भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) के बढ़ते प्रभाव और इंटरनेट की आसान उपलब्धता ने डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सर्विसेज को मुश्किल में डाल दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए, भारती एयरटेल (Airtel) और टाटा प्ले (Tata Play) एक संभावित DTH मर्जर पर विचार कर रहे हैं। अगर यह मर्जर होता है, तो यह भारत के सैटेलाइट टीवी मार्केट में सबसे बड़ा विलय साबित हो सकता है।
DTH सेक्टर की मौजूदा स्थिति
भारत में DTH सेक्टर कभी बहुत तेजी से बढ़ा था, लेकिन अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (Netflix, Amazon Prime, Disney+ Hotstar) और Jio Fiber जैसे हाई-स्पीड इंटरनेट प्रोवाइडर्स के कारण यह संघर्ष कर रहा है।
- 2020 से अब तक, DTH सब्सक्राइबर्स की संख्या में भारी गिरावट आई है।
- इंटरनेट और स्मार्ट टीवी के बढ़ते उपयोग से लोग डीटीएच छोड़कर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर जा रहे हैं।
- Tata Play और Airtel Digital TV दो बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन Dish TV और Sun Direct जैसे अन्य DTH ऑपरेटर्स को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
Airtel और Tata Play का संभावित मर्जर क्यों अहम?
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बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना:
- ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के बढ़ते प्रभाव के कारण, DTH कंपनियों को अपने मॉडल में बदलाव लाने की जरूरत है।
- मर्जर के बाद दोनों कंपनियों की साझा ग्राहक संख्या और रिसोर्सेज उन्हें Jio और अन्य डिजिटल सर्विसेज से मुकाबला करने में मदद करेंगी।
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ऑपरेशनल लागत में कमी:
- एक साथ काम करने से इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस कॉस्ट में कमी आएगी।
- मर्जर के बाद कंपनी बेहतर पैकेजिंग और सर्विस क्वालिटी पर ध्यान दे सकेगी।
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बेहतर ऑफर्स और कस्टमर बेनिफिट्स:
- यदि मर्जर सफल होता है, तो ग्राहकों को बेहतर चैनल पैकेजिंग और किफायती प्लान्स मिल सकते हैं।
- DTH सर्विस में नई AI-आधारित फीचर्स और स्मार्ट टीवी इंटीग्रेशन आने की उम्मीद है।
क्या यह मर्जर DTH इंडस्ट्री को बचा सकता है?
- विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मर्जर ही समाधान नहीं है।
- DTH कंपनियों को ओटीटी के साथ इंटीग्रेशन, हाई-स्पीड इंटरनेट प्लान्स और डिजिटल कंटेंट पर ध्यान देना होगा।
- Airtel और Tata Play को स्मार्ट TV ऐप्स, क्लाउड-आधारित सेवाओं और मल्टी-डिवाइस स्ट्रीमिंग जैसे नए फीचर्स को शामिल करना होगा।
निष्कर्ष
यदि Airtel और Tata Play का DTH मर्जर होता है, तो यह



