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तीन महीने के उच्च स्तर पर खुला रुपया, 2025 के सभी नुकसान हुए खत्म!

भारतीय रुपया 25 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग तीन महीने के उच्च स्तर पर खुला और इस साल अब तक हुए सभी नुकसान को समाप्त कर दिया। यह बढ़त तब देखने को मिली, जब बीते दो सत्रों में डॉलर इंडेक्स में तेजी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद, भारतीय मुद्रा ने मजबूती दिखाई, जिससे बाजार में सकारात्मक संकेत मिले।

रुपये की मजबूती के पीछे क्या कारण हैं?

  • विदेशी निवेशकों की खरीदारी:
    करेंसी विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की इस मजबूती का मुख्य कारण विदेशी निवेशकों द्वारा घरेलू शेयर बाजार और बॉन्ड मार्केट में बढ़ती खरीदारी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार लिवाली ने रुपये को मजबूती प्रदान की।
  • घरेलू अर्थव्यवस्था का सुधार:
    भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता और मजबूत विकास दर ने रुपये को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। हाल ही में भारत के निर्यात और औद्योगिक उत्पादन में सुधार के संकेत मिले हैं, जिससे रुपये को समर्थन मिला है।
  • डॉलर इंडेक्स का सीमित असर:
    आमतौर पर डॉलर इंडेक्स में उछाल रुपये पर दबाव बनाता है, लेकिन इस बार भारतीय मुद्रा ने इसके विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रुपये की मजबूती के पीछे भारत की मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) और स्थिर आर्थिक नीतियां भी एक बड़ा कारण हैं।

रुपये की हालिया चाल पर विशेषज्ञों की राय

  • कुछ करेंसी विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये में यह मजबूती अल्पकालिक हो सकती है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक कारक अब भी रुपये को प्रभावित कर सकते हैं।
  • अन्य विश्लेषकों के अनुसार, यदि विदेशी निवेशक भारत के वित्तीय बाजार में निवेश जारी रखते हैं, तो रुपया और अधिक मजबूत हो सकता है।
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थिर मुद्रा नीति ने भी रुपये को गिरावट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रुपये की यह मजबूती बाजार के लिए क्या संकेत देती है?

  • भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा
  • घरेलू इक्विटी और बॉन्ड मार्केट में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
  • रुपये में मजबूती से आयात सस्ता हो सकता है, जिससे मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।
  • इससे भारतीय कंपनियों को भी फायदा होगा, खासकर उन कंपनियों को जिनका कच्चा माल विदेशी बाजारों से आता है।

क्या रुपये की मजबूती आगे भी बनी रहेगी?

भविष्य में रुपये की चाल कई कारकों पर निर्भर करेगी, जैसे:

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति।
  • वैश्विक आर्थिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
  • विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में निरंतर भागीदारी।

हालांकि, फिलहाल रुपये की यह मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निवेश का यह प्रवाह जारी रहा, तो रुपया आने वाले दिनों में और मजबूती दिखा सकता है।

1,002,964,549 SHIB टोकन जलाए गए, बर्न रेट में 8,099% की जबरदस्त बढ़ोतरी!

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में Shiba Inu (SHIB) एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में, 1.002 अरब से अधिक SHIB टोकन स्थायी रूप से नष्ट कर दिए गए, जिससे इसकी बर्न रेट में 8,099% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह SHIB के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है क्योंकि बर्निंग प्रक्रिया से टोकन की आपूर्ति कम होती है और संभावित रूप से इसकी कीमत बढ़ सकती है

SHIB बर्निंग प्रक्रिया कैसे काम करती है?

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में टोकन बर्निंग का मतलब होता है कि किसी क्रिप्टो टोकन को एक ऐसे वॉलेट एड्रेस में भेज दिया जाता है जहां से वह कभी वापस रिकवर नहीं किया जा सकता। इसे बर्न एड्रेस कहा जाता है।

  • इस बार Shiba Inu नेटवर्क पर एक ही ट्रांजैक्शन में 1,002,964,549 SHIB टोकन जलाए गए
  • बर्निंग प्रक्रिया टोकन की आपूर्ति को सीमित कर देती है, जिससे इसकी कीमत में वृद्धि की संभावना होती है।
  • SHIB समुदाय लंबे समय से इस प्रक्रिया को अपनाने की मांग कर रहा था ताकि इसकी मूल्य स्थिरता सुनिश्चित की जा सके

8,099% बर्न रेट में उछाल – इसके पीछे का कारण

बीते 24 घंटों में SHIB की बर्निंग रेट में जबरदस्त 8,099% की वृद्धि दर्ज की गई, जो कि एक असामान्य उछाल है। इसका मुख्य कारण हाल ही में SHIB समुदाय द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर बर्निंग प्रयास हैं।

