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‘Severance’ सीज़न 2 का फिनाले: मार्क बनाम मार्क

सीज़न का समापन एक अजीब लेकिन भावनात्मक एपिसोड के साथ हुआ, जिसमें ल्यूमन (Lumon) कंपनी के कर्मचारियों के अंदरूनी और बाहरी व्यक्तित्व आपस में टकराते नज़र आए।

प्रसिद्ध लेखक डैन एरिक्सन और निर्माता बेन स्टिलर द्वारा बनाई गई “Severance” हाल ही में एक और सीज़न के लिए नवीनीकृत की गई है। यह शो ल्यूमन नामक एक रहस्यमयी कंपनी के इर्द-गिर्द घूमता है, जो अपने कर्मचारियों को उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी को अलग करने की सुविधा देती है—इसके लिए उनके दिमाग में एक चिप डाली जाती है। जो लोग काम पर होते हैं, उन्हें पता नहीं होता कि वे बाहर की दुनिया में क्या करते हैं और बाहर के लोगों को यह नहीं पता होता कि वे काम के दौरान कौन होते हैं

सीज़न 1 का अंत और सीज़न 2 की शुरुआत

सीज़न 1 के अंत में, मार्क (एडम स्कॉट) के अंदरूनी व्यक्तित्व ने अपने सहकर्मियों डायलन (ज़ैक चेरी), हेले (ब्रिट लोवर) और इरविंग (जॉन टरटुरो) को एक छोटी बगावत में शामिल कर लिया था। उन्होंने “ओवरटाइम कंटिन्जेंसी” को सक्रिय किया, जिससे उन्हें थोड़े समय के लिए अपनी बाहरी ज़िंदगी को जीने का मौका मिला। इसी दौरान मार्क को पता चला कि उसकी बाहरी ज़िंदगी की पत्नी जैमा (डिचेन लैकमैन), जिसे मृत समझा जा रहा था, ल्यूमन में “इननी” के रूप में ज़िंदा थी।

सीज़न 2 में मुख्य रूप से बाहरी मार्क की कोशिशें दिखाई गईं, जिसमें वह अपने अंदरूनी मार्क के साथ अपने दिमाग को पुनः जोड़ने (reintegration) की कोशिश कर रहा था। उसका मुख्य उद्देश्य जैमा को ल्यूमन से बचाना था।

सीज़न 2 का समापन: मार्क बनाम मार्क

फिनाले एपिसोड में, अंदरूनी और बाहरी मार्क आमने-सामने आ जाते हैं। सवाल यह उठता है कि किसकी ज़रूरतें ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं? अगर जैमा ल्यूमन से बच निकलती है, तो क्या बाहरी मार्क अपनी नौकरी छोड़ देगा? और अगर वह नौकरी छोड़ता है, तो क्या उसका अंदरूनी मार्क हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा?

समय के साथ बदलती थीम

“Severance” का पहला सीज़न महामारी के तुरंत बाद आया था, जब लोग यह सोचने लगे थे कि क्या वे अपनी ज़िंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा ऑफिस में बिता रहे हैं? शो के बढ़ते प्लॉट ने आधुनिक दुनिया में “वर्क-लाइफ बैलेंस” की बिगड़ती स्थिति को उजागर किया। “राइज़ एंड ग्राइंड” कल्चर यानी लगातार काम करने की मानसिकता का प्रभाव अब इतनी गहराई से फैला हुआ है कि रिश्ते, शौक, और यहां तक कि अच्छी नींद भी संदिग्ध लगने लगी है। सीज़न 2 का समापन इन्हीं सवालों को और गहराई से छूता है।

हेले का बड़ा खुलासा और PR संकट

सीज़न 1 के अंत में, हेले को पता चला कि उसकी बाहरी पहचान असल में हेलेना ईगन है—जो ल्यूमन के CEO, जेम ईगन की बेटी और कंपनी के संस्थापक, कियर ईगन की वंशज है।

सीज़न 2 की शुरुआत में, हेले का ल्यूमन के खिलाफ दिया गया सार्वजनिक भाषण, जिसमें उसने सेवेरेंस प्रोग्राम की अमानवीयता की निंदा की थी, अब भी कंपनी के लिए एक बड़ा PR संकट बना हुआ है। इससे निपटने के लिए ल्यूमन ने “इननीज़” की मानसिक सेहत को प्राथमिकता देने का दिखावा शुरू कर दिया।

इस बदलाव के तहत, डायलन के इननी को उसकी बाहरी पत्नी (मेरिट वीवर) से मिलने की इजाज़त दी गई। दिलचस्प बात यह थी कि उसकी पत्नी डायलन के “वर्क वर्ज़न” से ज्यादा प्रभावित हुई, क्योंकि वह ज़्यादा आत्मविश्वासी और भावनात्मक था।

