Bajaj Auto के शेयरों में लगातार सातवें सत्र में गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार के कारोबार में शेयर की कीमत 3% से अधिक गिरकर ₹7,475.70 के इंट्राडे लो पर पहुंच गई। बीते एक सप्ताह में कंपनी के शेयरों में 13% से अधिक की गिरावट आ चुकी है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
तकनीकी विश्लेषण: क्या अब खरीदारी का मौका है?
Angel One के इक्विटी टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट राजेश भोसले के अनुसार,
- ऑटो सेक्टर में फिलहाल भारी दबाव बना हुआ है और हर उछाल पर बिकवाली देखने को मिल रही है।
- हालांकि, मोमेंटम ऑस्सिलेटर्स ओवरसोल्ड ज़ोन में हैं, लेकिन अभी तक कोई बुलिश रिवर्सल के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
- निवेशकों को खरीदारी से पहले बेस फॉर्मेशन या बुलिश कैंडल के बनने का इंतजार करना चाहिए।
- ₹7,050 पर अगला सपोर्ट और ₹8,000 पर रेजिस्टेंस है।
मंगलवार को Bajaj Auto का शेयर ₹7,652.10 पर ओपन हुआ और ₹7,680 के उच्चतम स्तर तक गया, लेकिन अंत में भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।
Bajaj Auto की मासिक बिक्री रिपोर्ट: गिरावट और उछाल दोनों दिखे
Bajaj Auto ने हाल ही में फरवरी 2025 की मासिक बिक्री रिपोर्ट जारी की, जिसमें घरेलू 2-व्हीलर बिक्री में 14% की गिरावट देखी गई।
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घरेलू 2-व्हीलर बिक्री:
- फरवरी 2025 में 1.46 लाख यूनिट बिकीं, जबकि फरवरी 2024 में 1.71 लाख यूनिट बिकी थीं।
- यानी 14% की गिरावट दर्ज की गई।
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2-व्हीलर निर्यात:
- निर्यात में 23% की वृद्धि हुई और फरवरी 2025 में 1.53 लाख यूनिट निर्यात की गईं।
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कमर्शियल वाहन बिक्री:
- घरेलू बाजार में 3% की वृद्धि हुई।
- जबकि निर्यात में 2% की गिरावट आई।
कुल मिलाकर बिक्री में क्या बदलाव हुआ?
- कुल घरेलू बिक्री: 11% की गिरावट (1.83 लाख यूनिट्स)।
- कुल निर्यात: 21% की वृद्धि (1.69 लाख यूनिट्स)।
क्यों गिरी बिक्री? कंपनी के टॉप अधिकारी ने क्या कहा?
Bajaj Auto के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकेश शर्मा ने CNBC-TV18 से बातचीत में बताया कि,
- फाइनेंसिंग से जुड़ी कोई समस्या नहीं है, बल्कि बिक्री में गिरावट का मुख्य कारण नकारात्मक कंज्यूमर सेंटिमेंट है।
- उन्होंने फरवरी की बिक्री में आई गिरावट को ‘चौंकाने वाला’ बताया।
- हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंडिकेटर्स मजबूत हैं और मार्च के अंत से अप्रैल की शुरुआत तक रिकवरी की उम्मीद है।
निष्कर्ष: निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
- वर्तमान में Bajaj Auto के शेयरों में भारी दबाव बना हुआ है और तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अभी कोई बुलिश सिग्नल नहीं दिख रहा।
- कंपनी की घरेलू बिक्री में गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन निर्यात में वृद्धि संतोषजनक संकेत देती है।
- निवेशकों को फिलहाल सपोर्ट लेवल ₹7,050 और रेजिस्टेंस ₹8,000 के बीच के मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने चाहिए।
- मार्च-अप्रैल में रिकवरी की उम्मीद की जा रही है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

