भारतीय सिनेमा ने एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है! ‘ऑस्कर्स 2024’ फिल्म समारोह में, भारत की एक दमदार Documentary ‘टू किल अ टाइगर’ को प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ Documentary फीचर श्रेणी के लिए नामांकित किया गया है। यह नामांकन न केवल फिल्म के लिए, बल्कि भारतीय Documentary film निर्माण के लिए भी एक गौरव का क्षण है।
‘टू किल अ टाइगर’ निर्देशक रिया सेनगुप्ता की एक शक्तिशाली कृति है, जो मानव-पशु संघर्ष के जटिल मुद्दे से निपटती है। फिल्म हमें भारत के सुंदर और जंगली सुदूर इलाकों में ले जाती है, जहां बाघों और मवेशों के बीच संघर्ष का दैनिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। फिल्म इस संघर्ष के विभिन्न पक्षों को संवेदनशीलता से उजागर करती है, जिसमें बाघों के संरक्षण की आवश्यकता, ग्रामीणों की आजीविका की चिंताएं और वन विभाग की चुनौतियां शामिल हैं।
फिल्म के केंद्र में रामकीला नाम का एक आदमी है, जो अपने भाई को बाघ के हमले में खो चुका है। फिल्म दर्शाती है कि कैसे यह घटना उसके जीवन को तबाह कर देती है और उसे बाघों के प्रति बदले की भावना से भर देती है। हालांकि, जैसा कि हम रामकीला की कहानी का अनुसरण करते हैं, हम देखते हैं कि वह धीरे-धीरे अपनी नफरत को समझने और क्षमा करने की यात्रा पर निकलता है।
‘टू किल अ टाइगर’ सिर्फ एक Documentary नहीं है, बल्कि एक मानवीय कहानी है जो हमें सहानुभूति और समझ की शक्ति की याद दिलाती है। फिल्म यह दिखाती है कि मानव और प्रकृति के बीच संघर्ष को केवल तभी हल किया जा सकता है जब हम एक-दूसरे को सुनने और एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझने का प्रयास करें।
यह नामांकन भारतीय वृत्तचित्र निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि भारतीय फिल्म निर्माता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण विषयों पर शक्तिशाली और चलती-फिरती फिल्में बना रहे हैं। ‘टू किल अ टाइगर’ की सफलता निस्संदेह भारतीय Documentaries’ के लिए वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने के नए रास्ते खोलेगी।
निर्देशक रिया सेनगुप्ता फिल्म के नामांकन से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है कि ‘टू किल अ टाइगर’ को ‘ऑस्कर्स 2024’ में सर्वश्रेष्ठ Documentary फीचर के लिए नामांकित किया गया है। यह फिल्म मेरे लिए बेहद खास है और मैं इसे दुनिया के साथ साझा करने के लिए सम्मानित महसूस करती हूं। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म मानव-पशु संघर्ष के बारे में बातचीत को प्रेरित करेगी और हमें एक-दूसरे को समझने और सहानुभूति रखने के लिए प्रेरित करेगी।”
‘टू किल अ टाइगर’ का ‘ऑस्कर्स 2024’ में नामांकन भारतीय सिनेमा के लिए एक शानदार जीत है। यह फिल्म न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही है, बल्कि मानव-पशु संघर्ष के बारे में महत्वपूर्ण बातचीत को भी प्रेरित कर रही है।



