1 जनवरी, 2024 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का पीएसएलवी-सी58 मिशन श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित होने वाला है। इस मिशन के साथ, भारतीय अंतरिक्ष तकनीकी स्टार्टअप्स के लिए अंतरिक्ष में अपने उपग्रहों को लॉन्च करने का रास्ता खुल जाएगा।
इस मिशन के तहत, कुल 13 पेलोड लॉन्च किए जाएंगे, जिनमें से 10 भारतीय स्टार्टअप्स के हैं। इन स्टार्टअप्स के पेलोड विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए हैं, जिनमें संचार, निगरानी, उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विज्ञान शामिल हैं।
इन स्टार्टअप्स में से कुछ के नाम इस प्रकार हैं:
- डी-माइक्रोसैटल: यह स्टार्टअप कृषि निगरानी और मौसम पूर्वानुमान के लिए उपग्रहों का विकास कर रहा है।
- एस्ट्रास्पेस: यह स्टार्टअप छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए एक लॉन्च वाहन विकसित कर रहा है।
- अक्षय इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज: यह स्टार्टअप उपग्रह-आधारित इंटरनेट सेवाएं प्रदान करता है।
यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह स्टार्टअप्स को अंतरिक्ष में अपने उपग्रहों को लॉन्च करने और अपने नवाचारों को दुनिया के सामने लाने में सक्षम बनाएगा।
इस मिशन के सफल होने से भारत अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ जाएगा।
इस मिशन के लिए स्टार्टअप्स ने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने अपने उपग्रहों को इसरो की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया है। इस मिशन के सफल होने से उन्हें अंतरिक्ष उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा।
यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। यह स्टार्टअप्स को अंतरिक्ष में अपने सपनों को साकार करने का अवसर देगा।
यह मिशन भारत के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारत को अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।