फिनाले की रोमांचक घटनाएं

फिनाले में, बाहरी डायलन ने अपने अंदरूनी वर्ज़न को एक पत्र भेजा, जिसमें उसने उसकी पत्नी को जीतने की क्षमता की सराहना की। इस पत्र से उत्साहित होकर, डायलन और हेले ने मिलकर अपने फ्लोर मैनेजर सेठ मिल्चिक (ट्रेमेल टिलमैन) और एक मार्चिंग बैंड को रोके रखा, ताकि मार्क जैमा को ढूंढ सके।

“Severance” का सीज़न 2 एक दिमागी खेल, भावनात्मक उथल-पुथल और आधुनिक वर्क कल्चर की जटिलताओं से भरा रहा। सीज़न का समापन इन गहरे सवालों को सामने रखता है:

  • क्या हमारा काम हमारी असली पहचान को बदल सकता है?
  • क्या हम वास्तव में “अपने ही जीवन में दो अलग-अलग इंसान” हो सकते हैं?
  • और अगर हां, तो किसकी पहचान ज़्यादा महत्वपूर्ण है—इननी की या आउट्टी की?

अब, सभी की नज़रें सीज़न 3 पर टिकी हैं, जहां इन सवालों के जवाब और भी रोमांचक तरीके से सामने आ सकते हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1% की बढ़त, सहायक कंपनी ने नयुआन ट्रेडिंग्स में 100% हिस्सेदारी खरीदी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में शुक्रवार, 21 मार्च को शुरुआती कारोबार में 1.25% की बढ़त देखी गई, जिससे बीएसई पर इसकी दिन की उच्चतम कीमत ₹1,284.50 तक पहुंच गई। यह उछाल तब आया जब कंपनी ने घोषणा की कि उसकी सहायक कंपनी रिलायंस स्ट्रैटेजिक बिज़नेस वेंचर्स लिमिटेड (RSBVL) ने नयुआन ट्रेडिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (NTPL) में 100% हिस्सेदारी मात्र ₹1 लाख में खरीद ली है।

डील का विवरण

रिलायंस ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया, “RSBVL, जो कि कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, ने आज ₹1,00,000 की कुल लागत पर Welspun Tradings Limited (जो कि Welspun Corp Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है) से NTPL की 100% इक्विटी हिस्सेदारी खरीद ली है।”

गौरतलब है कि NTPL हाल ही में स्थापित हुई थी और अब तक अपने संचालन शुरू नहीं किए हैं। हालांकि, इस अधिग्रहण का असली उद्देश्य नयुआन शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (NSPL) में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करना है।

NSPL में 74% हिस्सेदारी खरीदेगी NTPL

NTPL, जो अब RSBVL के स्वामित्व में आ गई है, ने Welspun Corp Limited (WCL) के साथ एक शेयर खरीद समझौता (SPA) किया है, जिसके तहत वह NSPL में 74% इक्विटी हिस्सेदारी ₹382.73 करोड़ में खरीदेगी।

  • यह सौदा कुछ समायोजनों के अधीन रहेगा, जिसमें नेट करंट एसेट्स और WCL से जुड़े खर्च शामिल होंगे।
  • इस अधिग्रहण से NSPL की कुल इक्विटी वैल्यू ₹517.21 करोड़ आंकी गई है, जबकि इसकी एंटरप्राइज़ वैल्यू ₹643.78 करोड़ होगी।
  • साथ ही, NSPL को WCL के प्रति ₹93.66 करोड़ की देनदारी का भी निपटान करना होगा।

NSPL: रिलायंस की रणनीतिक योजना का हिस्सा

NSPL की स्थापना जुलाई 2021 में हुई थी, और यह गुजरात के दहेज में लगभग 138 एकड़ पट्टे पर ली गई भूमि के अधिकार रखती है। यह क्षेत्र रिलायंस के दहेज मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के पास स्थित है, जो इसे एक महत्वपूर्ण रणनीतिक लोकेशन बनाता है।

रिलायंस इस भूमि को महत्वपूर्ण औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपयोग करने की योजना बना रहा है। इसके अंतर्गत शामिल होंगे:
नमक भंडारण और प्रबंधन
ब्राइन (खारा पानी) की तैयारी
इंजीनियरिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण
हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण

हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की ओर कदम

यह अधिग्रहण रिलायंस की ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) और आत्मनिर्भर औद्योगिक विकास की रणनीति के तहत किया गया है। कंपनी हाइड्रोजन उत्पादन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की ओर तेजी से बढ़ रही है, और यह सौदा इस दृष्टिकोण को मजबूत करेगा।

रिलायंस का यह अधिग्रहण सिर्फ NTPL तक सीमित नहीं है, बल्कि NSPL के माध्यम से बड़े स्तर पर औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास की योजना का हिस्सा है। निवेशकों ने इस कदम को सकारात्मक रूप से लिया है, जिसके चलते RIL के शेयरों में 1.25% की बढ़त दर्ज की गई है।

