फर्जी रजिस्ट्रेशन के खिलाफ लंबे समय से जीएसटी विभाग काम कर रहा है। इसका उद्देश्य नकली GST शिकायतों को नियंत्रित करना है। GST रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने के दौरान कारोबारी से क्या गलती हुई है, इसके बारे में भी जानकारी देनी चाहिए।
GST कारोबारियों को कल बड़ी राहत मिली। केरल हाईकोर्ट ने व्यापारियों का पक्ष लिया है। अब जीएसटी विभाग रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं कर सकता।
ककेरल हाई कोर्ट ने कहा कि विभाग को सही जानकारी देनी चाहिए, जैसे GST नंबर लेते समय कारोबारी ने क्या गलत जानकारी दी या कोई फ्रॉड या तथ्य छुपाने की कोशिश की है।
GST विभाग की मनमानी के खिलाफ ये फैसला केरल हाई कोर्ट ने दिया है। इस निर्णय से कारोबारियों को बहुत राहत मिली है। कोट्टायम, केरल के एक कारोबारी अनिल कुमार मधुसूदन ने इस फैसले को सुनाया है।
GST विभाग ने कारोबारी अनिल कुमार की फर्म का रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक लाइन का शो कॉज नोटिस देकर कैंसल कर दिया था। वह इस निर्णय के खिलाफ केरल हाईकोर्ट गए। कोर्ट ने पेटिशनर को राहत दी, कहा कि विभाग ऐसा नहीं कर सकता।
CGST और SGST एक्ट 2017 के तहत विभाग को GST रजिस्ट्रेशन कैंसल या सस्पेंड करने का अधिकार दिया गया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि व्यापारी की फर्म का रजिस्ट्रेशन कैंसल नहीं किया जा सकता है बिना याचिकाकर्ता का पक्ष सुने और बिना सही और स्पष्ट कारण बताए।
GST विभाग ने लंबे समय से फर्जी रजिस्ट्रेशन को रोका है। इसका उद्देश्य नकली GST दावे को रोकना है। GST रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने में क्या गलत हुआ है या कारोबारी से क्या गलती हुई है, इसके बारे में भी जानकारी देना आवश्यक है।