  • SHIB स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और कोडिंग अपग्रेड के कारण कई बड़े इनवेस्टर्स (व्हेल्स) ने भारी मात्रा में टोकन बर्न किए हैं।
  • SHIB को लेकर बाजार में बढ़ती दिलचस्पी और संभावित मूल्य वृद्धि के कारण कई निवेशक इसे समर्थन दे रहे हैं।
  • हाल ही में SHIB के मेटावर्स प्रोजेक्ट और Shibarium नेटवर्क में हुए अपडेट ने भी इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाई है।

SHIB की कीमत पर संभावित असर

SHIB की कीमत फिलहाल मामूली उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर बनी हुई है। हालांकि, अगर बर्निंग प्रक्रिया लगातार जारी रहती है और टोकन की उपलब्धता कम होती है, तो विशेषज्ञों का मानना है कि SHIB की मूल्य वृद्धि संभव हो सकती है

  • बर्निंग से SHIB की आपूर्ति कम होगी, जिससे संभावित रूप से इसकी मांग बढ़ सकती है।
  • कई क्रिप्टो इन्वेस्टर्स और व्हेल्स इस प्रक्रिया को लॉन्ग-टर्म निवेश के रूप में देख सकते हैं
  • अगर बर्निंग की यह गति बनी रहती है, तो SHIB की कीमत में धीरे-धीरे स्थिर उछाल देखने को मिल सकता है।

SHIB समुदाय की प्रतिक्रिया

SHIB निवेशकों और समर्थकों ने इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर SHIB आर्मी इस बड़ी बर्निंग को “क्रांतिकारी बदलाव” बता रही है।

  • कई निवेशकों का मानना है कि यह SHIB को एक मजबूत संपत्ति बना सकता है।
  • कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की बर्निंग प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहती है, तो SHIB की कीमत में लंबी अवधि में स्थिरता आ सकती है।
  • कई समर्थक इसे SHIB के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम मान रहे हैं और इसे दीर्घकालिक निवेश का अच्छा अवसर मान रहे हैं।

SHIB के लिए आगे की राह

SHIB की बर्निंग प्रक्रिया को लेकर भविष्य में और भी कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। SHIB टीम लगातार Shibarium Layer-2 प्रोजेक्ट को मजबूत कर रही है, जिससे नेटवर्क को और अधिक कुशल बनाया जा सके।

  • SHIB के लिए आगे की रणनीति पर नजर रखना जरूरी होगा।
  • अगर बर्निंग प्रक्रिया और अधिक बढ़ती है, तो इसकी कीमत में और भी मजबूती आ सकती है।
  • SHIB निवेशकों को यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह क्रिप्टो बाजार में किस दिशा में आगे बढ़ता है।

कुणाल कामरा बनाम शिवसेना: ‘गद्दार’ टिप्पणी पर मुंबई पुलिस ने कॉमेडियन पर कौन-कौन से आरोप लगाए?

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर की गई एक टिप्पणी पर मामला दर्ज किया है। कामरा ने अपने एक हालिया शो के दौरान शिंदे पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘गद्दार’ कहा था, जिसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

क्या है पूरा मामला?

कुणाल कामरा अपने राजनीतिक व्यंग्य और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक स्टैंड-अप शो के दौरान एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने शिंदे को ‘गद्दार’ (देशद्रोही) कहकर संबोधित किया। उनका यह बयान 2022 में शिवसेना में हुई बगावत और शिंदे के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने की घटना से जुड़ा था।

कामरा के इस बयान के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने इसे मुख्यमंत्री का अपमान बताया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद मुंबई पुलिस ने कॉमेडियन के खिलाफ केस दर्ज किया।

किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है?

मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

  • धारा 500 (मानहानि): अगर कोई व्यक्ति किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बयान देता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है।
  • धारा 504 (शांति भंग करने का इरादा): यह धारा तब लगाई जाती है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसे शब्द कहता है जिससे शांति भंग हो सकती है या किसी समुदाय विशेष को उकसाया जा सकता है।
  • धारा 505 (सार्वजनिक शत्रुता को बढ़ावा देने वाला बयान): अगर कोई व्यक्ति ऐसा बयान देता है जिससे समाज में अशांति फैल सकती है, तो उसके खिलाफ यह धारा लगाई जाती है।

शिवसेना (शिंदे गुट) की प्रतिक्रिया

शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता और कई नेताओं ने कामरा के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है

शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने कहा:
“एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र और शिवसेना के हित में फैसला लिया था। उन्हें ‘गद्दार’ कहना केवल राजनीतिक द्वेष की भावना को दिखाता है। कुणाल कामरा को महाराष्ट्र की संस्कृति और राजनीतिक मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।”

कुणाल कामरा की प्रतिक्रिया

अब तक कुणाल कामरा ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे अपने स्टैंड पर कायम रह सकते हैं और कानूनी लड़ाई लड़ सकते हैं

कामरा इससे पहले भी कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट और बीजेपी सरकार के खिलाफ टिप्पणी कर चुके हैं, जिसके कारण उन पर पहले भी कई केस दर्ज हो चुके हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर दो गुटों में बहस छिड़ गई है

📌 समर्थकों का कहना है: कुणाल कामरा ने लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत अपनी राय रखी है। लोकतंत्र में सरकार और नेताओं की आलोचना करना जनता का अधिकार है।

📌 विरोधियों का कहना है: किसी भी निर्वाचित मुख्यमंत्री को इस तरह ‘गद्दार’ कहना असंवैधानिक और अस्वीकार्य है। यह महाराष्ट्र की राजनीति में नकारात्मकता और नफरत को बढ़ावा देने का काम कर सकता है।

क्या होगा आगे?