Google ने Apple को दी टक्कर, लॉन्च किया ‘सस्ता’ Pixel 9a, iPhone 16e से कम कीमत में उपलब्ध

Google ने अपने नए स्मार्टफोन Pixel 9a को पहले से ही लॉन्च कर दिया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि Apple के iPhone 16e से मुकाबले के लिए कंपनी पूरी तरह से तैयार है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी की दौड़ में बढ़त हासिल करने के लिए गूगल ने यह किफायती डिवाइस पेश किया है, जो Apple के एंट्री-लेवल iPhone 16e से 100 डॉलर (लगभग ₹10,000) सस्ता है।

Pixel 9a vs iPhone 16e: कीमत में बड़ा अंतर

गूगल ने अपने Pixel 9a को $499 (₹49,999) की कीमत पर लॉन्च किया है, जो कि Apple के iPhone 16e की कीमत $599 (₹59,900) से $100 कम है। Apple ने iPhone SE की जगह iPhone 16e को लॉन्च किया है, लेकिन यह उम्मीद से अधिक महंगा साबित हो रहा है।

Pixel 9a की यह कीमत इसे फ्लैगशिप और मिड-रेंज स्मार्टफोन के बीच में लाकर खड़ा करती है। भारतीय बाजार के लिए यह अब भी सेमी-प्रीमियम सेगमेंट में आता है, जहां औसत आय अपेक्षाकृत कम है। हालांकि, भारत में हाई-एंड स्मार्टफोन्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसमें बैंक ऑफर्स और ईएमआई योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Pixel 9a में क्या है खास?

गूगल ने इस फोन को न सिर्फ Apple से सस्ता रखा है, बल्कि इसमें कई AI फीचर्स भी जोड़े हैं, जो इसे अन्य स्मार्टफोन्स से अलग बनाते हैं। Pixel 9a में Google का Tensor प्रोसेसर दिया गया है, जो बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ AI आधारित सुविधाएं प्रदान करता है।

फोन के अन्य प्रमुख फीचर्स:
6.1 इंच का OLED डिस्प्ले
50MP का प्राइमरी कैमरा और 12MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा
8GB रैम और 128GB स्टोरेज
Android 15 अपडेट के साथ 5 साल तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट
AI बेस्ड फोटो एडिटिंग और वॉयस असिस्टेंस फीचर्स

Apple के iPhone 16e की चुनौतियां

Apple ने iPhone SE की जगह iPhone 16e को पेश किया है, लेकिन इसकी कीमत कई उपयोगकर्ताओं के लिए बाधा बन सकती है। iPhone 16e की कीमत ₹59,900 होने के कारण यह Pixel 9a से ₹10,000 महंगा है, जिससे भारतीय ग्राहकों के लिए यह कम आकर्षक हो सकता है।

हालांकि, iPhone 16e में Apple का A16 बायोनिक चिप और iOS 18 का सपोर्ट है, लेकिन इसका मुकाबला Pixel 9a के AI फीचर्स से करना आसान नहीं होगा।

भारतीय बाजार में Pixel 9a की संभावना

भारत में गूगल के Pixel स्मार्टफोन की पकड़ इतनी मजबूत नहीं रही है, लेकिन Pixel 9a की आक्रामक कीमत और AI फीचर्स इसे भारतीय ग्राहकों के लिए अधिक आकर्षक बना सकते हैं।

बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी और 5G टेक्नोलॉजी की उपलब्धता के कारण भारतीय ग्राहक अब प्रीमियम स्मार्टफोन्स की ओर बढ़ रहे हैं।
बैंक ऑफर्स और ईएमआई स्कीम्स के चलते महंगे स्मार्टफोन्स को खरीदना आसान हो गया है।
Google का कैमरा और सॉफ़्टवेयर एक्सपीरियंस हमेशा से भारतीय उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय रहा है।

Google ने Pixel 9a को iPhone 16e से सस्ता और बेहतर फीचर्स के साथ पेश करके Apple को सीधी टक्कर दी है। भारतीय बाजार में जहां कीमत एक महत्वपूर्ण कारक होती है, वहां गूगल के इस कदम से उसे फायदा मिल सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि Pixel 9a बनाम iPhone 16e की यह जंग भारतीय ग्राहकों को किस ओर ले जाती है।

चित्रा त्रिपाठी ने 16 साल के रिश्ते के बाद पति से अलग होने की घोषणा

प्रसिद्ध समाचार एंकर चित्रा त्रिपाठी ने अपने पति अतुल अग्रवाल से अलग होने की घोषणा कर दी है। उन्होंने यह खबर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (ट्विटर) के जरिए साझा की, जिसमें उन्होंने 16 साल की शादी को खत्म करने का फैसला किया।

उनकी यह पोस्ट बेहद भावुक थी, जिसमें उन्होंने अपने रिश्ते को लेकर गहराई से लिखा और अपने फॉलोअर्स से सम्मान और समर्थन की अपील की।

चित्रा त्रिपाठी की पोस्ट में क्या लिखा था?

