह कीमत पिछले सप्ताह के मुकाबले स्थिर रही, जिससे बाजार में स्थिरता का माहौल बना रहा।

मध्य सप्ताह:

बुधवार तक, सोने की कीमत में मामूली वृद्धि देखी गई, और यह ₹57,200 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण सोने की कीमतों में यह बढ़ोतरी हुई।

सप्ताह का अंत:

शुक्रवार को, सोने की कीमत में फिर से गिरावट आई, और यह ₹56,800 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की अटकलों के कारण निवेशकों ने सोने में अपनी होल्डिंग्स को कम किया, जिससे कीमतों में यह गिरावट दर्ज की गई।

कारक जो कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं:

  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार: वैश्विक आर्थिक संकेतकों, जैसे अमेरिकी रोजगार डेटा और मुद्रास्फीति दर, का सोने की कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
  2. डॉलर का मूल्य: डॉलर की मजबूती या कमजोरी का सोने की कीमतों पर उल्टा असर होता है। डॉलर मजबूत होने पर सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में कमी आती है।
  3. कच्चे तेल की कीमतें: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति के संकेत देती हैं, जिससे निवेशक सोने में निवेश को सुरक्षित मानते हैं।

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों पर नजर रखें और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही निवेश करें। लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना हमेशा से एक सुरक्षित विकल्प माना गया है, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

इस सप्ताह सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। बाजार के मौजूदा रुझानों को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश निर्णयों में सतर्कता बरतें और बाजार के नवीनतम अपडेट्स पर नजर रखें।

कैबिनेट ने दी नए इनकम टैक्स बिल को मंजूरी, सोमवार को लोकसभा में पेश होगा

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने शुक्रवार को अपनी कैबिनेट बैठक में नए इनकम टैक्स बिल को मंजूरी दे दी है। यह बिल अब सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय जानकारी दी थी और इसे टैक्स ढांचे को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल पर चर्चा की गई और इसे हरी झंडी दे दी गई। सरकार का दावा है कि यह बिल करदाताओं के लिए लाभदायक होगा और टैक्स व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस बिल को लेकर सवाल खड़े किए हैं और इसे आम जनता के लिए ज्यादा लाभकारी न होने का दावा किया है।

इस बीच, संसद का बजट सत्र जारी है, और अमेरिका द्वारा अवैध प्रवासियों को भारत भेजे जाने के मुद्दे पर संसद में हंगामा होने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष इस मामले को मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलता करार दे रहा है और इसे लेकर संसद में तीखी बहस होने की संभावना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत आज दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।

माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेता नए इनकम टैक्स बिल, अमेरिका से लौटाए गए अवैध प्रवासियों और सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा सकते हैं। राहुल गांधी पहले भी इन मुद्दों पर सरकार की आलोचना कर चुके हैं, और अब उनके साथ एनसीपी और शिवसेना के नेता भी इस पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

सरकार ने बजट सत्र के दौरान कई अहम बिल लाने की योजना बनाई है, जिनमें से इनकम टैक्स बिल सबसे प्रमुख है। सरकार का कहना है कि यह बिल देश में टैक्स सुधारों को गति देगा और करदाताओं को राहत प्रदान करेगा। अब देखना होगा कि लोकसभा में इस बिल पर विपक्ष क्या रुख अपनाता है और संसद में इस पर कैसी बहस होती है।

असम: नेपाल की भू-राजनीतिक दुविधा पर डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय साहित्य उत्सव में चर्चा

डिब्रूगढ़: असम के डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में चल रहे अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के दौरान नेपाल की भू-राजनीतिक स्थिति पर एक रोचक बहस देखने को मिली।

चार दिवसीय इस आयोजन में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के लगभग 25 देशों से आए 200 से अधिक लेखकों ने भाग लिया। उत्सव के 50 से अधिक सत्रों में साहित्य और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हो रही है।

नेपाल की राजनीति पर तीखी बहस

“नेपाल नैरेटिव: पीपल, पैलेस और पॉलिटिक्स” शीर्षक वाले सत्र में काठमांडू के लेखक अमीश राज मुल्मी, जो “ऑल रोड्स लीड नॉर्थ: नेपाल्स टर्न टू चाइना” के लेखक हैं, एक प्रमुख वक्ता थे।

मुल्मी ने भारत-नेपाल संबंधों में हाल के वर्षों में आई दरार को नेपाल की चीन पर बढ़ती निर्भरता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि नेपाल की आर्थिक प्रगति की जरूरतों ने उसे चीन की ओर देखने के लिए मजबूर किया है, हालांकि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से वह भारत के अधिक निकट रहा है।

नेपाल-भारत के ऐतिहासिक संबंधों पर चर्चा

पूर्व भारतीय राजदूत रंजीत राय ने, हंसी-हंसी में, मुल्मी की पुस्तक के शीर्षक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका नाम “ऑल रोड्स लीड टू साउथ” होना चाहिए था, क्योंकि नेपाल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भारत के साथ अधिक घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है।

