नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2025: शुक्रवार, 4 अप्रैल को ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Ltd.) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के कारण आई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।
शेयरों में गिरावट का हाल
शुक्रवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में ONGC और Oil India के शेयरों में 4% से 6% तक की गिरावट देखी गई।
- ONGC के शेयर ₹268.50 के स्तर पर पहुँच गए, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग 5% की गिरावट थी।
- Oil India के शेयर ₹285.20 तक गिर गए, जो 6% की भारी गिरावट दर्शाता है।
गिरावट के प्रमुख कारण
1. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत $86 प्रति बैरल से गिरकर $81 प्रति बैरल हो गई।
- डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड ऑयल भी $80 प्रति बैरल से नीचे आ गया।
2. वैश्विक आपूर्ति में बढ़ोतरी
ओपेक (OPEC) और अन्य तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में वृद्धि की गई, जिससे बाजार में तेल की आपूर्ति अधिक हो गई और कीमतें गिर गईं।
3. अमेरिका के आर्थिक संकेतक
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने के संकेत दिए जाने से निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ।
- अमेरिका में आर्थिक सुस्ती की आशंका बढ़ने से तेल की मांग कम हुई है।
4. भारतीय बाजार पर असर
भारतीय बाजार में तेल कंपनियों के शेयर अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर करते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सरकारी तेल कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है।
- लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
- छोटी अवधि के निवेशकों के लिए स्टॉप-लॉस लगाना फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
ONGC और Oil India के शेयरों में गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण हुई है। हालांकि, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ये कंपनियाँ मजबूत हैं और आने वाले समय में बाजार स्थिर होने पर रिकवरी की संभावना है।
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(यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)