  • कानूनी प्रक्रिया: चूंकि कुणाल कामरा के खिलाफ IPC की धाराएं लगाई गई हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। पुलिस आगे की जांच कर सकती है और जरूरत पड़ने पर समन या गिरफ्तारी भी हो सकती है।
  • राजनीतिक विवाद: इस मामले के चलते महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अधिक राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी दांव-पेंच देखने को मिल सकते हैं
  • कामरा की अगली प्रतिक्रिया: यह देखना दिलचस्प होगा कि कुणाल कामरा आगे इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं। क्या वे माफी मांगेंगे या कोर्ट में केस लड़ेंगे?

कुणाल कामरा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच का यह विवाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सम्मान की बहस को फिर से उजागर कर रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या कुणाल कामरा अपने विवादित बयानों को जारी रखेंगे या नहीं।

IREDA के शेयरों में जबरदस्त उछाल: 8.4% की बढ़त के साथ तीन हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचे, मार्च में अब तक 21% की तेजी

भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। सोमवार को कंपनी के शेयरों में 8.4% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह अपने तीन हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। मार्च की शुरुआत से अब तक IREDA के शेयरों में कुल 21% की बढ़त देखी गई है, जिससे निवेशकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।

IREDA के शेयरों में तेजी की बड़ी वजहें

1. नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग

भारत सरकार ग्रीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां लागू कर रही है। अक्षय ऊर्जा के प्रति सरकार की गंभीरता के चलते निवेशकों का ध्यान इस सेक्टर की कंपनियों की ओर गया है। IREDA इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है, और इसका सीधा फायदा इसके शेयरों में तेजी के रूप में देखने को मिल रहा है।

2. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

IREDA ने हाल ही में अपने तीसरी तिमाही (Q3) के वित्तीय नतीजे जारी किए थे, जिसमें कंपनी का शुद्ध लाभ और कुल राजस्व शानदार रहा। मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के कारण बाजार में कंपनी की साख बढ़ी है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

3. सरकारी नीतियों का सकारात्मक असर

भारत सरकार ने हाल ही में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिनका सीधा लाभ IREDA जैसी कंपनियों को मिल रहा है। सरकार का फोकस विशेष रूप से सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और हाइड्रोपावर पर है, जिसमें IREDA की महत्वपूर्ण भूमिका है।

4. संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी

पिछले कुछ हफ्तों में कई बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने IREDA में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इससे बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं और शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

IREDA के शेयरों का हालिया प्रदर्शन

आज की बढ़त: 8.4%
मार्च में अब तक की वृद्धि: 21%
तीन हफ्तों का उच्चतम स्तर: हां
कुल बाजार पूंजीकरण: ₹9,941.07 करोड़
पिछले कारोबारी सत्र में क्लोजिंग प्राइस: ₹309.75

IREDA के शेयरों में निवेश के लिए क्या रणनीति अपनाएं?

लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि IREDA के शेयरों में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की जबरदस्त संभावना है। कंपनी की मजबूत बैकिंग, अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर बढ़ती मांग और सरकार की ओर से मिलने वाले समर्थन के कारण यह स्टॉक निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।

शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव संभव

हालांकि, पिछले कुछ दिनों में तेज़ी के कारण शॉर्ट-टर्म में कुछ वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) देखने को मिल सकती है। इसलिए जो निवेशक कम समय में मुनाफा कमाना चाहते हैं, उन्हें स्टॉक की चाल पर करीबी नजर रखनी होगी।

तकनीकी विश्लेषण के संकेत

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, IREDA का शेयर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल को पार कर चुका है और इसमें और तेजी आने की संभावना बनी हुई है। यदि यह शेयर ₹315-₹320 के स्तर को पार करता है, तो आने वाले दिनों में यह और ऊंचाइयों को छू सकता है।

IREDA के शेयरों में हाल ही में आई तेजी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, सरकारी नीतियों का समर्थन, और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के चलते यह स्टॉक निवेशकों की पसंद बना हुआ है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में इसमें अच्छा रिटर्न देने की क्षमता है। निवेश करने से पहले बाजार के ट्रेंड्स पर नजर रखना और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निर्णय लेना जरूरी है।