चित्रा त्रिपाठी ने अपने पोस्ट में लिखा:
“हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन जब चीजें संभलने की बजाय बिगड़ने लगें, तो अलग रास्ते अपनाना ही बेहतर होता है। 16 साल के लंबे रिश्ते के बाद, मैंने और अतुल ने अलग होने का फैसला लिया है। यह एक कठिन निर्णय था, लेकिन अब यही सही लग रहा है।”

उन्होंने आगे लिखा:
“इस सफर में हमें जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए मैं आभारी हूं। कृपया हमारी निजता का सम्मान करें और हमें इस समय में थोड़ी शांति दें।”

शादी और निजी जीवन

चित्रा त्रिपाठी और अतुल अग्रवाल की शादी 2008 में हुई थी। दोनों ही पत्रकारिता जगत के जाने-माने नाम हैं और कई वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।

चित्रा ने आज तक, एबीपी न्यूज़ और इंडिया न्यूज़ जैसे बड़े मीडिया हाउस के साथ काम किया है, जबकि उनके पति अतुल अग्रवाल भी पत्रकारिता के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम हैं।

क्यों आई दूरियां?

हालांकि, दोनों ने अपने अलगाव की सटीक वजहों का खुलासा नहीं किया, लेकिन पिछले कुछ समय से इनके रिश्ते में तनाव की खबरें आती रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पेशेवर और निजी जीवन की चुनौतियां इस फैसले के पीछे का कारण हो सकती हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

उनकी इस घोषणा के बाद, सोशल मीडिया पर उनके फैंस और साथी पत्रकारों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने इस फैसले का सम्मान करते हुए समर्थन किया, तो कुछ ने हैरानी और दुख जताया।

एक यूजर ने लिखा:
“आपने हमेशा हमें अपनी पत्रकारिता से प्रेरित किया है। यह फैसला आसान नहीं होगा, लेकिन हम आपके साथ हैं।”

एक अन्य यूजर ने लिखा:
“पर्सनल लाइफ में क्या चल रहा है, यह सिर्फ आप ही जानते हैं। उम्मीद है कि भविष्य में आपके लिए सब कुछ बेहतर होगा।”

अब देखना होगा कि चित्रा त्रिपाठी और अतुल अग्रवाल अपने करियर पर किस तरह ध्यान केंद्रित करेंगे और इस नए बदलाव को कैसे स्वीकार करेंगे।

हालांकि, चित्रा की इस घोषणा से उनके फैंस को झटका जरूर लगा है, लेकिन हर किसी को उनकी निजता का सम्मान करना चाहिए और उन्हें इस फैसले के लिए समर्थन देना चाहिए।

अडानी की कच्छ कॉपर ने मेटल और केबल निर्माण के लिए बनाया संयुक्त उपक्रम

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd.) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कच्छ कॉपर लिमिटेड (Kutch Copper Limited – KCL) ने प्रणीता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (Praneetha Ventures Private Limited) के साथ एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture – JV) स्थापित किया है। इस नई कंपनी का नाम प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड (Praneetha Ecocables Limited – PEL) रखा गया है।

संयुक्त उद्यम की स्थापना और पूंजी संरचना

यह संयुक्त उद्यम 19 मार्च 2025 को औपचारिक रूप से गठित किया गया, जिसमें कच्छ कॉपर लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की 50% हिस्सेदारी होगी। प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड मुख्य रूप से मेटल प्रोडक्ट्स, वायर और केबल के निर्माण, विपणन और वितरण में कार्य करेगा।

संयुक्त उद्यम की अधिकृत और चुकता पूंजी ₹10 लाख रखी गई है, जिसे ₹10 प्रति शेयर की दर से 1,00,000 इक्विटी शेयरों में विभाजित किया गया है। कच्छ कॉपर लिमिटेड ने इस नई कंपनी को अहमदाबाद के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (Registrar of Companies – ROC) में पंजीकृत कराया है।

अडानी एंटरप्राइजेज के वित्तीय प्रदर्शन पर प्रभाव

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की दिसंबर तिमाही (Q3 FY25) की वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की राजस्व आय में 8.8% की गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर 2023 में यह ₹25,050 करोड़ थी, जो दिसंबर 2024 में घटकर ₹22,848 करोड़ रह गई।

  • EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) में 4.8% की गिरावट आई और यह ₹3,069.4 करोड़ रहा।
  • EBITDA मार्जिन 12.9% से बढ़कर 13.4% हो गया, जो संचालन में कुछ सुधार को दर्शाता है।
  • वित्तीय लागत (Finance Cost) ₹596.6 करोड़ से बढ़कर ₹2,141.3 करोड़ हो गई, जिससे वित्तीय दबाव स्पष्ट होता है।
  • मूल्यह्रास लागत (Depreciation Cost) ₹760 करोड़ से बढ़कर ₹1,005.6 करोड़ हो गई, जो अधिक परिसंपत्तियों से जुड़े खर्चों का परिणाम है।

फॉरेक्स और कर व्यय में वृद्धि

  • कंपनी ने इस तिमाही में ₹296 करोड़ का फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) नुकसान दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹101 करोड़ का फॉरेक्स लाभ हुआ था। यह मुद्रा लेनदेन में अस्थिरता को दर्शाता है।
  • कर व्यय (Tax Expenses) ₹443 करोड़ से बढ़कर ₹588 करोड़ हो गया, जो वित्तीय दबाव को और बढ़ा सकता है।

अडानी एंटरप्राइजेज की रणनीतिक योजना

प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड की स्थापना कच्छ कॉपर लिमिटेड की मेटल और केबल सेक्टर में उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। अडानी एंटरप्राइजेज इस नए कदम के माध्यम से अपने विविधीकरण (Diversification) और विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

हालांकि, कंपनी को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी यह नई परियोजनाओं और संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से अपनी बाजार स्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 1,000 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,200 के पार – जानिए 4 प्रमुख कारण

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स (Sensex) लगभग 1,000 अंक और निफ्टी (Nifty) 23,200 के पार पहुंच गया, जिससे निवेशकों में उत्साह है। इस उछाल के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें बैंकिंग और आईटी शेयरों में तेजी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति, वैश्विक बाजारों का समर्थन और घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी शामिल हैं।

शेयर बाजार में बड़ी बढ़त

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 992 अंक या 1.32% की बढ़त के साथ 76,441 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 (Nifty 50) 306 अंक या 1.33% की मजबूती के साथ 23,213 के स्तर पर कारोबार कर रहा था

यह लगातार चौथा सत्र था जब बाजार में मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों को काफी फायदा हुआ।

बाजार में उछाल के 4 प्रमुख कारण

1. बैंकिंग और आईटी शेयरों में तेजी

बैंकिंग और आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, और इन्फोसिस जैसी कंपनियों के शेयरों में उछाल से बाजार को मजबूती मिली। आईटी सेक्टर में मजबूती का कारण अमेरिकी बाजारों में स्थिरता और डॉलर इंडेक्स में गिरावट बताई जा रही है।

2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (U.S. Federal Reserve) ने 2024 में ब्याज दरों में कटौती की अपनी योजना को बरकरार रखा, जिससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। इससे ग्लोबल बाजारों में सकारात्मकता आई, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।

3. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत

अमेरिका और यूरोप के शेयर बाजारों में आई मजबूती से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला। एशियाई बाजारों में भी खरीदारी देखी गई, जिससे भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

4. घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी

घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) और खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार में तेजी का एक और प्रमुख कारण रही। भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत फंडामेंटल्स और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों को उत्साहित किया।

आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा?

विश्लेषकों के अनुसार, अगर बैंकिंग और आईटी सेक्टर में तेजी बनी रहती है और वैश्विक बाजारों से समर्थन मिलता है, तो निफ्टी 23,500 और सेंसेक्स 77,000 के स्तर को छू सकता है। हालांकि, निवेशकों को सतर्कता बरतने की भी सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा संभव होता है।

(Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।)

9 महीने तक फंसे रहे अंतरिक्ष यात्रियों को कितना वेतन मिला? जानिए पूरी जानकारी

नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता “सुनी” विलियम्स और बुच विलमोर हाल ही में पृथ्वी पर लौटे, लेकिन उनकी अंतरिक्ष यात्रा अपेक्षा से कहीं अधिक लंबी हो गई। मूल रूप से कुछ महीनों के लिए योजना बनाई गई यह यात्रा 278 दिन अतिरिक्त खिंच गई। यह देरी बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिससे उनकी वापसी बार-बार टलती रही। इस वजह से लोग जानना चाहते हैं कि इस अतिरिक्त समय के लिए इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को कितना वेतन मिला।

अतिरिक्त समय के लिए कोई ओवरटाइम नहीं मिला

भले ही वे अंतरिक्ष में लगभग 9 महीने तक फंसे रहे, लेकिन उन्हें ओवरटाइम या अतिरिक्त वेतन नहीं दिया गया। नासा ने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष यात्री सरकारी कर्मचारियों की तरह काम करते हैं और उनके वेतन में कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं जोड़ा जाता।

“जब नासा के अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर होते हैं, तो उन्हें नियमित 40 घंटे के कार्य-सप्ताह के आधार पर वेतन मिलता है। उन्हें ओवरटाइम या वीकेंड/हॉलिडे पे नहीं दिया जाता,” नासा ने People Magazine को 19 मार्च को बताया।

नासा के अंतरिक्ष यात्रियों का वेतन कितना होता है?

नासा ने सुनीता (59) और बुच (62) के सटीक वेतन का खुलासा नहीं किया, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के वेतनमान (GS-11 से GS-14) के तहत उनकी सैलरी $84,365 से $152,258 (लगभग 70 लाख से 1.27 करोड़ रुपये सालाना) के बीच हो सकती है।

अन्य भत्ते और सुविधाएँ

हालांकि उन्हें ओवरटाइम नहीं मिला, लेकिन अंतरिक्ष यात्रियों को सरकारी यात्रा भत्ते दिए जाते हैं। चूंकि वे आधिकारिक यात्रा पर होते हैं, इसलिए उनके आवास, भोजन और परिवहन का पूरा खर्च नासा द्वारा उठाया जाता है।

इसके अलावा, लंबी अवधि की यात्राओं पर सरकारी कर्मचारियों को दैनिक भत्ता (Per Diem) भी मिलता है। हालांकि, यह राशि काफी कम होती है।

पूर्व अंतरिक्ष यात्री कैडी कोलमैन, जो 2010-2011 में ISS पर थीं, ने The Washingtonian को बताया:

“हर दिन के लिए कुछ डॉलर का दैनिक भत्ता दिया जाता है। मेरे समय में यह सिर्फ $4 (लगभग 330 रुपये) प्रति दिन था।”

लंबी अवधि तक अंतरिक्ष में रहने की चुनौतियाँ

हालांकि नासा के अंतरिक्ष यात्रियों का वेतन अच्छा होता है, लेकिन इतने लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने की कठिनाइयाँ भी बहुत अधिक होती हैं। माइक्रोग्रैविटी (शून्य गुरुत्वाकर्षण) में मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं, हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है

बोइंग स्टारलाइनर यान में बार-बार खराबी के कारण विलियम्स और विलमोर को महीनों तक ISS पर रहना पड़ा। इस दौरान, उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्य महत्वपूर्ण कार्य जारी रखे।

निष्कर्ष

हालांकि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को 9 महीने अतिरिक्त अंतरिक्ष में रहना पड़ा, फिर भी उन्हें कोई ओवरटाइम नहीं मिला। उनका वेतन सरकारी वेतन संरचना के अनुसार तय किया गया था और अतिरिक्त वित्तीय लाभ केवल यात्रा भत्ते और दैनिक भत्तों तक सीमित था।

उनका समर्पण और धैर्य यह साबित करता है कि अंतरिक्ष यात्रियों को वेतन से अधिक मानसिक और शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका कार्य और भी सराहनीय बन जाता है। 🚀

BYD ने पेश किया नया फास्ट-चार्जिंग सिस्टम, पेट्रोल भरने जितना तेज होगा चार्जिंग समय

चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माता कंपनी BYD ने एक नया फास्ट-चार्जिंग सिस्टम पेश किया है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को इतनी ही तेजी से चार्ज किया जा सकेगा जितना समय पेट्रोल भरने में लगता है। इसके साथ ही कंपनी ने पहली बार चीन भर में एक चार्जिंग नेटवर्क बनाने की घोषणा की है।

सुपर ई-प्लेटफॉर्म नामक यह चार्जिंग सिस्टम 1,000 किलोवाट (kW) की अधिकतम चार्जिंग स्पीड देने में सक्षम होगा। BYD के संस्थापक वांग चुआनफू ने सोमवार को कंपनी के शेनझेन मुख्यालय से एक लाइवस्ट्रीम इवेंट में इस प्रणाली का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि यह नई तकनीक मात्र 5 मिनट की चार्जिंग में 400 किमी (249 मील) की यात्रा करने में सक्षम बनाएगी।

BYD का यह नया चार्जिंग सिस्टम, टेस्ला के सुपरचार्जर से दोगुनी गति से चार्जिंग करने में सक्षम होगा। टेस्ला के नवीनतम सुपरचार्जर 500 kW तक की चार्जिंग स्पीड प्रदान करते हैं। फास्ट-चार्जिंग तकनीक को ईवी अपनाने में एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है, और BYD की यह नई तकनीक इसे और अधिक प्रभावी बना सकती है।

टेस्ला को मिल सकती है कड़ी चुनौती

इस खबर से पहले से ही संघर्ष कर रही टेस्ला के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। टेस्ला के शेयरों में 10 मार्च को 15% की भारी गिरावट देखी गई थी। टेस्ला के मालिक एलन मस्क के विवादास्पद राजनीतिक बयानों और अमेरिकी संघीय कर्मचारियों की छंटनी से भी कंपनी को नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

दिसंबर 2024 में टेस्ला का बाज़ार मूल्य $1.5 ट्रिलियन तक पहुंच गया था, लेकिन अब इसमें लगभग 50% की गिरावट आ चुकी है। कंपनी सेल्स टारगेट पूरे करने में असफल रही है और निवेशकों का दबाव बढ़ रहा है कि टेस्ला जल्द से जल्द स्वायत्त (ऑटोनॉमस) वाहन बनाए, जिसकी मस्क वर्षों से घोषणा करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं कर पाए हैं।

सोमवार को वॉल स्ट्रीट पर टेस्ला के शेयरों में 4.8% की गिरावट आई, जिससे कंपनी को लगातार आठवें सप्ताह नुकसान उठाना पड़ा।

BYD का चार्जिंग नेटवर्क और विस्तार योजनाएँ

BYD के संस्थापक वांग चुआनफू ने कहा, “हम अपने ग्राहकों की चार्जिंग चिंता को पूरी तरह से हल करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग समय को पेट्रोल वाहनों के ईंधन भरने के समय के बराबर लाने का लक्ष्य बना रहे हैं।”

BYD की इस नई चार्जिंग तकनीक को सबसे पहले Han L सेडान और Tang L SUV में लागू किया जाएगा, जिनकी कीमत 270,000 युआन ($37,330) से शुरू होती है। इसके साथ ही, कंपनी ने घोषणा की है कि वह चीन में 4,000 से अधिक अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग यूनिट्स स्थापित करेगी।

हालांकि, कंपनी ने इस चार्जिंग नेटवर्क के निर्माण की समय-सीमा या इस पर होने वाले निवेश के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। अब तक, BYD के वाहन मालिक अन्य वाहन निर्माताओं के चार्जिंग स्टेशनों या सार्वजनिक चार्जिंग पोल्स पर निर्भर रहे हैं।

टेस्ला ने 2014 में चीन में अपने सुपरचार्जर लॉन्च किए थे, जबकि BYD के छोटे प्रतिस्पर्धी जैसे Nio, Li Auto, Xpeng और Zeekr भी अपने चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार में भारी निवेश कर रहे हैं।

BYD की बिक्री और भविष्य की योजनाएँ

BYD अभी भी अपनी अधिकांश बिक्री प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के जरिए करती है। कंपनी ने 2024 में 4.2 मिलियन वाहन बेचे और 2025 में 5-6 मिलियन वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा है।

BYD की यह नई चार्जिंग तकनीक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है और टेस्ला जैसी स्थापित कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है

सैमसंग ने One UI 7 के आधिकारिक रोलआउट की घोषणा की, 7 अप्रैल से शुरू होगी नई अपडेट

नई दिल्ली, 18 मार्च 2025 – सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि One UI 7 का रोलआउट 7 अप्रैल 2025 से शुरू होगा। यह नया यूजर इंटरफेस AI-संचालित उन्नयन के साथ आता है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए उनके गैलेक्सी डिवाइसेस के साथ अधिक स्वाभाविक और सहज बातचीत सुनिश्चित करेगा। शुरुआत में यह अपडेट गैलेक्सी S24 सीरीज़, गैलेक्सी Z फोल्ड 6 और Z फ्लिप 6 पर उपलब्ध होगा और धीरे-धीरे अन्य गैलेक्सी स्मार्टफोन और टैबलेट्स तक पहुंचेगा।

नया डिज़ाइन: अधिक व्यक्तिगत अनुभव के लिए बेमिसाल बदलाव

One UI 7 एक साधारण, प्रभावशाली और अभिव्यंजक डिज़ाइन के साथ आता है, जो गैलेक्सी उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर, सरल और कस्टमाइज़ेबल अनुभव प्रदान करता है। इस अपडेट में निम्नलिखित प्रमुख बदलाव शामिल हैं:

  • सरल होम स्क्रीन: नया डिज़ाइन पहले से ज्यादा आकर्षक और सहज है।
  • फिर से डिज़ाइन किए गए One UI विजेट्स और लॉक स्क्रीन: उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन को अधिक आसानी से कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
  • Now Bar2 फीचर: यह लॉक स्क्रीन पर सबसे महत्वपूर्ण रियल-टाइम अपडेट दिखाएगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई उपयोगकर्ता सुबह की दौड़ पर है, तो वह बिना फोन अनलॉक किए अपनी प्रगति और म्यूजिक प्लेबैक देख सकता है।

बेहतर AI फीचर्स के साथ अधिक स्मार्ट अनुभव

One UI 7 उपयोगकर्ताओं को AI-संचालित अनुभवों के माध्यम से अधिक उत्पादक और रचनात्मक बनाए रखने में मदद करता है। इसमें कई स्मार्ट AI टूल्स शामिल किए गए हैं:

1. Galaxy AI: स्मार्ट टास्क मैनेजमेंट

गैलेक्सी AI का उपयोग करके, उपयोगकर्ता अपनी दैनिक गतिविधियों को सरल बना सकते हैं और बिना अलग-अलग ऐप्स में स्विच किए अपने कार्य पूरे कर सकते हैं।

