बुधवार, 5 फरवरी को ट्रेडिंग शुरू होने से पहले ITC होटल्स को 22 बीएसई इंडेक्स से हटा दिया गया। यह कदम कंपनी के ITC लिमिटेड से अलग होने के बाद लिया गया, जहां इसे अस्थायी रूप से सेंसेक्स और अन्य इंडेक्स में शामिल किया गया था ताकि पैसिव फंड्स को पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग करने का समय मिल सके।
ITC होटल्स ने 29 जनवरी को स्वतंत्र रूप से ट्रेडिंग शुरू की थी। बीएसई ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि “चूंकि ITC होटल्स कट-ऑफ समय तक लोअर सर्किट तक नहीं पहुंचा, इसलिए इसे सभी बीएसई इंडेक्स से हटा दिया जाएगा। यह बदलाव बुधवार को बाजार खुलने से पहले प्रभावी होगा।”
ITC होटल्स की स्वतंत्र लिस्टिंग
ITC होटल्स की स्वतंत्र लिस्टिंग भारतीय शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण कदम थी। ITC लिमिटेड ने होटल व्यवसाय को एक अलग इकाई के रूप में स्थापित किया, जिससे निवेशकों को विशिष्ट अवसरों और जोखिमों का आकलन करने का मौका मिला। 29 जनवरी को लिस्टिंग के बाद, कंपनी ने शुरुआती कारोबारी सत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन हाल के दिनों में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
शेयर बाजार और निवेशकों पर प्रभाव
ITC होटल्स को बीएसई इंडेक्स से हटाने का असर उन निवेशकों पर पड़ सकता है जो इंडेक्स फंड्स या ईटीएफ के जरिए इसमें निवेश कर रहे थे। पैसिव फंड्स को अब अपनी होल्डिंग्स को रीबैलेंस करना होगा, जिससे निकट भविष्य में शेयर की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक अस्थायी प्रभाव होगा और कंपनी के मूलभूत कारकों पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आगे की संभावनाएं
ITC होटल्स भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी है और इसका स्वतंत्र रूप से व्यापार करना इस उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। निवेशकों को अब इस स्टॉक को उसकी अपनी क्षमता के आधार पर मूल्यांकन करने का मौका मिलेगा, जो दीर्घकालिक निवेश के दृष्टिकोण से फायदेमंद हो सकता है।