चार्ली मंगर की बुद्धिमानी: महान निवेशक के 5 प्रेरणादायक विचार

चार्ली मंगर (Charlie Munger) सिर्फ एक व्यवसायी नहीं थे, बल्कि वे बुद्धिमत्ता, धैर्य और दीर्घकालिक सोच के प्रतीक थे। वे वॉरेन बफेट (Warren Buffett) के सबसे करीबी सहयोगी और बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के पूर्व वाइस-चेयरमैन थे। उनकी रणनीतियों और विचारों ने बफेट की निवेश शैली को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मंगर का 28 नवंबर, 2023 को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया, लेकिन उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने दशकों पहले थे। उन्होंने जीवन, निवेश, और सफलता को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। आइए, उनके कुछ अनमोल विचारों को जानते हैं, जो आपके सोमवार की शुरुआत को प्रेरणादायक बना सकते हैं।

1. “जो लोग लगातार सीखते रहते हैं, वे ही आगे बढ़ते हैं।”

चार्ली मंगर का मानना था कि सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए। वे खुद को एक “सीखने की मशीन” कहते थे और हमेशा नई चीज़ों को समझने और अपनाने में विश्वास रखते थे।

👉 सबक:
अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो निरंतर सीखते रहें, नई किताबें पढ़ें, और अलग-अलग क्षेत्रों में ज्ञान अर्जित करें। यह आपको जीवन और व्यवसाय में बड़े निर्णय लेने में मदद करेगा।

2. “एक महान कंपनी को उचित कीमत पर खरीदना, एक औसत कंपनी को सस्ती कीमत पर खरीदने से बेहतर है।”

मंगर ने यह सिद्धांत समझाया कि गुणवत्ता सस्तेपन से अधिक महत्वपूर्ण होती है। निवेशकों को उन कंपनियों में निवेश करना चाहिए जो असल में मजबूत हैं, भले ही उनकी कीमत थोड़ी अधिक हो।

👉 सबक:
व्यापार और निवेश दोनों में, अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक सोच अपनाएं। मजबूत नींव वाली कंपनियां लंबी अवधि में अधिक रिटर्न देती हैं।

3. “अगर आप चाहते हैं कि जीवन में सफलता मिले, तो गलतियों से सीखें और उन्हें दोहराने से बचें।”

मंगर ने हमेशा गलतियों से सीखने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ अपनी ही गलतियों से नहीं, बल्कि दूसरों की गलतियों से भी सीखना चाहिए, ताकि आप वही गलती दोबारा न करें।

👉 सबक:
यदि आपने कोई गलती की है, तो उसे एक सबक की तरह लें और उसे दोहराने से बचें। यही सोच आपको धीरे-धीरे सफलता के करीब लाएगी।

4. “धैर्य रखें, क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए निर्णय अक्सर गलत होते हैं।”

मंगर का मानना था कि निवेश और जीवन में सफलता का एक बड़ा हिस्सा धैर्य और अनुशासन पर निर्भर करता है। वे कहते थे कि सबसे बड़ी गलती लोग जल्दबाजी में फैसले लेकर करते हैं।

👉 सबक:
👉 जीवन और निवेश में जल्दबाजी न करें।
👉 सही अवसर का इंतजार करें और ठोस रिसर्च के आधार पर निर्णय लें।
👉 धैर्य रखें, और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहें।

5. “बुद्धिमान बनना है, तो बेवकूफी से बचने की आदत डालें।”

चार्ली मंगर के विचारों में सादगी थी, लेकिन वे गहरी समझ देते थे। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गलतियाँ करने से बचता है, तो वह स्वाभाविक रूप से बुद्धिमान बन जाता है।

👉 सबक:
👉 सोच-समझकर निर्णय लें।
👉 जोखिमों को अच्छी तरह से परखें।
👉 भावनाओं में बहकर कोई भी बड़ा निवेश या निर्णय न लें।

चार्ली मंगर के ये विचार केवल निवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में लागू होते हैं। वे एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अनुशासन, धैर्य, और निरंतर सीखने को सफलता का मूल मंत्र बताया।

अगर आप अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो इन विचारों को अपनाएं और अपने फैसलों में समझदारी और धैर्य बनाए रखें। चार्ली मंगर की सोच ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है और उनके सिद्धांत आज भी उतने ही मूल्यवान हैं।

💡 आपको चार्ली मंगर का कौन सा विचार सबसे ज्यादा प्रेरणादायक लगा? कमेंट में बताएं!

RailTel को HPCL से 25.15 करोड़ रुपये का ऑर्डर, शेयरों में आई तेज़ी

रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd) के शेयर सोमवार को चर्चा में बने हुए हैं। इसका कारण है कंपनी को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) से मिला नया कार्य आदेश, जिसकी कुल कीमत 25.15 करोड़ रुपये है। इस खबर के बाद निवेशकों ने RailTel के शेयरों में दिलचस्पी दिखाई, जिससे कंपनी के स्टॉक्स में तेज़ी दर्ज की गई।

शेयरों में 4.17% की बढ़त, बाज़ार पूंजीकरण 9,941.07 करोड़

पिछले कारोबारी सत्र में RailTel के शेयर 4.17% की बढ़त के साथ 309.75 रुपये पर बंद हुए। इस बढ़त के साथ कंपनी का मार्केट कैप 9,941.07 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह बढ़त दर्शाती है कि निवेशकों ने कंपनी के नए कॉन्ट्रैक्ट को सकारात्मक रूप से लिया है।

RailTel को क्यों मिला HPCL का ऑर्डर?