2. AI Select: बुद्धिमान सुझाव
  • AI Select फीचर समझदारी से संदर्भ को समझता है और उपयोगकर्ताओं को सुझाव देता है
  • उदाहरण के लिए, यदि आप कोई वीडियो देख रहे हैं और उसे GIF में सेव करना चाहते हैं, तो बस Edge Panel को स्वाइप करें और ‘AI Select’ आइकन पर क्लिक करें।
3. Writing Assist: टेक्स्ट संपादन और स्वरूपण
  • यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को टेक्स्ट को सारांशित करने और स्वतः स्वरूपित करने में मदद करती है।
4. Drawing Assist: रचनात्मकता को बढ़ावा
  • यह टूल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट, इमेज या स्केचेस के संयोजन से विचारों को जीवंत बनाता है।
5. Audio Eraser: उन्नत ऑडियो एडिटिंग
  • यह फीचर वीडियो में अवांछित शोर को अलग करके उसे हटाने की सुविधा देता है।

One UI 7 से क्या होगा खास?

  • बेहतर परफॉर्मेंस: नई UI पहले से अधिक फास्ट और स्मूथ होगी।
  • एन्हांस्ड बैटरी लाइफ: नया अपडेट बैटरी बचत करने वाले फीचर्स के साथ आएगा।
  • सुरक्षा में सुधार: One UI 7 में बढ़ी हुई प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स दी जाएंगी।

किन डिवाइसेस को मिलेगा अपडेट?

शुरुआत में यह अपडेट केवल कुछ गैलेक्सी डिवाइसेस के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन बाद में इसे अन्य गैलेक्सी स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स के लिए भी जारी किया जाएगा। सबसे पहले इसे गैलेक्सी S24 सीरीज़, गैलेक्सी Z फोल्ड 6 और Z फ्लिप 6 के लिए जारी किया जाएगा।

सैमसंग का One UI 7 उपयोगकर्ताओं को अधिक स्मार्ट, तेज और सहज अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नए AI फीचर्स, कस्टमाइज़ेशन विकल्प और रचनात्मक टूल्स के साथ यह अपडेट गैलेक्सी डिवाइसेस को और भी पावरफुल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाएगा। यदि आप सैमसंग गैलेक्सी डिवाइस उपयोग कर रहे हैं, तो 7 अप्रैल से आने वाले इस अपडेट के लिए तैयार रहें! 🚀📱

कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ को विपक्षी नेता से मिली तारीफ, साझा किया भावुक संदेश

नई दिल्ली, 18 मार्च 2025 – बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत अपनी आगामी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में, फिल्म को लेकर एक विपक्षी नेता ने उनकी जमकर तारीफ की, जिससे कंगना काफी भावुक हो गईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने इस सराहना के लिए आभार व्यक्त किया।

कंगना रनौत ने साझा किया भावुक संदेश

कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर विपक्षी नेता द्वारा भेजा गया एक पत्र साझा किया, जिसमें उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर खूब तारीफ की गई थी। इस पत्र में कहा गया कि फिल्म भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय को दर्शाती है और यह दर्शकों को इतिहास के करीब लाने का काम करेगी।

कंगना ने इस संदेश के साथ लिखा,
“जब आपकी मेहनत को इस तरह की सराहना मिलती है, तो दिल गर्व से भर जाता है। मैंने इस फिल्म को बनाने में अपना सबकुछ लगा दिया है। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जो देश के लोगों को उस दौर की सच्चाई से रूबरू कराएगा।”

फिल्म ‘इमरजेंसी’ का विषय

कंगना रनौत द्वारा निर्देशित और अभिनीत ‘इमरजेंसी’ भारत में 1975 में लगी इमरजेंसी पर आधारित है। इस फिल्म में कंगना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों को दबाया गया था और देश किस तरह से इस संकट से उबरा।

फिल्म को लेकर विवाद और समर्थन

इस फिल्म को लेकर शुरू से ही राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है। जहां कुछ लोगों ने इसे सराहनीय प्रयास बताया, वहीं कुछ राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई है। हालांकि, अब विपक्षी नेता द्वारा आई यह प्रशंसा कंगना और उनकी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

फिल्म की स्टारकास्ट और रिलीज डेट

‘इमरजेंसी’ में कंगना रनौत के अलावा अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े, महिमा चौधरी और मिलिंद सोमन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज डेट 14 जून 2025 तय की गई है और दर्शकों को इसका बेसब्री से इंतजार है।

कंगना रनौत हमेशा से अपने बोल्ड विचारों और दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं। उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ भारतीय राजनीति के एक अहम पन्ने को पर्दे पर उतारने का प्रयास है। विपक्षी नेता की तारीफ से यह साफ हो गया है कि फिल्म को लेकर राजनीतिक विचारधाराओं से परे लोग भी इसे ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इस फिल्म को किस तरह से स्वीकार करते हैं।