मुल्मी ने यह भी बताया कि 2008 में नेपाल में 240 वर्षों से चली आ रही राजशाही के अंत और नेपाल के एकमात्र हिंदू राष्ट्र होने की पहचान खत्म होने के बाद, भारत-नेपाल संबंधों में सुधार हुआ था, लेकिन बाद में यह संबंध फिर से कमजोर हो गए।

नेपाल की सांस्कृतिक विविधता पर प्रकाश

नेपाल की लेखिका स्मृति रवींद्र, जो अपने उपन्यास “द वुमन हू क्लाइंब्ड ट्रीज़” के लिए जानी जाती हैं, ने नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक समानताओं को उजागर किया।

मुल्मी और रवींद्र, दोनों ने यह बताया कि नेपाल को अक्सर केवल हिमालय और पर्वतारोहण से जोड़कर देखा जाता है, जबकि देश का एक बड़ा हिस्सा तराई क्षेत्र में स्थित है, जिसे साहित्य में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

मधेशी समुदाय की पहचान और संघर्ष

तराई क्षेत्र से आने वाली रवींद्र ने इस गलतफहमी पर चिंता जताई कि नेपाल के दक्षिणी क्षेत्र में रहने वाले मधेशी समुदाय को नेपाल के भीतर भी भारतीय समझा जाता है।

उन्होंने कहा कि मधेशी समुदाय को नेपाल के उत्तरी हिस्से और सरकार द्वारा हाशिए पर रखा जाता है, क्योंकि उनकी भारत से गहरी सांस्कृतिक और पारिवारिक कड़ियां हैं।

रवींद्र ने खुद को “मधेशी” के रूप में पहचाना और गर्व से बताया कि उनके परिवार में भारतियों से विवाह आम बात है, जो किसी दूसरे देश में नहीं, बल्कि किसी अन्य राज्य में शादी करने जैसा लगता है।

नेपाल के साहित्यिक योगदान पर चर्चा

सत्र के दौरान, जब दर्शकों से नेपाल की वैश्विक साहित्यिक पहचान पर सवाल किया गया, तो दोनों लेखकों ने स्वीकार किया कि नेपाल के प्रवासी समुदाय दुनिया भर में फैले हुए हैं, लेकिन नेपाली साहित्य अभी भी वैश्विक स्तर पर अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है।

नेपाल की राजनीति, सांस्कृतिक पहचान और साहित्यिक स्थिति पर केंद्रित यह चर्चा, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय साहित्य उत्सव के सबसे चर्चित सत्रों में से एक रही।

Crypto Price Today: बिटकॉइन $97,000 के पार, Sui और XRP में 10% तक की गिरावट

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां बिटकॉइन (Bitcoin) $97,000 से ऊपर ट्रेड कर रहा है, वहीं कई अन्य टोकन भारी गिरावट का सामना कर रहे हैं। Sui और XRP में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों में हलचल बढ़ गई है।

बिटकॉइन ने बरकरार रखी मजबूती

बिटकॉइन की कीमत आज $97,000 के ऊपर बनी हुई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि क्रिप्टो मार्केट में फिलहाल बुलिश सेंटिमेंट बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों से बिटकॉइन लगातार मजबूती दिखा रहा है और इसका प्रमुख कारण इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी और मार्केट में सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बिटकॉइन इसी ट्रेंड को बनाए रखता है, तो यह जल्द ही $100,000 का स्तर पार कर सकता है। हालांकि, क्रिप्टो मार्केट में अस्थिरता हमेशा बनी रहती है और किसी भी बड़ी बिकवाली से इसमें गिरावट भी देखी जा सकती है।

Sui और XRP में 10% तक की गिरावट

बिटकॉइन के शानदार प्रदर्शन के बावजूद, अन्य कई क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट दर्ज की गई है। Sui और XRP ने 10% तक की गिरावट झेली, जिससे निवेशकों को झटका लगा है। Sui की कीमतों में अचानक आई गिरावट का कारण ग्लोबल मार्केट में बढ़ते उतार-चढ़ाव को माना जा रहा है।

XRP की बात करें तो, इस क्रिप्टो टोकन ने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आज की गिरावट से यह निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिर्फ एक अस्थायी गिरावट हो सकती है और आने वाले दिनों में XRP रिकवरी कर सकता है।

क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी

क्रिप्टो मार्केट हमेशा अस्थिर रहता है, और यही इसकी खासियत भी है। जहां एक ओर बिटकॉइन लगातार मजबूत बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर कई ऑल्टकॉइन्स (Altcoins) दबाव में नजर आ रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य सकारात्मक तो है, लेकिन इसमें निवेश करने से पहले रिस्क फैक्टर्स को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

यदि आप क्रिप्टो मार्केट में निवेश करना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों की राय लेना और मार्केट ट्रेंड को समझना जरूरी है। बिटकॉइन फिलहाल मजबूती बनाए हुए है, लेकिन अन्य क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट चिंता का विषय हो सकती है।

बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी निर्णय से पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए।