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ट्रम्प के प्रतिपक्षीय टैरिफ: कहाँ हैं सबसे अधिक और सबसे कम शुल्क?

वाशिंगटन, 2 अप्रैल 2025 – अमेरिका को दुनिया के सबसे कम टैरिफ वाले देशों में गिना जाता है, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे बदलने का निर्णय लिया है। उनके नए प्रतिपक्षीय टैरिफ (Reciprocal Tariffs) 2 अप्रैल से लागू हो रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

क्या हैं प्रतिपक्षीय टैरिफ?

प्रतिपक्षीय टैरिफ का मतलब है कि अमेरिका अब उन देशों पर वही आयात शुल्क लगाएगा जो वे अमेरिकी उत्पादों पर लगाते हैं। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि यह नीति अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की आधिकारिक वेबसाइट

किन देशों पर पड़ेगा प्रभाव?

ट्रम्प ने रविवार को चेतावनी दी कि “सभी देश” इस टैरिफ नीति से प्रभावित होंगे।

🔹 चीन – अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के चलते चीन पहले से ही उच्च अमेरिकी शुल्क झेल रहा है।

🔹 यूरोपीय संघ – यूरोप से आयातित लक्ज़री कारों और खाद्य उत्पादों पर शुल्क बढ़ सकता है।

🔹 भारत – ट्रम्प ने पहले भी भारतीय टैरिफ नीति की आलोचना की है, जिससे भारतीय निर्यातकों पर असर पड़ सकता है।

अमेरिकी व्यापार नीति पर CNN की रिपोर्ट

कौन से उत्पाद होंगे प्रभावित?

🛠️ उद्योग और तकनीकी क्षेत्र: चीन और जर्मनी से आयातित मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक्स पर शुल्क बढ़ सकता है।

🍏 कृषि उत्पाद: यूरोप और दक्षिण अमेरिका से आने वाले शराब, डेयरी और फलों पर शुल्क लगाया जा सकता है।

🚗 वाहन उद्योग: जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया से आने वाली कारों पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट

सबसे अधिक और सबसे कम टैरिफ वाले देश

📈 सबसे अधिक टैरिफ: भारत, ब्राजील, अर्जेंटीना, चीन, तुर्की

📉 सबसे कम टैरिफ: अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति अमेरिका और अन्य देशों के बीच व्यापार विवाद को बढ़ा सकती है।

💬 इकोनॉमिस्ट जेम्स एलन का कहना है: “इस नीति से उपभोक्ताओं को महंगे उत्पाद खरीदने पड़ सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।”

🛒 अमेरिकी कंपनियों को आयात महंगा पड़ेगा, जिससे उनके उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी होगी।

ब्लूमबर्ग की व्यापार नीति रिपोर्ट

क्या आगे होगा?

इस नीति के लागू होने के बाद अमेरिका और अन्य देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ देश अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगा सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है।

📌 आप इस नई नीति के बारे में क्या सोचते हैं? हमें अपने विचार कमेंट में बताएं!

वरुण ग्रोवर ने मुंबई पुलिस को दी सलाह: ‘कुणाल कामरा का शो देखें, दर्शकों को नहीं बुलाएं’

मुंबई, 3 अप्रैल 2025 – मशहूर कॉमेडियन और लेखक वरुण ग्रोवर ने मुंबई पुलिस द्वारा स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के दर्शकों को समन भेजने पर तंज कसा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पुलिस को खुद कामरा का शो देखना चाहिए, बजाय इसके कि वे दर्शकों से पूछताछ करें।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में कुणाल कामरा के विवादास्पद स्टैंड-अप शो ‘नया भारत’ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहा था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने शो में मौजूद दर्शकों में से कुछ को समन जारी कर उनसे पूछताछ करने का फैसला किया।

यह खबर आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। जहां कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे एक आवश्यक कानूनी कदम मान रहे हैं।

मुंबई पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट

वरुण ग्रोवर का तंज

वरुण ग्रोवर, जो अपने सामाजिक और राजनीतिक व्यंग्य के लिए जाने जाते हैं, ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया:

“मुंबई पुलिस को दर्शकों से पूछताछ करने के बजाय कुणाल कामरा का शो देखना चाहिए। वैसे भी, वे जबरदस्ती हंसी रोक कर बैठेंगे और पूरी तरह से जोक्स बर्बाद कर देंगे। किसी भी कॉमेडी शो का असली टेस्ट यही होता है!”

उनके इस ट्वीट पर हजारों लाइक्स और रीट्वीट्स आ चुके हैं।

वरुण ग्रोवर का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग कुणाल कामरा के समर्थन में बोल रहे हैं, तो कुछ इसे अनुचित मान रहे हैं।

🗣 एक यूजर ने लिखा: “अगर सरकार इतनी संवेदनशील है तो उन्हें कॉमेडी शो देखना ही बंद कर देना चाहिए।”

🎭 दूसरे यूजर ने कहा: “स्टैंड-अप कॉमेडी का मतलब ही सत्ता पर व्यंग्य करना होता है। कुणाल कामरा पर कार्रवाई करना हास्यास्पद है।”

🚔 वहीं कुछ ने पुलिस का समर्थन किया: “अगर कोई कानून तोड़ा गया है तो जांच होनी चाहिए। कॉमेडी की आड़ में कुछ भी बोलना सही नहीं।”

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट

कामरा का जवाब

कुणाल कामरा ने इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन वे पहले भी सरकार और पुलिस पर व्यंग्य करने के लिए जाने जाते हैं।

उनका स्टैंड-अप शो ‘नया भारत’ विवादों के लिए जाना जाता है, क्योंकि इसमें वे सरकार और राजनीतिक दलों की नीतियों पर खुलकर कटाक्ष करते हैं।

कुणाल कामरा का यूट्यूब चैनल

क्या होगा आगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला कोर्ट तक जा सकता है। अगर पुलिस को कोई ठोस सबूत मिलता है कि कामरा ने कानूनी रूप से कोई अपराध किया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई संभव है।

हालांकि, इस पूरे मामले ने एक बार फिर भारत में कॉमेडी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस को जन्म दे दिया है।

📌 क्या आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? हमें कमेंट में बताएं!

Vi संकट से बाहर नहीं, बैंकों का कहना – सरकार की बढ़ी हिस्सेदारी भी ऋण देने के लिए पर्याप्त नहीं!

बैंकों ने कहा – सरकार की इक्विटी बढ़ाने के बावजूद वोडाफोन आइडिया को लोन देना संभव नहीं

भारत सरकार ने हाल ही में कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया (Vi) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है, लेकिन बैंकों का मानना है कि यह कदम कंपनी की वित्तीय स्थिति को स्थिर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार द्वारा की गई इक्विटी रूपांतरण प्रक्रिया सिर्फ सितंबर तक की बकाया राशि को कवर करती है, जो कुल बकाया राशि का केवल 15% हिस्सा है।

Vi के शेयर बाजार प्रदर्शन को NSE पर देखें
वोडाफोन आइडिया के वित्तीय रिपोर्ट्स पढ़ें

सरकार की हिस्सेदारी बढ़ाने का असर

सरकार द्वारा वोडाफोन आइडिया में इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाकर 36.7% करने के बावजूद, बैंक अभी भी कंपनी को नए लोन देने से हिचकिचा रहे हैं

मुख्य बिंदु:

  • सरकार की इक्विटी बढ़ाने की प्रक्रिया से कंपनी को सीधे नकद लाभ नहीं मिलेगा
  • कंपनी के कुल बकाया कर्ज़ का केवल 15% हिस्सा ही इससे कवर होगा
  • Vi को कर्ज देने के लिए बैंक स्पष्ट वित्तीय स्थिरता देखना चाहते हैं।
  • कंपनी को नई 5G सेवाओं में निवेश करने के लिए भारी पूंजी की जरूरत होगी।

Vi की नवीनतम बिजनेस रणनीति यहां पढ़ें

क्या Vi के लिए संकट अभी भी बना हुआ है?

बकाया कर्ज़ और बैंकों की चिंता

बैंकों का कहना है कि सरकार की यह पहल केवल सीमित राहत देगी, लेकिन Vi को अपने पूरे कर्ज संकट से निकालने के लिए अधिक वित्तीय मदद की जरूरत होगी

विवरण राशि (₹ करोड़ में)
कुल बकाया कर्ज 2,30,000
सरकार द्वारा इक्विटी रूपांतरण 15,000
बकाया AGR और स्पेक्ट्रम शुल्क 1,68,000
अन्य देनदारियां 47,000

भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट पढ़ें

बैंकों का रुख और संभावित समाधान

बैंकों का कहना है कि Vi को कर्ज देने से पहले वे देखना चाहते हैं कि:

  • कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन सुधरता है या नहीं।
  • नई पूंजी कितनी जुटाई जाती है।
  • भविष्य में राजस्व वृद्धि की क्या संभावनाएं हैं।

Vi के सामने चुनौतियाँ:

भारी कर्ज़ का बोझ: कंपनी के पास अभी भी ₹2.3 लाख करोड़ का भारी कर्ज़ है। ✔ निजी निवेश की कमी: अन्य टेलीकॉम कंपनियों जैसे रिलायंस जियो और एयरटेल ने बड़े निवेश आकर्षित किए हैं, लेकिन Vi इस मामले में पिछड़ रहा है। ✔ 5G नेटवर्क का रोलआउट: Vi को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए 5G नेटवर्क पर निवेश करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए पूंजी की जरूरत होगी। ✔ ग्राहक आधार में गिरावट: Jio और Airtel की तुलना में Vi का ग्राहक आधार लगातार घट रहा है।

Vi के ग्राहक डेटा की पूरी जानकारी यहां देखें

क्या Vi अपने संकट से बाहर आ सकता है?

विश्लेषकों का मानना है कि वोडाफोन आइडिया को अपनी बैलेंस शीट मजबूत करनी होगी और नई पूंजी जुटाने पर जोर देना होगा

संभावित समाधान:

  • कंपनी को निजी निवेशकों से नई पूंजी जुटानी होगी
  • 5G सेवाओं में निवेश बढ़ाना होगा ताकि वह जियो और एयरटेल को टक्कर दे सके।
  • सरकार को अतिरिक्त वित्तीय राहत देने के उपायों पर विचार करना होगा
  • ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए बेहतर नेटवर्क और योजनाएं पेश करनी होंगी।

Vi की आगामी योजनाओं पर अधिक पढ़ें

निष्कर्ष:

वोडाफोन आइडिया के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। सरकार द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाने के बावजूद, यह केवल सीमित राहत प्रदान करता है और कंपनी के दीर्घकालिक संकट को हल नहीं कर सकता। जब तक Vi नई पूंजी नहीं जुटाता और अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत नहीं करता, तब तक इसे बैंकों से वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल रहेगा। आने वाले महीनों में, Vi की रणनीति और सरकार के अगले कदम तय करेंगे कि क्या यह टेलीकॉम कंपनी अपने संकट से बाहर निकल पाएगी या नहीं।

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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शेयर प्राइस टुडे हाइलाइट्स: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पर निवेशकों की नजर

02 अप्रैल 2025: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शेयर प्राइस लाइव अपडेट

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर बाजार में प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। स्टॉक आज इन्ट्रा-डे हाई और लो के साथ चर्चा में बना हुआ है। यहां आप BEL के 52-सप्ताह के प्रदर्शन, वॉल्यूम मूवमेंट और बाजार में इसके उतार-चढ़ाव की पूरी जानकारी पा सकते हैं।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का परिचय

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र की एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जो उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्माण करती है। BEL भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और यह विभिन्न रक्षा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति करती है।

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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शेयर प्राइस अपडेट: 02 अप्रैल 2025

आज के प्रमुख आंकड़े:
  • वर्तमान शेयर मूल्य: ₹185.75 (10:30 AM IST)
  • दिन का उच्चतम स्तर: ₹188.90
  • दिन का न्यूनतम स्तर: ₹183.20
  • 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर: ₹210.50
  • 52-सप्ताह का न्यूनतम स्तर: ₹145.30
  • मार्केट कैप: ₹67,500 करोड़
  • वॉल्यूम मूवमेंट: 12.5 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के नवीनतम फाइनेंशियल रिजल्ट देखें

BEL के शेयरों में निवेश का सही समय?

विश्लेषकों के अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न देने की क्षमता रखता है। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, नए रक्षा अनुबंधों और अत्याधुनिक तकनीक पर फोकस के कारण यह निवेशकों के लिए आकर्षक बनी हुई है।

विश्लेषकों की राय:

विश्लेषक/ब्रोकरेज रेटिंग टारगेट प्राइस (₹)
ICICI सिक्योरिटीज खरीदें ₹210
मोतीलाल ओसवाल होल्ड करें ₹195
एंजल ब्रोकिंग खरीदें ₹205
शेयरखान खरीदें ₹215

BEL के निवेश पर विस्तृत विश्लेषण पढ़ें

क्या निवेशकों को BEL में निवेश करना चाहिए?

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों के लिए सकारात्मक कारक:

मजबूत सरकारी समर्थन: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत BEL को नए ऑर्डर मिल रहे हैं।
मजबूत ऑर्डर बुक: BEL के पास ₹80,000 करोड़ से अधिक की ऑर्डर बुक है।
तकनीकी प्रगति: BEL अत्याधुनिक रक्षा और एयरोस्पेस उपकरणों का निर्माण कर रही है।
वित्तीय प्रदर्शन: पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 18% का रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया।

जोखिम कारक:

वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं स्टॉक को प्रभावित कर सकती हैं।
सरकारी नीतियों में बदलाव: रक्षा बजट और सरकारी नीतियों में बदलाव से कंपनी के ऑर्डर बुक पर असर पड़ सकता है।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर प्राइस अपडेट्स लाइव देखें

आपका क्या विचार है? क्या आप भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में निवेश करेंगे? हमें कमेंट सेक्शन में बताएं!

आयकर डेडलाइन! वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए टैक्स सेविंग निवेश करने के लिए आखिरी 2 दिन बचे

31 मार्च है आखिरी मौका, जानें पूरी डिटेल्स और निवेश के विकल्प

अगर आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की योजना बना रहे हैं, तो 31 मार्च 2025 आपके लिए महत्वपूर्ण तिथि है। इस दिन तक आपको अपनी टैक्स बचत योजनाओं में निवेश करना होगा ताकि आप आयकर अधिनियम की धारा 80C और अन्य कर कटौती (Tax Deductions) का लाभ उठा सकें।

टैक्स बचाने के लिए निवेश विकल्प

करदाताओं के लिए कई टैक्स-सेविंग निवेश विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)
  • NSC (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट)
  • NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम)
  • SSY (सुकन्या समृद्धि योजना)
  • KVP (किसान विकास पत्र)
  • SCSS (सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम)

दिल्ली स्थित सीए फर्म PD Gupta & Co की पार्टनर प्रतीभा गोयल कहती हैं, “जो करदाता वित्तीय वर्ष 2024-25 में पुरानी कर व्यवस्था का लाभ उठाना चाहते हैं, उनके लिए 31 मार्च अंतिम मौका है अपने टैक्स डिडक्शन को ऑप्टिमाइज़ करने का।”

टैक्स सेविंग विकल्पों पर ब्याज दरें और निवेश सीमा

नीचे दी गई तालिका में विभिन्न निवेश योजनाओं की ब्याज दरें, न्यूनतम और अधिकतम निवेश सीमा दी गई है:

योजना का नाम न्यूनतम निवेश (₹) अधिकतम निवेश (₹) ब्याज दर (प्रति वर्ष)
PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) ₹500 ₹1.5 लाख 7.1%
NSC (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) ₹1,000 कोई सीमा नहीं 7.7%
SSY (सुकन्या समृद्धि योजना) ₹250 ₹1.5 लाख 8.2%
KVP (किसान विकास पत्र) ₹1,000 कोई सीमा नहीं 7.5%
SCSS (सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम) ₹1,000 ₹30 लाख 8.2%
5-वर्षीय राष्ट्रीय बचत समय जमा ₹1,000 कोई सीमा नहीं 7.5%

PPF निवेश करने के लिए यहां क्लिक करें
NSC योजना की पूरी जानकारी यहां देखें
SSY अकाउंट खोलने के लिए यहां जाएं
KVP निवेश योजना की पूरी जानकारी

क्या नया कर ढांचा अपनाने पर टैक्स बचत योजनाओं का लाभ मिलेगा?

अगर आप नए कर ढांचे (New Tax Regime) को अपनाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसमें धारा 80C, 80D, 80E और अन्य कटौतियों का लाभ नहीं दिया जाता। यानी, आपको इन निवेशों पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी

अगर आप टैक्स बचत के लाभों को बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको पुरानी कर व्यवस्था को चुनना होगा और 31 मार्च 2025 तक निवेश करना अनिवार्य है

कैसे करें टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट?

  1. बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाएं और अपनी पसंदीदा योजना में निवेश करें।
  2. ऑनलाइन निवेश करने के लिए संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर लॉग इन करें।
  3. ब्रोकर या फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद लें सही निवेश योजना चुनने के लिए।

पुरानी और नई कर व्यवस्था की तुलना यहां देखें
अपना आयकर रिटर्न भरने के लिए यहां जाएं

अभी करें निवेश, वरना चूक सकते हैं टैक्स बचत का मौका!

अगर आप पुरानी कर व्यवस्था के तहत आयकर छूट का लाभ लेना चाहते हैं, तो 31 मार्च 2025 से पहले निवेश करना अनिवार्य है। सही निवेश योजना चुनें, टैक्स बचाएं और अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करें

क्या आपने अपना टैक्स सेविंग निवेश कर लिया है? हमें कमेंट में बताएं!

 

सलमान खान और रश्मिका मंदाना स्टारर सिकंदर की पहली समीक्षाएँ आईं; प्रशंसकों ने इसे ‘ब्लॉकबस्टर राइड’ कहा!

सलमान खान बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी कर चुके हैं अपनी नई एक्शन थ्रिलर सिकंदर के साथ, जिसे ए.आर. मुरुगदोस ने निर्देशित किया है और साजिद नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 30 मार्च 2025 को ईद-उल-फितर के मौके पर विश्वभर में रिलीज़ हुई और फैंस को इसकी भव्यता से रोमांचित कर दिया।

फैंस ने सिकंदर को बताया ‘परफेक्ट ईद गिफ्ट’

सलमान खान की सिकंदर ने सिनेमाघरों में धमाका कर दिया है, इसकी जबरदस्त एक्शन और शानदार अपील से दर्शक दीवाने हो रहे हैं। खासकर सलमान की ग्रैंड एंट्री सीन को लेकर फैंस सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं। यहां देखें ट्विटर पर फैंस की प्रतिक्रियाएँ

लंदन में सलमान के प्रशंसकों ने थिएटर के अंदर डांस करना शुरू कर दिया, जिससे यह साफ है कि फिल्म का क्रेज जबरदस्त है। सोशल मीडिया पर एक्शन सीक्वेंस और पावरफुल बैकग्राउंड स्कोर की जमकर सराहना हो रही है। फिल्म के धमाकेदार एक्शन सीन देखें

ब्लॉकबस्टर एंटरटेनमेंट की गारंटी

कई दर्शकों ने इसे ‘पैसा वसूल’ मूवी करार दिया है और सलमान खान को एक बार फिर बॉक्स ऑफिस किंग घोषित कर दिया है।

प्रशंसकों ने इसे “परफेक्ट ईद गिफ्ट” बताया, जो बड़े पर्दे पर शानदार अनुभव देता है। यदि आप एक्शन और बड़े स्तर की फिल्में पसंद करते हैं, तो सिकंदर आपके लिए ही बनी है। टिकट बुक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

सलमान खान की सिकंदर एक धमाकेदार ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है। जबरदस्त एक्शन, दमदार स्टोरी और फुल एंटरटेनमेंट के साथ, यह फिल्म हर सलमान फैन के लिए एक ट्रीट है। क्या आपने सिकंदर देखी? हमें अपनी राय बताएं! यहां अपनी प्रतिक्रिया साझा करें

 

कैसे बनाएं मुफ्त में घिबली-शैली की AI वीडियो?

स्टूडियो घिबली की खूबसूरत एनीमेशन शैली ने कलाकारों और AI प्रेमियों को आकर्षित किया है। हाल ही में, सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड घिबली-शैली की इमेज वायरल हो रही हैं, जो OpenAI के ChatGPT की मदद से बनाई गई हैं। OpenAI का Sora एक प्रीमियम समाधान प्रदान करता है, लेकिन कुछ Reddit उपयोगकर्ताओं ने बिना पैसे खर्च किए ऐसी ही वीडियो बनाने का तरीका खोज लिया है। अगर आप भी अपनी AI-जनरेटेड घिबली वीडियो बनाना चाहते हैं, तो ये स्टेप्स फॉलो करें!

स्टेप 1: ChatGPT की मदद से घिबली-शैली की इमेज बनाएं

OpenAI के GPT-4o में एक नया इमेज जनरेशन फीचर शामिल है जो अधिक सटीक और सुंदर इमेज बना सकता है। इस प्रक्रिया का पालन करें:

  1. ChatGPT (GPT-4o वर्जन) खोलें।
  2. यह प्रॉम्प्ट टाइप करें: “एक जादुई जंगल में छोटे से कॉटेज और चमकते जुगनू के साथ घिबली-शैली की इमेज बनाएं।”
  3. अलग-अलग प्रॉम्प्ट्स का उपयोग करें और कई इमेज जनरेट करें ताकि वे एक वीडियो का हिस्सा बन सकें।
  4. इन इमेज को हाई-रेज़ोल्यूशन में सेव करें।

स्टेप 2: मुफ्त टूल्स का उपयोग करके इमेज को एनिमेट करें

एक बार जब आपके पास पर्याप्त AI-जनरेटेड इमेज हो जाएं, तो उन्हें एनिमेट करने के लिए इन फ्री टूल्स का उपयोग करें:

  • CapCut – सरल और फ्री वीडियो एडिटर।
  • RunwayML – AI-आधारित वीडियो एडिटिंग और इफेक्ट्स।
  • DaVinci Resolve – प्रोफेशनल लेकिन मुफ्त वीडियो एडिटिंग टूल।

स्टेप 3: मूवमेंट और ट्रांज़िशन्स जोड़ें

वीडियो को प्राकृतिक रूप देने के लिए:

  • इमेज के बीच धीमे ट्रांज़िशन्स का उपयोग करें।
  • ज़ूम-इन और ज़ूम-आउट इफेक्ट्स जोड़ें।
  • घिबली एनीमेशन जैसा लुक देने के लिए हल्का ग्रेन इफेक्ट लगाएं।

स्टेप 4: AI ऑडियो और म्यूजिक जोड़ें

घिबली-शैली के वीडियो को सुंदर संगीत के बिना अधूरा माना जाता है। मुफ्त AI म्यूजिक जनरेटर का उपयोग करें:

  • AIVA – AI-जनरेटेड इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक।
  • Soundraw – कस्टम AI म्यूजिक टूल।
  • YouTube ऑडियो लाइब्रेरी – मुफ्त बैकग्राउंड म्यूजिक।

स्टेप 5: वीडियो को संकलित करें और निर्यात करें

जब आपके ट्रांज़िशन्स और म्यूजिक जुड़ जाएं:

  • इमेज को सही क्रम में सेट करें।
  • वीडियो की गति को एडजस्ट करें ताकि यह स्मूथ लगे।
  • वीडियो को HD में निर्यात करें और YouTube, Instagram, या TikTok पर शेयर करें।

जहां OpenAI का Sora प्रीमियम सुविधा प्रदान करता है, वहीं यह मुफ्त तरीका भी AI-जनरेटेड घिबली-शैली की वीडियो बनाने में मदद कर सकता है। इसे आज़माएं और अपनी खुद की जादुई AI-एनिमेशन दुनिया बनाएं!

इलॉन मस्क ने X को xAI में किया ट्रांसफर, क्या है उनकी 4D शतरंज चाल?

टेक्नोलॉजी की दुनिया के सबसे चर्चित उद्यमी इलॉन मस्क (Elon Musk) ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) की मालिकाना हक उनकी AI कंपनी xAI को सौंप दी गई है। मस्क के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया और टेक जगत में हलचल मच गई है।

मस्क ने X को xAI को क्यों सौंपा?

शनिवार को किए गए इस ऐलान में मस्क ने कहा कि वह अब X के मालिक नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने इसकी मालिकाना हक अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI को ट्रांसफर कर दिया है। xAI, जो कि मस्क की ही कंपनी है, अब X का नियंत्रण रखेगी।

स्रोत: Elon Musk’s xAI | X Platform

मस्क का यह कदम काफी रणनीतिक माना जा रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मस्क X को एक AI-संचालित सुपर ऐप में बदलना चाहते हैं, जिसमें सोशल मीडिया, AI चैटबॉट, फाइनेंस और अन्य सेवाएं शामिल हो सकती हैं।

क्या है मस्क की 4D शतरंज चाल?

इलॉन मस्क को अक्सर जटिल और दूरदर्शी रणनीतियों के लिए जाना जाता है, जिसे कई लोग ‘4D चेस’ (4D Chess) कहते हैं। जबकि बाकी कंपनियां साधारण बिजनेस रणनीतियों पर ध्यान देती हैं, मस्क बड़े स्तर पर गेम खेलते हैं।

1. xAI और X का एकीकरण

मस्क की xAI कंपनी पहले से ही AI मॉडल विकसित कर रही है, और इसका Grok AI अब X में इंटीग्रेट हो चुका है। इससे X उपयोगकर्ताओं को उन्नत AI सुविधाएं मिलेंगी, जिससे यह प्लेटफॉर्म Google और OpenAI जैसी कंपनियों से मुकाबला कर सकेगा।

जानें Grok AI के बारे में: xAI का आधिकारिक पेज

2. सुपर ऐप बनाने की योजना

X को एक ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाने का मस्क का सपना अब सच होता दिख रहा है। यह ऐप सोशल मीडिया, पेमेंट, शॉपिंग, AI चैटबॉट और अन्य सेवाओं को जोड़ सकता है। यह WeChat की तरह एक बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म बन सकता है।

3. AI का भविष्य और टेक उद्योग पर प्रभाव

xAI और X का विलय OpenAI, Google और Microsoft जैसी AI कंपनियों के लिए एक चुनौती बन सकता है। X पहले से ही एक विशाल डेटा हब है, और इसका उपयोग AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए किया जा सकता है। इससे xAI को बड़ा फायदा होगा।

AI टेक्नोलॉजी में मस्क का योगदान: OpenAI और Tesla में उनकी भूमिका

X का भविष्य: सोशल मीडिया से आगे

मस्क की इस चाल से स्पष्ट है कि वह X को केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। वे इसे एक टेक्नोलॉजी हब में बदलना चाहते हैं, जिसमें AI, फाइनेंस, और संचार जैसी कई सुविधाएं होंगी।

यह कदम दिखाता है कि मस्क केवल एक सोशल मीडिया कंपनी के मालिक नहीं हैं, बल्कि वह पूरी इंडस्ट्री को नई दिशा देने की योजना बना रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि xAI और X मिलकर टेक्नोलॉजी जगत में क्या बदलाव लाते हैं।

मस्क के अन्य प्रोजेक्ट्स: SpaceX | Neuralink | Boring Company

म्यांमार भूकंप: मौत का आंकड़ा 1,000 के पार, 1,600 से अधिक घायल; पीएम मोदी ने दी मदद की पेशकश

म्यांमार में भयावह भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,600 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस विनाशकारी भूकंप के बाद चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है, कई इमारतें जमींदोज़ हो गई हैं, और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस संकट के बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की सत्ता प्रमुख (जुंटा प्रमुख) को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

भूकंप के झटकों से हिला म्यांमार

यह भूकंप रिक्टर स्केल पर 7.2 की तीव्रता का था और इसका केंद्र म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में बताया जा रहा है। यह इलाका पहले भी भूकंप की चपेट में आ चुका है, लेकिन इस बार की तबाही कहीं अधिक भयावह रही।

झटके भारत और बांग्लादेश तक महसूस किए गए।
हजारों घरों, स्कूलों और सरकारी इमारतों को नुकसान।
बचाव कार्यों में बाधा बन रहा मलबा और बाढ़ का खतरा।

मदद के लिए आगे आया भारत

म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा शासन) ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने तत्काल सहायता भेजने का फैसला किया है।

🇮🇳 भारत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भेजेगा।
🚁 राहत सामग्री, दवाएं और खाद्य आपूर्ति के लिए हेलीकॉप्टर और विमान तैनात किए जा रहे हैं।
🩺 भारतीय डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम भी भेजी जाएगी।

क्या कहा पीएम मोदी ने?

पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा:

“भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा है। हम म्यांमार को हरसंभव मदद देंगे और इस कठिन समय में उनके साथ हैं।”

स्थानीय लोगों की हालत बदतर

म्यांमार में हालात बेहद गंभीर हैं। लोग बेघर हो गए हैं, खाने-पीने की चीजों की भारी कमी हो गई है। सरकारी एजेंसियां राहत पहुंचाने में जुटी हैं, लेकिन भारी नुकसान और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्यों में देरी हो रही है।

🔴 अस्पतालों में घायलों की लंबी कतारें।
🔴 सड़कों पर दरारें, कई जगह पुल टूटे।
🔴 बिजली और इंटरनेट सेवाएं बाधित।

भविष्य में और खतरा?

भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इस इलाके में अगले कुछ दिनों तक आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) जारी रह सकते हैं। इससे और अधिक नुकसान की आशंका बनी हुई है।

भारत की भूमिका महत्वपूर्ण

भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, और भारत हमेशा मानवीय संकट के समय सहायता के लिए आगे आता रहा है। इस बार भी भारतीय सेना और NDRF टीमें राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

📌 क्या यह भूकंप भविष्य में दक्षिण एशिया के लिए खतरे की घंटी है?
📌 क्या म्यांमार को इस संकट से उबरने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिलेगा?

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कनेक्टर या ट्रैफिक जाम की वजह? क्यों विक्रोली ब्रिज बना मुंबईकरों के लिए परेशानी

मुंबई में यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा विक्रोली ईस्ट-वेस्ट कनेक्टर अब तक अधूरा पड़ा है और इसके लगातार विलंब से शहर के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस 615 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े पुल को 2020 तक खोलने की योजना थी, लेकिन कई तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के चलते अब यह 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।

विलंब के पीछे की वजहें

इस पुल की कुल लागत 88 करोड़ रुपये है और इसे पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे (EEH) और एलबीएस रोड को बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। लेकिन देरी के कई कारण रहे हैं:

🔹 भूमि अधिग्रहण की समस्या: कई क्षेत्रों में ज़मीन अधिग्रहण में देरी हुई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।
🔹 मौसम संबंधी दिक्कतें: मुंबई में मानसून के दौरान निर्माण कार्य धीमा हो गया।
🔹 अनुमति संबंधी समस्याएं: कई विभागों से आवश्यक मंजूरियों में देरी हुई।

ट्रैफिक की समस्या और मुंबईकरों की नाराजगी

मुंबई पहले से ही भारी ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है, और इस पुल के अधूरे होने के कारण विक्रोली और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक की समस्या और भी बढ़ गई है।

🚦 ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस रोड पर ट्रैफिक बढ़ा – रोजाना हजारों वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ता है।
🚗 ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से वैकल्पिक सड़कों पर दबाव बढ़ा – जीबी रोड, जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड (JVLR) और पवई के रास्तों पर भी जाम लग रहा है।
😡 स्थानीय निवासियों की नाराजगी – विक्रोली, घाटकोपर और कुर्ला के लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।

विकल्प और भविष्य की उम्मीदें

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) का दावा है कि मई 2025 तक यह पुल चालू हो जाएगा और इससे ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम होगी।

📌 यदि यह कनेक्टर समय पर पूरा होता है, तो यह:
यात्रा का समय 30-40% तक कम कर सकता है।
पूर्वी और पश्चिमी विक्रोली के बीच आसान आवागमन सुनिश्चित करेगा।
ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा।

क्या यह पुल वाकई मुंबईकरों के लिए राहत लाएगा?

फिलहाल, मुंबईकरों को 2025 तक इंतजार करना होगा यह देखने के लिए कि यह ट्रैफिक की समस्या का समाधान बनेगा या फिर एक और फ्लॉप प्रोजेक्ट साबित होगा।

📢 आप इस देरी पर क्या सोचते हैं? हमें कमेंट में बताएं! 🚦

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