RailTel को HPCL से यह 25.15 करोड़ रुपये का कार्य आदेश डेटा नेटवर्क और कम्युनिकेशन सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए मिला है। यह ऑर्डर सार्वजनिक क्षेत्र की इस टेलीकॉम कंपनी की सेवाओं और तकनीकी दक्षता में बढ़ती मांग को दर्शाता है।

RailTel की हालिया सफलता और आगे की संभावनाएँ

RailTel भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी है और यह डिजिटल नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विस, साइबर सिक्योरिटी और अन्य आईटी सेवाओं में सक्रिय है। कंपनी को हाल ही में विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों से कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं, जिससे इसकी वित्तीय स्थिति और बेहतर हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि HPCL का यह नया ऑर्डर RailTel की आय और ग्रोथ में इज़ाफा करेगा। निवेशक अब कंपनी की आगामी प्रगति पर नज़र बनाए हुए हैं और यदि कंपनी ऐसे ही ऑर्डर हासिल करती रही, तो इसके शेयरों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

RailTel का यह नया कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के बढ़ते प्रभाव और बाज़ार में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है और आने वाले दिनों में इसके शेयरों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामला: CBI ने आत्महत्या के लिए उकसाने और ड्रग्स से जुड़ी शिकायतों को क्यों किया बंद?

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर सीबीआई (CBI) ने आखिरकार अपना रुख साफ कर दिया है। लगभग पांच साल की लंबी जांच के बाद, एजेंसी ने दो अलग-अलग मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

सीबीआई की जांच में यह साफ हो गया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत में किसी भी तरह की साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। यह निष्कर्ष सुशांत की 14 जून 2020 को मुंबई स्थित उनके फ्लैट में फांसी लगाने से हुई मौत की गहन जांच के बाद सामने आया है।

CBI ने किन मामलों में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट?

सीबीआई ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े दो प्रमुख मामलों में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की है:

  1. आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला – यह केस सुशांत के पिता के.के. सिंह ने दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
  2. गलत दवाइयों के प्रिस्क्रिप्शन से जुड़ा मामला – यह शिकायत रिया चक्रवर्ती ने सुशांत की बहनों के खिलाफ दर्ज कराई थी, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने सुशांत को गलत तरीके से दवाइयां दिलवाई थीं।

सीबीआई ने इन दोनों ही मामलों को बंद करने का फैसला किया, क्योंकि जांच में इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले

आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला क्यों हुआ बंद?

सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने 25 जुलाई 2020 को बिहार के पटना में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार ने सुशांत को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, उन्हें ड्रग्स और दवाइयों की लत लगाई और उनका आर्थिक शोषण किया।

हालांकि, सीबीआई की पांच साल की जांच के बाद यह साफ हुआ कि रिया या किसी और के खिलाफ ऐसे कोई सबूत नहीं मिले, जो साबित कर सके कि उन्होंने सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाया था।

सीबीआई के अनुसार:

  • सुशांत के बैंक खातों की जांच में कोई संदिग्ध लेन-देन नहीं पाया गया।
  • रिया के सुशांत के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला।
  • किसी भी व्यक्ति द्वारा सुशांत को प्रताड़ित करने या आत्महत्या के लिए मजबूर करने के सबूत नहीं मिले

इस आधार पर सीबीआई ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामले को बंद करने का फैसला किया

सुशांत की बहनों पर दवा देने का आरोप क्यों खारिज हुआ?

दूसरा मामला रिया चक्रवर्ती द्वारा सुशांत की बहनों – प्रियंका और मीतू सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया था। रिया ने आरोप लगाया था कि सुशांत की बहनों ने उन्हें गलत दवाइयां लेने की सलाह दी थी, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ।

लेकिन जांच में पाया गया कि:

  • सुशांत की बहनों ने कोई गैरकानूनी दवा नहीं दी थी
  • सुशांत पहले से ही डिप्रेशन और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करा रहे थे
  • इस बात के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले कि उनकी बहनों ने उनकी मानसिक स्थिति को बिगाड़ा

इसलिए, सीबीआई ने इस मामले को भी बंद करने का निर्णय लिया

क्या यह केस अब पूरी तरह बंद हो चुका है?

सीबीआई के इस फैसले के बाद, सुशांत की मौत से जुड़े मामले लगभग खत्म हो गए हैं। लेकिन, उनके परिवार और कई फैंस अब भी इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।

सुशांत के परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला और वे सीबीआई की रिपोर्ट को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर सकते हैं। दूसरी ओर, रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार ने राहत की सांस ली है, क्योंकि लंबे समय तक इस केस में फंसने के बाद अब उन्हें कानूनी राहत मिली है।

सुशांत की मौत का पूरा मामला – एक नजर में

  • 14 जून 2020 – सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई स्थित बांद्रा अपार्टमेंट में मृत पाए गए
  • 25 जुलाई 2020 – उनके पिता ने पटना पुलिस में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया
  • सीबीआई जांच – सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
  • ड्रग्स एंगल – एनसीबी (NCB) ने जांच में ड्रग्स की लत से जुड़े पहलू की जांच शुरू की।
  • 2023-24 – सीबीआई की जांच जारी रही, लेकिन किसी भी अपराध की पुष्टि नहीं हुई।
  • मार्च 2025सीबीआई ने दोनों मामलों को बंद करने का फैसला लिया

फैंस की प्रतिक्रिया: सुशांत को इंसाफ मिला या नहीं?

सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने पूरे देश को हिला दिया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मामले को लेकर लगातार #JusticeForSSR जैसे ट्रेंड्स चलाए।

लेकिन सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बाद, फैंस बंटे हुए हैं। कुछ लोगों को लगता है कि सच सामने आ चुका है, जबकि कुछ मानते हैं कि अभी भी पूरी सच्चाई सामने नहीं आई

  • सुशांत के कई फैंस और परिवार के लोग इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसे अदालत में चुनौती देने की मांग कर रहे हैं।
  • रिया चक्रवर्ती और उनके समर्थकों के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि लंबे समय तक उन्हें मीडिया ट्रायल और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
  • कुछ लोगों का मानना है कि यह केस पूरी तरह से राजनीतिक और मीडिया द्वारा तूल दिया गया था

अंतिम विचार

सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला अब लगभग खत्म हो चुका है। सीबीआई की जांच में किसी भी हत्या, साजिश, या आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रमाण नहीं मिला

हालांकि, यह मामला हमेशा एक रहस्य बना रहेगा कि एक सफल अभिनेता और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत ने अचानक यह कठोर कदम क्यों उठाया।

भले ही कानूनन यह केस बंद हो गया हो, लेकिन सुशांत सिंह राजपूत के फैंस हमेशा उनकी यादों को संजोए रखेंगे और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद करते रहेंगे

“मुझे अपना Zerodha अकाउंट बंद करना पड़ा”: बेंगलुरु के टेक प्रोफेशनल के ईमेल पर नितिन कामथ का त्वरित जवाब

बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल को एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उन्हें अपने Zerodha अकाउंट को बंद करने के लिए मजबूर किया गया। वजह थी उनकी पत्नी का एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक में जॉब जॉइन करना।

सचिन झा, जो एक प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं, को कंपनी के स्ट्रिक्ट Compliance Orders के कारण अपने ट्रेडिंग अकाउंट को बंद करने की सूचना मिली। लेकिन झा ने इसे लेकर चुप रहने के बजाय Zerodha के CEO नितिन कामथ को एक ईमेल भेज दिया।

सबसे चौंकाने वाली बात? सिर्फ 10 मिनट के अंदर नितिन कामथ ने जवाब दे दिया।

Zerodha क्यों बना ‘अनट्रस्टेड ब्रोकर’?

जब झा की पत्नी ने एक इन्वेस्टमेंट बैंक में जॉइन किया, तो बैंक के नियमों के तहत Zerodha को एक ‘अनट्रस्टेड’ प्लेटफॉर्म माना गया।

➡️ मुख्य कारण था कि Zerodha के पास पारंपरिक बैंकों की तरह कोई फिजिकल बैंक टैग नहीं था।
➡️ इन्वेस्टमेंट बैंक ने Compliance पॉलिसी का हवाला देते हुए आदेश दिया कि उनके कर्मचारियों के परिवारजन Zerodha में ट्रेडिंग नहीं कर सकते।

झा के लिए यह फैसला हैरान करने वाला था क्योंकि Zerodha भारत के सबसे बड़े ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म में से एक है, और लाखों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।

CEO नितिन कामथ का त्वरित जवाब

जब सचिन झा ने यह मेल किया, तो उन्हें ज्यादा उम्मीद नहीं थी कि उन्हें कोई प्रतिक्रिया मिलेगी। लेकिन 10 मिनट में ही Zerodha के फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने व्यक्तिगत रूप से जवाब दिया।

💬 कामथ ने बेहद प्रोफेशनल अंदाज में लिखा कि वह इस स्थिति को समझते हैं, और कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ पारंपरिक संस्थान Zerodha को अभी भी अनदेखा कर रहे हैं, जबकि हम पूरी तरह से रेगुलेटेड और ट्रस्टेड हैं। हम इसे बदलने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।” – नितिन कामथ

क्या Zerodha वाकई भरोसेमंद नहीं है?

सच्चाई यह है कि Zerodha भारत में सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन डिस्काउंट ब्रोकर्स में से एक है। लेकिन पारंपरिक इन्वेस्टमेंट बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अभी भी इसे पारंपरिक ब्रोकर जैसे ICICI Direct, HDFC Securities और Kotak Securities के मुकाबले कम प्राथमिकता देते हैं।

✔️ SEBI द्वारा पंजीकृत
✔️ 1 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
✔️ ट्रांसपेरेंट और किफायती प्लेटफॉर्म
लेकिन फिजिकल बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण पारंपरिक बैंकों की Compliance लिस्ट में शामिल नहीं

क्या आप भी Zerodha यूजर हैं? ये ध्यान रखें!

अगर आप किसी बड़े कॉरपोरेट सेक्टर या इन्वेस्टमेंट बैंक से जुड़े हैं, तो यह जरूरी है कि आप अपनी कंपनी की Compliance पॉलिसी को अच्छे से समझ लें।

Zerodha इस्तेमाल करने से पहले चेक करें कि क्या आपकी कंपनी इसे अलाउ करती है।
अगर Compliance Issue हो, तो पारंपरिक ब्रोकर के साथ ट्रेडिंग करने पर विचार करें।
अगर Zerodha छोड़ना पड़े, तो CEO को मेल करना कोई बुरा आइडिया नहीं है! 

झा की कहानी उन लाखों भारतीय इन्वेस्टर्स के लिए एक सीख है जो डिजिटल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। नितिन कामथ के त्वरित और सीधे जवाब से यह साफ हो जाता है कि Zerodha अपने ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से लेता है।

👉 तो अगली बार जब आपको अपने इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म को लेकर कोई दुविधा हो, तो एक मेल जरूर ट्राई करें – शायद आपको भी 10 मिनट में जवाब मिल जाए!

WhatsApp का नया फीचर: अब Android यूजर्स चैट और ग्रुप में Motion Photos शेयर कर सकेंगे

WhatsApp लगातार नए फीचर्स लाकर अपने यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने की कोशिश कर रहा है। अब WhatsApp Android यूजर्स के लिए एक नया फीचर पेश करने की तैयारी में है, जिससे यूजर्स Motion Photos (मूविंग इमेज) को डायरेक्ट चैट, ग्रुप और चैनल्स में शेयर कर सकेंगे। यह फीचर कुछ स्मार्टफोन्स में पहले से मौजूद है, जहां फोटो और वीडियो का बेहतरीन संयोजन किया जाता है, जिससे तस्वीरें लाइव और एनिमेटेड लगती हैं। अब WhatsApp भी इस फीचर को अपने प्लेटफॉर्म में जोड़ने जा रहा है।

WhatsApp Motion Photos फीचर क्या है?

Motion Photos एक ऐसी तकनीक है, जो तस्वीरों को हल्की-फुल्की एनिमेशन के साथ दिखाती है, जिससे वे ज़्यादा जीवंत लगती हैं। यह फीचर कुछ हाई-एंड स्मार्टफोन्स में पहले से उपलब्ध है, लेकिन अब WhatsApp इसे अपने ऐप में शामिल करने की योजना बना रहा है।

इसका मतलब यह है कि जब कोई यूजर WhatsApp पर Motion Photos शेयर करेगा, तो रिसीव करने वाले यूजर्स को एक एनिमेटेड इफेक्ट के साथ फोटो दिखाई देगी, ठीक उसी तरह जैसे गूगल फोटोज़ या आईफोन के लाइव फोटोज़ में होता है।

WhatsApp Beta में टेस्टिंग शुरू

इस नए फीचर को WhatsApp Beta for Android 2.25.8.12 अपडेट में पहली बार देखा गया है। यह फीचर फिलहाल कुछ चुनिंदा बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है और Play Store पर WhatsApp Beta अपडेट के ज़रिए इसे रोलआउट किया जा रहा है।

अगर यह बीटा टेस्ट सफल रहता है, तो कंपनी जल्द ही इसे सभी Android यूजर्स के लिए जारी कर सकती है।

WhatsApp Motion Photos फीचर के फायदे

1️⃣ फोटो और वीडियो का अनोखा मिश्रण: यह फीचर साधारण तस्वीरों की तुलना में ज़्यादा आकर्षक लगेगा क्योंकि इसमें हल्की-फुल्की मूवमेंट देखने को मिलेगी।

2️⃣ बेहतर यूजर एक्सपीरियंस: WhatsApp पर तस्वीरें भेजने का तरीका और भी दिलचस्प हो जाएगा। खासकर तब, जब आप खास पलों को ज़्यादा प्रभावशाली तरीके से साझा करना चाहेंगे।

3️⃣ स्मार्टफोन कैमरा फीचर्स का पूरा उपयोग: बहुत से स्मार्टफोन्स पहले से Motion Photos फीचर को सपोर्ट करते हैं, लेकिन WhatsApp इस डेटा को आम GIF या वीडियो में कन्वर्ट किए बिना ही शेयर करने का ऑप्शन देगा।

4️⃣ प्रोफेशनल और क्रिएटिव यूजर्स के लिए फायदेमंद: जो लोग सोशल मीडिया पर कंटेंट शेयर करते हैं या मार्केटिंग से जुड़े हुए हैं, उनके लिए यह फीचर एक बेहतरीन टूल बन सकता है।

Motion Photos कैसे भेज सकेंगे?

इस फीचर की टेस्टिंग अभी चल रही है, लेकिन संभावना है कि WhatsApp इसे कुछ आसान स्टेप्स में उपलब्ध कराएगा:

1️⃣ WhatsApp चैट, ग्रुप या चैनल खोलें।
2️⃣ गैलरी से Motion Photo सेलेक्ट करें।
3️⃣ शेयर करने से पहले आपको एक नया Motion Enable/Disable बटन दिखाई देगा।
4️⃣ इस ऑप्शन को “Enable” करें और फिर भेजें।
5️⃣ रिसीवर को फोटो हल्की मूवमेंट के साथ दिखाई देगी।

WhatsApp Motion Photos फीचर कब लॉन्च होगा?

फिलहाल यह फीचर बीटा टेस्टिंग में है और कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है। अगर टेस्टिंग सफल रहती है, तो आने वाले कुछ महीनों में यह सभी Android यूजर्स के लिए रोलआउट हो सकता है।

WhatsApp का यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए बेहद खास होगा, जो अपनी यादगार तस्वीरों को ज़्यादा इंटरेक्टिव और एनिमेटेड बनाना चाहते हैं। फिलहाल यह केवल Android Beta यूजर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही यह सभी यूजर्स तक पहुंचेगा।

क्या आप इस नए फीचर को लेकर उत्साहित हैं? हमें कमेंट में बताएं कि Motion Photos फीचर से आपका WhatsApp एक्सपीरियंस कैसे बदलेगा!

iQOO Z10 5G: 7,300mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ ₹30,000 से कम कीमत में लॉन्च

iQOO भारत में अपना नया बजट 5G स्मार्टफोन iQOO Z10 लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फोन अपने पूर्ववर्ती iQOO Z9 5G की तुलना में कई अपग्रेड के साथ आएगा। बेहतरीन बैटरी बैकअप, दमदार परफॉर्मेंस और शानदार कैमरा फीचर्स के साथ यह स्मार्टफोन मिड-रेंज सेगमेंट में एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है। आइए इसके स्पेसिफिकेशंस, फीचर्स और कीमत के बारे में विस्तार से जानते हैं।

iQOO Z10 5G के मुख्य स्पेसिफिकेशन

🔹 डिस्प्ले:
iQOO Z10 5G में 6.67-इंच का क्वाड-कर्व AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जिसका रेजोल्यूशन 2400×1080 पिक्सल होगा। 120Hz रिफ्रेश रेट और 2000 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ, यह डिस्प्ले धूप में भी शानदार विजिबिलिटी प्रदान करेगा।

🔹 प्रोसेसर और परफॉर्मेंस:
फोन में Qualcomm Snapdragon 7s Gen 3 चिपसेट दिया गया है, जो इसे बेहतरीन स्पीड और परफॉर्मेंस देगा। यह स्मार्टफोन 8GB और 12GB RAM विकल्पों में आएगा, साथ ही 128GB और 256GB स्टोरेज ऑप्शंस भी मिलेंगे।

🔹 कैमरा सिस्टम:
📷 50MP का Sony IMX882 प्राइमरी कैमरा OIS (Optical Image Stabilization) के साथ शानदार और स्टेबल फोटोज कैप्चर करेगा। इसके साथ एक 2MP सेकेंडरी कैमरा भी होगा।
📸 32MP का फ्रंट कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए मिलेगा, जो शानदार क्लैरिटी देगा।

🔹 बैटरी और चार्जिंग:
7,300mAh की विशाल बैटरी के साथ यह दुनिया का पहला स्मार्टफोन होगा जो इतनी बड़ी बैटरी के साथ आएगा। 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से यह फोन मिनटों में चार्ज हो जाएगा।

🔹 अन्य फीचर्स:
✅ इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर
✅ लेटेस्ट Funtouch OS 15
IR ब्लास्टर जो स्मार्ट डिवाइसेज़ को कंट्रोल करने में मदद करेगा

iQOO Z10 5G की कीमत और उपलब्धता

iQOO Z10 5G का भारत में लॉन्च अप्रैल के पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है।
💰 यह फोन ₹20,000 से ₹30,000 के बीच की कीमत में लॉन्च किया जाएगा।
📦 यह 128GB और 256GB स्टोरेज ऑप्शंस और दो कलर वेरिएंट्स में उपलब्ध होगा।

अगर आप पावरफुल प्रोसेसर, शानदार कैमरा और जबरदस्त बैटरी बैकअप वाला एक 5G स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं, तो iQOO Z10 5G आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह स्मार्टफोन टेक लवर्स और बजट-फ्रेंडली यूज़र्स के लिए एक शानदार डील साबित हो सकता है। 📱🔥

आधिकारिक लॉन्च और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें! 🚀